'चिल्ड्रन ऑफ गॉड' का पोस्टर रिलीज: पहचान और आत्म-स्वीकृति की एक मर्मस्पर्शी दास्तां, जो झकझोर देगी दर्शकों का दिल
साईं भक्ति से सामाजिक सरोकार तक: औशिम खेतरपाल की नई पहल
साईं बाबा के जीवन पर आधारित प्रोजेक्ट्स के माध्यम से आध्यात्मिक पहचान बनाने वाले औशिम खेतरपाल इस बार एक बेहद साहसी और संवेदनशील विषय के साथ लौटे हैं। फिल्म के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा यह फिल्म उन लोगों की सच्चाई है जिन्हें समाज अनसुना कर देता है। खुद को उसी रूप में स्वीकार करना, जो आप असल में हैं, सबसे बड़ा साहस है।"
अमित से अमिता तक का सफर: एक भावनात्मक यात्रा
फिल्म की कहानी 'अमित' के 'अमिता' बनने के चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायी सफर पर आधारित है। यह केवल लिंग परिवर्तन या पहचान की कहानी नहीं है, बल्कि अस्वीकृति, दर्द और अंततः खुद को अपनाने की एक गहरी आध्यात्मिक यात्रा है।
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निर्देशन: आशीष सक्सेना के अनुसार, फिल्म को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ फिल्माया गया है ताकि दर्शक किरदारों के साथ जुड़ सकें।
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मुख्य भूमिका: अभिनेता आकाश वर्मा ने इस किरदार को निभाया है। उन्होंने इसे एक बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि यह रोल उनके लिए उन भावनाओं को महसूस करने का जरिया बना, जिनसे समाज का एक बड़ा हिस्सा रोज गुजरता है।
समाज को आइना दिखाती एक 'कमिंग-ऑफ-एज' फिल्म
‘चिल्ड्रन ऑफ गॉड’ केवल एक सोशल ड्रामा नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक फिल्म है जो पहचान (Identity) और गरिमा (Dignity) के सवालों पर दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। फिल्म का पोस्टर ही संवेदनाओं का आईना लग रहा है, जो इसकी गहराई को बयां करता है।

फिल्म का सार:
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विषय: पहचान, अस्वीकृति और आत्म-स्वीकृति (Self-Acceptance)।
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निर्माता: औशिम खेतरपाल।
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निर्देशक: आशीष सक्सेना।
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मुख्य कलाकार: आकाश वर्मा।



