दिव्या पाटिल ने ‘माना के हम यार नहीं’ में लीड रोल को लेकर साझा की अपनी भावनाएँ
खुशी एक साधारण लेकिन मजबूत लड़की है, जो इस्त्रीवाली के रूप में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती है। उसकी ज़िंदगी मेहनत, जिम्मेदारी और संघर्ष से भरी है। दूसरी ओर कृष्णा एक चालाक और स्ट्रीट स्मार्ट इंसान है, जो अपनी चतुराई और ठगी भरे तरीकों से आगे बढ़ता है।
दिव्या पाटिल का अनुभव
खुशी की भूमिका निभा रही दिव्या पाटिल ने शो का हिस्सा बनने पर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा स्टार प्लस के इस शो का हिस्सा बनकर मैं बेहद उत्साहित हूँ। लीड रोल निभाना मेरे लिए एक बड़ा अवसर है। यह किरदार मेरे लिए चुनौतीपूर्ण भी है और खास भी, क्योंकि मैंने इसे गणेशोत्सव के दौरान साइन किया था, जिसने इसे मेरे और मेरे परिवार के लिए शुभ शुरुआत बना दिया।”
किरदार से जुड़ाव
अपने किरदार को लेकर दिव्या आगे कहती हैं: “जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट सुनी, तो मुझे खुशी का जज़्बा और कहानी की गहराई बहुत पसंद आई। खुशी एक मज़बूत, निडर और मेहनती लड़की है, जो अपने परिवार के लिए हर परिस्थिति से लड़ना जानती है। वह स्मार्ट है, भावुक है और बेहद सहनशील भी। मुझे इसमें अपनी झलक दिखाई देती है, खासकर अपने पिता के साथ उसके रिश्ते में। परिवार मेरे लिए भी सबसे पहले है, और यही कारण है कि यह किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है।”
शो की झलक
दर्शकों को इस शो में प्यार, संघर्ष और हिम्मत का शानदार मेल देखने को मिलेगा। तो तैयार हो जाइए, ‘माना के हम यार नहीं’ देखने के लिए – 7 अक्टूबर से, हर रात 8 बजे, सिर्फ स्टार प्लस पर।
