क्या वाकई अनुपम खेर ने कहा "पैसा ही सबकुछ है"? वायरल बयान के पीछे की पूरी सच्चाई
Did Anupam Kher say money is everything?
Anupam Kher viral statement
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर इन दिनों एक वायरल बयान को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि उन्होंने कहा – “पैसा ही सबकुछ होता है…”। यह बयान उनकी हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म "तन्वी द ग्रेट" और मोहित सूरी की फिल्म "सैयारा" की बॉक्स ऑफिस पर तुलना के संदर्भ में सामने आया है। लेकिन क्या यह बयान सही मायनों में अनुपम खेर की सोच को दर्शाता है? या फिर यह मीडिया द्वारा बनाया गया एक और वायरल नैरेटिव है?
चलिए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं।
दो फिल्मों की टक्कर: तन्वी द ग्रेट vs सैयारा
18 जुलाई 2025 को दो बहुप्रतीक्षित फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुईं:
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तन्वी द ग्रेट – अनुपम खेर की डायरेक्शन में वापसी के रूप में चर्चित, यह फिल्म एक ऑटिस्टिक लड़की की Indian Army में भर्ती होने की प्रेरणादायक कहानी है। फिल्म में शुभांगी दत्त, जैकी श्रॉफ, बोमन ईरानी, पल्लवी जोशी और अरविंद स्वामी जैसे दिग्गज कलाकारों ने अभिनय किया है।
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सैयारा – मोहित सूरी द्वारा निर्देशित, यह एक रोमांटिक ड्रामा है जिसमें यशराज बैनर के तहत अहान पांडे और अनीत पड्डा ने डेब्यू किया। इस फिल्म ने पहले हफ्ते में ही ₹150 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली और इसे साल की सबसे बड़ी हिट्स में गिना जा रहा है।
वहीं, तन्वी द ग्रेट बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रही, पहले दिन ₹40 लाख की कमाई और एक हफ्ते में ₹2 करोड़ का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। फिल्म का बजट करीब ₹50 करोड़ था, जिसे अनुपम खेर ने अपनी जमा-पूंजी और दोस्तों से उधार लेकर पूरा किया।
वायरल बयान: “पैसा ही सबकुछ होता है...” – सच या भ्रम?
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स और न्यूज़ हेडलाइंस में यह दावा किया गया कि अनुपम खेर ने सैयारा की सफलता और अपनी फिल्म की असफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पैसा ही सबकुछ होता है…”।
लेकिन जब उनके असली इंटरव्यू और वीडियो पोस्ट्स देखे गए, तो सामने आया कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा। बल्कि उन्होंने मोहित सूरी और YRF की टीम को खुले दिल से बधाई दी, और सैयारा की सफलता की सराहना की।
अनुपम खेर ने कहा:
“सैयारा ने अपने जादू से देश को मंत्रमुग्ध कर दिया है। YRF मेरा परिवार है। वहीं, तन्वी द ग्रेट को प्यार और इज़्ज़त मिल रही है — और वो मेरे लिए काफी है।”
तन्वी द ग्रेट: पैसे से नहीं, दिलों से जीती हुई फिल्म
अनुपम खेर ने अपने एक वीडियो में बताया कि उन्होंने इस फिल्म को बनाने के लिए अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी, लेकिन फिल्म के फ्लॉप होने के बावजूद उन्हें कोई पछतावा नहीं है। खास बात यह रही कि उनकी कास्ट — जैकी श्रॉफ, पल्लवी जोशी, बोमन ईरानी — सभी ने बिना फीस लिए काम किया और कहा,
“हमने तुमसे पैसे मांगे क्या?”
यह बात बताती है कि सच्चा सिनेमा सिर्फ पैसे से नहीं, रिश्तों और विश्वास से बनता है।
महेश भट्ट की राय: "तन्वी द ग्रेट आत्मा के लिए सिनेमा है"
फिल्म निर्देशक महेश भट्ट, जो मोहित सूरी के मेंटर और अनुपम खेर के करीबी मित्र हैं, ने दोनों फिल्मों पर टिप्पणी करते हुए कहा:
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सैयारा एक हिट फिल्म है, लेकिन उसमें ओरिजिनैलिटी की कमी है।
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तन्वी द ग्रेट “आत्मा के लिए सिनेमा” है, और समाज के सबसे कमजोर वर्ग की आवाज़ है।
उन्होंने अनुपम खेर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाना है।
शुभांगी दत्त का डेब्यू और दर्शकों की प्रतिक्रिया
फिल्म में तन्वी का किरदार निभाने वाली शुभांगी दत्त, अनुपम खेर के एक्टिंग स्कूल की स्टूडेंट हैं। उन्होंने अपने डेब्यू में ही दर्शकों और आलोचकों से खूब तारीफें बटोरीं।
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फिल्म को IMDb पर 9.2 की रेटिंग मिल रही है।
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ऑटिस्टिक बच्चों के परिवारों ने इसे "representation with dignity" बताया।
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फिल्म को दिल्ली और मध्य प्रदेश में टैक्स-फ्री घोषित किया गया है।
निष्कर्ष: क्या सिनेमा सिर्फ बॉक्स ऑफिस है?
तन्वी द ग्रेट भले ही बॉक्स ऑफिस पर सैयारा से पीछे रह गई, लेकिन उसने लाखों दिलों को छू लिया। अनुपम खेर का ये मानना है कि:
“एक फिल्म को पैसा मिलता है, दूसरी को प्यार। मैं खुश हूँ कि मेरी फिल्म को प्यार मिला।”
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क्या अनुपम खेर की फिल्म को सैयारा से क्लैश नहीं करना चाहिए था?
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क्या आज के दौर में सच्ची कहानियों पर बनी फिल्मों को ज्यादा सपोर्ट मिलना चाहिए?
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