परिधान
paridhan
Fri, 15 Aug 2025
सूत मखमली धागों का बंधन
लाल सुनहरी गोटे की झालर
रेशे रेशे की बख़ूब कारीगरी
आँचल में समेटे प्रीत की डोरी
लाल सुनहरी गोटे की झालर
रेशे रेशे की बख़ूब कारीगरी
आँचल में समेटे प्रीत की डोरी
नारी की आन बान शान
आत्म विश्वास की पहचान
श्रृंगार सजी रंगीली पोशाक
सत्य सहज निर्णय की धाक
सभ्यता उजला स्वरूप रूप
सरल संस्कृति मानक प्रतीक
हर मौसम उत्सव की छाप
बड़े चाव से पहनिए आप
अनूठी धरोहर की पहचान
तन ओढ़ा जैसे स्वाभिमान
सरल सजीली इसकी शान
खिलता निखरता ये परिधान
पीला लाल गुलाबी रेशा
बुनकर खिली वेशभूषा
मन भाये लुभाए हर्षित रहे
ज़री खिले मोती महकें
ये कारीगरी दमकती रहे।
