ग्लोबल चार्ट्स पर ढांडा न्योलीवाला का 'कोहराम': रीजनल हिप-हॉप को दिलाई वैश्विक पहचान

Dhanda Nyoliwala's 'Kohram' on Global Charts: Giving Regional Hip-Hop a Global Identity
 
ggg
मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय रीजनल हिप-हॉप के इतिहास में साल 2026 एक बड़े बदलाव के रूप में दर्ज किया जा रहा है, और इस क्रांति के नायक बनकर उभरे हैं ढांडा न्योलीवाला। अपनी धारदार आवाज़ और देसी अंदाज़ से उन्होंने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया है। उनके हालिया एल्बम 'कोहराम' ने ग्लोबल चार्ट्स में #7 स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

'नॉट गिल्टी' की अविश्वसनीय सफलता

ढांडा न्योलीवाला की इस सफलता की नींव उनके वायरल हिट 'नॉट गिल्टी' (Not Guilty) ने रखी। इस गाने के ऑफिशियल म्यूजिक वीडियो ने 73 मिलियन से अधिक व्यूज़ का आंकड़ा पार कर लिया है। यह ट्रैक अब महज़ एक गाना नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक लहर बन चुका है, जिसने हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

'कोहराम': भावनाओं और ऊर्जा का संगम

एल्बम 'कोहराम' में ढांडा ने अपनी कला के कई रंगों को पिरोया है। यह एल्बम एक कलाकार के रूप में उनके विकास को दर्शाता है:

  • एनर्जी से भरपूर: No Fluke, Tension और Deadly Zone जैसे गाने श्रोताओं में जोश भर देते हैं।

  • भावनात्मक गहराई: Nobody Came, Forever और Vomit On Paper जैसे गानों के जरिए उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों, दबाव और आत्म-चिंतन को बिना किसी फ़िल्टर के पेश किया है।

दिग्गज कलाकारों का साथ

इस एल्बम को और भी खास बनाने में Ron Likhari, Miki Malang, Hammy Muzic और Xvir Grewal जैसे कलाकारों का अहम योगदान रहा है। इन सहयोगों (Collaborations) ने संगीत में विविधता और समृद्धि जोड़ी है, जो ढांडा के व्यापक संगीत दृष्टिकोण को उजागर करती है।

"यह तो बस शुरुआत है" — ढांडा न्योलीवाला

वैश्विक स्तर पर मिल रही इस शानदार प्रतिक्रिया से उत्साहित ढांडा न्योलीवाला ने कहा कोहराम’ मेरी जिंदगी के अनुभवों का निचोड़ है। इसमें हर गाने की अपनी एक कहानी और अलग एनर्जी है। लोगों का इससे इस कदर जुड़ना और ‘नॉट गिल्टी’ को मिल रहा बेहिसाब प्यार मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं बस इतना ही कहूँगा कि यह तो अभी शुरुआत है।"

ढांडा न्योलीवाला ने यह साबित कर दिया है कि अगर संगीत में सच्चाई और मिट्टी की खुशबू हो, तो भाषा की दीवारें मायने नहीं रखतीं। 'कोहराम' सिर्फ गानों का संग्रह नहीं, बल्कि महत्वाकांक्षा और संघर्ष की वह दास्तां है जिसे आज का युवा अपनी कहानी मान रहा है।

Tags