दिलजीत दोसांझ को बड़ा झटका: रिलीज के महज 3 दिन बाद OTT से अचानक हटाई गई फिल्म 'सतलुज', फैंस हैरान
दर्शकों के बीच अचानक रुकी स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया पर बढ़ी बेचैनी
यह मामला तब सामने आया जब वीकेंड पर कई दर्शकों ने सोशल मीडिया (X और इंस्टाग्राम) पर शिकायत की कि फिल्म देखते-देखते अचानक बीच में ही रुक गई। कई अन्य यूजर्स ने दावा किया कि जब उन्होंने सर्च बार में फिल्म का नाम ढूंढा, तो वह प्लेटफॉर्म पर नजर ही नहीं आ रही थी।
शुरुआत में इसे तकनीकी खराबी (Technical Glitch) माना जा रहा था, लेकिन बढ़ती शिकायतों के बीच ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। प्लेटफॉर्म ने पुष्टि की है कि 'सतलुज' को अगले आदेश तक के लिए भारत में प्रतिबंधित/हटा दिया गया है।
Zee5 ने जारी किया आधिकारिक बयान: 'क्रिएटिव ईमानदारी के साथ खड़े हैं'
दर्शकों की भारी निराशा को देखते हुए जी5 (Zee5) ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऑफिशियल नोट साझा किया है। रिलीज के बाद से ही 'सतलुज' को दर्शकों से जो प्रतिक्रिया मिली है, वह वास्तव में अद्भुत है। हम हर उस व्यूअर के आभारी हैं जिसने इस बेहतरीन कहानी को अपना समर्थन दिया। आपका यह प्यार फिल्म की पूरी स्टारकास्ट और मेकर्स के लिए बेहद अनमोल है। Zee5 आज भी 'सतलुज' और इसकी क्रिएटिव सोच के साथ मजबूती से खड़ा है। हमारा मानना है कि एक दमदार कहानी में समाज पर गहरा असर छोड़ने की क्षमता होती है।"
फिल्म की वापसी को लेकर क्या है योजना?
बयान में आगे कहा गया, "कुछ अपरिहार्य और मौजूदा परिस्थितियों के कारण 'सतलुज' को प्लेटफॉर्म से अस्थाई रूप से हटाना पड़ा है। यह फिल्म अगले आदेश तक भारत में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध नहीं होगी। हालांकि, हम उचित कानूनी और तय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इस फिल्म को जल्द से जल्द अपने दर्शकों के बीच वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।"
4 साल का लंबा इंतजार और 'पंजाब 95' से 'सतलुज' बनने का सफर
आपको बता दें कि यह फिल्म शुरुआत से ही विवादों के साये में रही है। पहले इस फिल्म का नाम 'पंजाब 95' रखा गया था। फिल्म की कहानी मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित है। संवेदनशील विषय होने के कारण फिल्म को सेंसर बोर्ड (CBFC) और अन्य मोर्चों पर कई कट और बदलावों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते यह करीब 4 साल की देरी से रिलीज हो पाई थी।
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी इस बायोग्राफी में दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि उनके साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान जैसे दमदार कलाकार मुख्य किरदारों में हैं।
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी जताई थी राय
हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा सांसद हरभजन सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर इस फिल्म की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने लिखा था कि जसवंत सिंह खालड़ा की यह कहानी सरकारी सत्ता के दुरुपयोग और बेगुनाहों के दर्द को बयां करती है। उन्होंने सच को सामने लाने के लिए दिलजीत दोसांझ और निर्देशक हनी त्रेहान के साहस की सराहना की थी।
फैंस में निराशा, अगले अपडेट का इंतजार
फिल्म को क्रिटिक्स से बेहतरीन रिव्यू मिल रहे थे और इसे दिलजीत दोसांझ के करियर की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस बताया जा रहा था। ऐसे में रिलीज के तुरंत बाद फिल्म का इस तरह हटाया जाना सिनेमा प्रेमियों को निराश कर गया है। अब देखना होगा कि Zee5 किस 'सही प्रक्रिया' के जरिए इस फिल्म को दोबारा लाइव करता है और दर्शकों का यह इंतजार कब खत्म होता है।
