Actress Tabu Interview: आज भी तब्बू को लगता है इस बात से डर, इंटरव्यू में निजी जिंदगी के खोले राज

Actress Tabu Interview: Even today Tabu is afraid of this thing, revealed secrets of her personal life in the interview
Actress Tabu Interview: आज भी तब्बू को लगता है इस बात से डर, इंटरव्यू में निजी जिंदगी के खोले राज
Actress Tabu Interview: मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली। फिल्म विजयपथ में तब्बू और अजय देवगन की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आई थी। उसके बाद हकीकत, गोलमाल अगेन, दृश्यम फ्रेंचाइज, दे दे प्यार दे, भोला जैसी फिल्मों में साथ काम किया। अब यह जोड़ी ''औरों में कहां दम था'' में नजर आएगी। इसके अलावा तब्बू अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट ड्यून : प्रोफेसी भी कर रही हैं। उन्होंने फिल्म समेत कई मुद्दों पर बातचीत की 

1. आपके लिए कहा जाता है कि लोग सोचते रह जाते हैं और आप नए विषयों में बाजी मार ले जाती हैं... 

सच कहूं, तो इसकी तह तक जाना कठिन है कि मैं कैसे समझ लेती हूं कि यह कंटेंट अलग है, चल जाएगा। मुझे लगता है कि आपका अनुभव यहां काम आता है। आपकी समझ, प्रेरणा और प्राथमिकताएं होती हैं, किस तरह से आप काम करते हैं। उस दुनिया और सिनेमा के बारे में समझ होती है। उन सब का मिश्रण होता है, उसको लेकर आप अपना फैसला ले लेते हैं। कहानी और किरदार मेरे लिए जरूरी है कि वह मुझे समझ आए। फिर वह किरदार बड़ा हो, छोटा हो, मुझे वह प्रासंगिक लगना चाहिए। 

2- माचिस फिल्म के सेट पर गुलजार साहब ने जो प्रक्रिया सिखाई, क्या वह आपके साथ हमेशा रह गई? 

वह कभी किसी को कुछ सिखाते नहीं हैं, लेकिन जिस भरोसे और प्यार से उन्होंने हम सबसे काम करवाया, वह कमाल था। हम सब नए थे। जिमी शेरगिल की पहली फिल्म थी। उन्होंने अहम किरदार दिए, राजनीतिक तौर पर सशक्त फिल्म का हिस्सा बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी। तब समझ नहीं आता था लेकिन वह प्यार भरोसा, लाड-प्यार से आपको बहुत सी चीजें सीखा जाते हैं। आंतरिक सफर या प्रक्रिया का अंदाजा लग जाता है कि ऐसे भी आराम से काम हो सकता है। आपको सेल्फ डिस्कवरी के लिए जगह मिल जाती है। जब आपका कैप्टन आफ द शिप प्यार से काम करवाता है कि लगे ही नहीं कि आपसे कोई काम करवा रहा है, तो आप सीखते हैं। एक्टिंग और सिनेमा ऐसी चीज है जो ज्यादातर जज्बात और रिश्तों पर निर्भर करती है। उस फिल्म के बाद खुद के क्रिएटिव प्रोसेस पर आत्मविश्वास आ गया था, क्योंकि उन्होंने खुली छूट दे दी थी। 

3-विजयपथ के बाद फिर अजय के साथ प्रेम कहानी आधारित औरों में कहां दम था कर रही है....

मैं इसे सिर्फ एक लव के तौर पर नहीं देखती हूं। कहानी के किरदारों की जिंदगी की कहानी है। उनकी जिंदगी का हिस्सा प्यार, मुहब्बत और जो हादसे होते हैं, वह भी हैं। अच्छी बात है कि दो किरदारों को गहरा प्यार और उनकी मुश्किलें उनके सफर में नजर आएगी। वह सफर खत्म होता है या नहीं यह भी सवाल छोड़ेगी। 

4. कब लगा दम दिखाने की जरुरत है? 

कई बार आपको चीजें को जाने देना होता है, ताकि अपना रास्ता बना सके और वह पा सके जो आपको चाहिए ही होता है। कुछ परिस्थितियां होती हैं, जो आपको तय करनी होता हैं कि इस मामले में मैं इतनी आगे नहीं जाऊंगी और इस मामले में मैं समझौता कर सकती हूं, तो वह आपकी प्राथमिकताओं पर होता है। 

5. कौन सी चीजें हैं, जिसे नजरअंदाज करना आपको जरूरी लगता है?

बहुत सी चीजें हैं, जो करनी चाहिए। कई बार कुछ लोगों को देखा है कि जो जरूरी नहीं है, उसके बारे में सोचने के लिए बहुत जगह और समय दे देते हैं। जो जरूरी चीजें है, उसका ध्यान नहीं देते हैं। मुझे लगता है हमें प्राथमिकताएं समझनी चाहिए कि किन चीजों को इग्नोर करने में समझदारी है और किसको बिल्कुल इग्नोर नहीं करना चाहिए। सीखते-सीखते ही जिंदगी में चीजें आती हैं। इंडस्ट्री के इस पेशे में मिलकर एक नतीजे पर पहुंचना चाहिए कि इसको इग्नोर करते हैं, इसको अहमियत देते हैं, सबकी अपनी जर्नी होती है। 

6. पैन इंडिया (अखिल भारतीय) फिल्मों को कैसे देखती हैं। आपने तो कई भाषाओं में काम किया है... 

(हंसते हुए) मुझे तो हर जगह खींचा जाता है। जब आसानी होती है साउथ की एक्ट्रेस मुझे बोल देते हैं। कभी पैन इंडिया बोल देते हैं। मुझे खुद समझ में नहीं आता है कि मैं किस कैटेगरी में हूं। मैंने कई भाषाओं में फिल्में की हैं। मेरे लिए किरदार की जर्नी और अपनी परफार्मेंस मायने रखती है। 

7- लोगों को तो आपसे डर लगता है। आपको किससे डर लगता है?

(हंसते हुए) सिर्फ अपनी मम्मी को देखकर डर लगता है। देर से घर आने पर उनके सवालों से डर लगता है कि अब तक घर क्यों नहीं आई, जो सवाल हर मां का होता है।

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