“वक्त फिसल रहा है, काश यह पहले सीख लेते” — अमिताभ बच्चन का ब्लॉग और बदलते दौर की सच्चाई
आज हम बात करने वाले हैं बॉलीवुड के शहंशाह, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की। बिग बी सिर्फ अपनी शानदार फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने गहरे और सोचने पर मजबूर कर देने वाले ब्लॉग्स के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ब्लॉग में कुछ ऐसी बातें लिखी हैं, जो दिल को छू जाती हैं और दिमाग को झकझोर देती हैं। ब्लॉग का टाइटल है – “वक्त फिसल रहा है, काश यह पहले सीख लेते”। आखिर क्या है वो सोच, क्या है वो डर, जो अमिताभ बच्चन को आज भी परेशान करता है? चलिए, एक-एक करके समझते हैं।
सबसे पहले ये जानना ज़रूरी है कि अमिताभ बच्चन पिछले कई सालों से अपने पर्सनल ब्लॉग पर ज़िंदगी के अलग-अलग पहलुओं पर खुलकर लिखते आ रहे हैं। उम्र, समय, काम का दबाव, बदलती तकनीक और सीखने की प्रक्रिया – वो हर बात को बड़ी ईमानदारी से शब्दों में ढालते हैं। इस बार उन्होंने सीखने को लेकर अपनी फीलिंग्स शेयर की हैं। उनका कहना है कि इंसान हर दिन कुछ नया सीखता है, लेकिन इसके साथ एक अफसोस भी जुड़ा रहता है – “काश ये सब पहले सीख लिया होता।”
लेकिन बिग बी खुद कहते हैं कि ये अफसोस पूरी तरह जायज़ भी नहीं है, क्योंकि जो टेक्नोलॉजी आज हम सीख रहे हैं, वो पहले थी ही नहीं। उम्र बढ़ने के साथ एनर्जी कम होती है, चीज़ों को समझने में वक्त ज़्यादा लगता है, और यही सच्चाई उन्हें बार-बार सोचने पर मजबूर करती है। क्या आपको भी कभी ऐसा लगा है? ज़रूर कमेंट में बताइएगा।
अब बात करते हैं उस डर की, जिसका ज़िक्र बिग बी ने अपने ब्लॉग में किया है। उन्होंने लिखा कि आज की दुनिया में टेक्नोलॉजी इतनी तेज़ी से बदल रही है कि जब तक हम किसी नई चीज़ को ठीक से समझ पाते हैं, तब तक वो पुरानी हो चुकी होती है। हर दिन नए सिस्टम्स, नए टूल्स और नए इनोवेशन सामने आ रहे हैं। खासकर उम्र बढ़ने के बाद, इन सबके साथ खुद को अपडेट रखना और भी मुश्किल लगने लगता है।
अपने अनुभव शेयर करते हुए अमिताभ बच्चन एक बेहद ज़रूरी और प्रैक्टिकल सलाह देते हैं। वो कहते हैं कि किसी भी काम में सबसे पहले उसकी मजबूत नींव तैयार करो। उसके बाद उस काम को आगे बढ़ाने के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट्स, स्किल्ड लोग और स्पेशलिस्ट्स को ज़िम्मेदारी सौंप दो। इससे न सिर्फ काम बेहतर होता है, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होती है। अगर आप बिज़नेस में हैं या जॉब करते हैं, तो यकीन मानिए – ये सलाह आपके लिए सोने जैसी है।
इसके बाद बिग बी एक बहुत ही इंटरेस्टिंग और ज़रूरी सवाल उठाते हैं – अगर कोई काम हमें खुद नहीं आता, तो क्या हमें उसे छोड़ देना चाहिए? उनका जवाब है – बिल्कुल नहीं! इसमें शर्माने की कोई बात नहीं है। अगर किसी चीज़ में आप एक्सपर्ट नहीं हैं, तो उसे स्वीकार कीजिए और उस फील्ड के एक्सपर्ट्स की मदद लीजिए। सिर्फ इसलिए किसी मौके को मत छोड़िए कि आपको सब कुछ खुद नहीं आता।
वो कहते हैं कि एक्सपर्ट्स को हायर करने में पैसा ज़रूर लगता है, लेकिन ये खर्च नहीं, बल्कि एक इन्वेस्टमेंट है। इससे कंट्रोल आपके हाथ में रहता है और टेक्निकल काम प्रोफेशनल्स संभालते हैं। जैसे मान लीजिए आप एक ऐप बनाना चाहते हैं, लेकिन आपको कोडिंग नहीं आती – तो क्या आप सपना छोड़ देंगे? नहीं! आप किसी अच्छे डेवलपर को हायर करेंगे। बस यही सोच ज़रूरी है।
यहीं से आता है आउटसोर्सिंग का कॉन्सेप्ट। बिग बी इसे बड़े आसान शब्दों में समझाते हैं। आउटसोर्सिंग का मतलब है – काम आपके नाम से होता है, लेकिन उसे करने की ज़िम्मेदारी आप ज्यादा काबिल लोगों को देते हैं। इससे बड़े लेवल पर काम करना आसान हो जाता है और आपको हर चीज़ खुद सीखने के प्रेशर से भी छुटकारा मिलता है। पुराने ज़माने में लोग काम न आने पर सिर्फ अफसोस करते थे, लेकिन आज आउटसोर्सिंग ने पूरा गेम बदल दिया है।
और आखिर में, अमिताभ बच्चन ने AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जमकर तारीफ की है। उन्होंने बताया कि जब वो किसी सही शब्द पर अटक जाते हैं, तो AI की मदद लेते हैं और सेकंड्स में जवाब मिल जाता है। डिजिटल टूल्स ने सीखने की प्रक्रिया को आसान और तेज़ बना दिया है। सोचिए – जब अमिताभ बच्चन जैसे लीजेंड AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हम क्यों पीछे रहें?
इस पूरे ब्लॉग का सबसे बड़ा मैसेज यही है कि उम्र कोई बैरियर नहीं है, बस सोच और अप्रोच सही होनी चाहिए। बदलते वक्त के साथ चलना ज़रूरी है, लेकिन स्मार्ट तरीके से।
तो दोस्तों, ये था अमिताभ बच्चन के लेटेस्ट ब्लॉग का सार। क्या ये बातें आपको भी इंस्पायर करती हैं? अपनी राय कमेंट में ज़रूर शेयर करें।
