दो बेटियों की माँ ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर दी जान, बिजनौर की घटना ने झकझोरा
घटना का विवरण
मोनिका ने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि एक लड़का उसे लंबे समय से ब्लैकमेल कर रहा था। इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उसने अपनी जान देने का फैसला किया। नोट में उसने अपने पति से माफी मांगते हुए लिखा, "आई लव यू पति देव जी, हो सके तो मुझे माफ कर देना... मुझे मरना होगा।" यह शब्द मोनिका की बेबसी और डर को दर्शाते हैं।
आत्महत्या से ठीक पहले मोनिका ने अपने मायके वालों को वीडियो कॉल की थी। उस समय वह रो रही थी, लेकिन दुर्भाग्यवश मायके वालों ने इसे सामान्य घरेलू विवाद समझ लिया और अनहोनी की आशंका नहीं जताई। जिस वक्त मोनिका ने फंदा लगाया, उसकी दोनों छोटी बेटियाँ पास ही चारपाई पर सो रही थीं, जो इस त्रासदी को और भी मार्मिक बना देता है।
कानूनी और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण बातें
ऐसी परिस्थितियों में कानून और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग का जिक्र होने के आधार पर पुलिस 'आत्महत्या के लिए उकसाने' (IPC की धारा 306) और 'ब्लैकमेलिंग' के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू करती है। आरोपी की पहचान के लिए फोन कॉल्स और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाला जाता है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में चुप रहना समाधान नहीं है। प्रताड़ना की स्थिति में पुलिस की 'वीमेन पावर लाइन' (1090) या नजदीकी थाने में रिपोर्ट करना जान बचा सकता है। अगर कोई व्यक्ति अचानक असामान्य व्यवहार करे या फोन पर रोए, तो उसे हल्के में लेने के बजाय गहराई से बात करना और उसका साथ देना जरूरी है।
