भोजपुरी सिनेमा में आर-पार: अक्षरा सिंह के 'ज्ञान' पर अंजलि राघव का तीखा पलटवार, पुराने रिश्तों के खुले राज
अक्षरा सिंह का विवादित बयान: "मैं होती तो उठाकर फेंक देती
पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब अक्षरा सिंह मशहूर होस्ट सिद्धार्थ कनन के पॉडकास्ट में शामिल हुईं। यहाँ उन्होंने पवन सिंह और अंजलि राघव की हालिया कंट्रोवर्सी पर अपनी राय रखी। अक्षरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में लड़की (अंजलि) की भी गलती थी। उन्होंने कड़े लहजे में कहा अगर मैं उसकी जगह होती, तो एक सेकंड में उठाकर नीचे फेंक देती। यहाँ गलती सिर्फ सामने वाले की नहीं है।"अक्षरा के इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी। जहाँ कुछ फैंस उनके बेबाक अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई लोग इसे 'विक्टिम शेमिंग' (पीड़िता को दोष देना) करार दे रहे हैं।
अंजलि राघव का करारा जवाब: "आधी जानकारी लेकर लेक्चर देना आसान है
अक्षरा सिंह की इस टिप्पणी पर अंजलि राघव खामोश नहीं रहीं। एक ताजा इंटरव्यू में अंजलि ने अक्षरा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पॉडकास्ट में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करना और हकीकत का सामना करना, दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है।
अंजलि ने अक्षरा को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "अक्षरा जी को पता ही नहीं है कि उस दिन असल में क्या हुआ था। आधी-अधूरी जानकारी के दम पर ज्ञान देना बहुत आसान है।"
पुराने जख्मों को कुरेदा: पवन सिंह के साथ अक्षरा के रिश्ते पर सवाल
अंजलि राघव ने इस विवाद में अक्षरा सिंह के अतीत को भी खींच लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अक्षरा और पवन सिंह के बीच विवाद चरम पर था, तब अक्षरा ने खुद क्या ठोस कदम उठाए थे?
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अंजलि का आरोप: पवन सिंह को इंडस्ट्री में इस तरह के व्यवहार के लिए बढ़ावा सबसे ज्यादा अक्षरा ने ही दिया।
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पब्लिक बिहेवियर: अंजलि ने दावा किया कि स्टेज पर पवन सिंह अक्सर अक्षरा को गोद में उठा लेते थे या किस कर लेते थे, लेकिन अक्षरा ने कभी इसका विरोध नहीं किया।
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अतीत की कड़वाहट: अंजलि ने पवन सिंह की पत्नी के पुराने दावों (प्रेग्नेंसी संबंधी) का जिक्र करते हुए पूछा कि अगर इतना सब हुआ था, तो अक्षरा ने उस वक्त पवन सिंह को क्यों नहीं रोका?
सहमति के बिना छूना 'बैड टच' है
अंजलि राघव ने अपने रुख को साफ करते हुए कहा कि उनके लिए स्टेज पर जो हुआ वो 'बैड टच' की श्रेणी में आता है। उन्होंने तर्क दिया कि चाहे कोई बॉयफ्रेंड हो या सह-कलाकार, सार्वजनिक मंच पर बिना परमिशन के किसी को छूना गलत है। उन्होंने अक्षरा पर तंज कसते हुए कहा, "सालों बाद अब खुद को शरीफ दिखाना और दूसरों को उपदेश देना बहुत आसान है, लेकिन जब आपका वक्त था तब आप कुछ नहीं बिगाड़ पाईं।"
कौन सही, कौन गलत?
भोजपुरी इंडस्ट्री की यह अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक तमाशा बन चुकी है। एक तरफ अक्षरा सिंह की 'बोल्ड इमेज' है, तो दूसरी तरफ अंजलि राघव का अपने सम्मान के लिए स्टैंड लेना। सोशल मीडिया अब दो गुटों में बंट गया है।
