जया बच्चन और संजीव कुमार: एक अधूरी कहानी, जो आज भी फिल्मी दुनिया में याद की जाती है
आज हम बात करने वाले हैं बॉलीवुड की उस सादगी भरी लेकिन बेहद ताकतवर अभिनेत्री की, जिन्होंने न सिर्फ़ अपने अभिनय से सबको हैरान किया बल्कि अपनी निजी ज़िंदगी के कई राज़ भी दशकों तक छिपाकर रखे – जी हाँ, हम बात कर रहे हैं जया बच्चन की।
आप सोच रहे होंगे कि जया जी तो अमिताभ बच्चन की पत्नी हैं, उनका रिश्ता तो परफेक्ट लगा करता था। लेकिन दोस्तों, शादी से पहले जया बच्चन के दिल में किसी और के लिए धड़कनें तेज़ हुआ करती थीं। और वो शख्स कोई और नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन के सबसे करीबी दोस्त थे! तो चलिए बिना टाइम वेस्ट किए, चलते हैं 1970 के उस दौर में, जब जया भादुड़ी पुणे की FTII की होनहार स्टूडेंट थीं और बॉलीवुड में कदम रखने वाली थीं।
जया भादुड़ी जब FTII में थीं तो वहाँ उनका दिल धड़कता था एक सीनियर स्टूडेंट के लिए वो शख्स थे – संजीव कुमार!
जी हाँ, संजीव कुमार उर्फ हरिभाई जरीवाला।
संजीव कुमार उस वक्त पहले से ही कुछ गुजराती थिएटर और फिल्मों में काम कर चुके थे और FTII में गेस्ट लेक्चर देने आया करते थे। जया उनको देखते ही फिदा हो गई थीं। कई पुराने साथियों ने बताया है कि जया संजीव कुमार के पीछे-पीछे घूमा करती थीं, उनके लेक्चर में सबसे आगे बैठती थीं और ऑटोग्राफ तक माँगा करती थीं।
संजीव कुमार भी जया को बहुत पसंद करते थे। वो जया को “गुड्डी” बुलाते थे। लेकिन उस वक्त संजीव कुमार की ज़िंदगी में पहले से कई अफेयर चल रहे थे। सबसे मशहूर था उनका और नूतन का रिश्ता। संजीव कुमार नूतन से शादी करना चाहते थे लेकिन नूतन पहले से शादीशुदा थीं और तलाक नहीं लेना चाहती थीं। इसी दर्द में संजीव कुमार अकेले रह गए।
अब यहाँ ट्विस्ट आता है।
1971 में ऋषिकेश मुखर्जी “गुड्डी” फिल्म बना रहे थे। हीरोइन थीं जया भादुड़ी। और फिल्म में ढेर सारी क्लिप्स थीं धर्मेंद्र की। लेकिन असल ज़िंदगी में जया को धर्मेंद्र से ज्यादा पसंद थे संजीव कुमार।
इसी दौरान हृषिकेश ने जया को अमिताभ बच्चन से मिलवाया। अमिताभ उस वक्त स्ट्रगल कर रहे थे। “आनंद” और “प्यार की कहानी” फ्लॉप हो चुकी थीं।
अमिताभ और संजीव कुमार पहले से बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों एक-दूसरे के घर आया-जाया करते थे। अमिताभ संजीव कुमार को “हरिभाई” बुलाते थे।
कई पुरानी मैगज़ीन इंटरव्यू में जया ने खुद माना है कि वो संजीव कुमार को बहुत पसंद करती थीं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था – “मैं तो उनके पीछे पागल थी। मुझे वो बहुत अच्छे लगते थे।”
संजीव कुमार भी जया को पसंद करते थे लेकिन वो कभी सीधे प्रपोज़ नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें लगता था कि वो उम्र में जया से काफी बड़े हैं
अब अमिताभ बच्चन ने जया को धीरे-धीरे इम्प्रेस करना शुरू किया। “गुड्डी” के सेट पर दोनों की दोस्ती हुई। फिर “ज़ंजीर” की शूटिंग के दौरान दोनों बहुत करीब आ गए।
संजीव कुमार को जब पता चला कि जया और अमिताभ एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं तो वो थोड़े उदास हुए। लेकिन वो सच्चे दोस्त थे, कभी कुछ बोले नहीं। बल्कि बाद में “शोले” में जया और अमिताभ के साथ काम भी किया।
संजीव कुमार कभी शादी नहीं किए। उनकी ज़िंदगी में नूतन, जया भादुड़ी और बाद में सुलक्षणा पंडित का नाम जुड़ा। सुलक्षणा तो उनके लिए पागल थीं, शादी करना चाहती थीं लेकिन संजीव कुमार ने मना कर दिया।
1985 में महज़ 47 साल की उम्र में संजीव कुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी मौत की खबर सुनकर जया बच्चन बहुत रोई थीं। अमिताभ बच्चन भी अस्पताल पहुंचे थे।
एक पुराने इंटरव्यू में जया बच्चन ने कहा था –
“हाँ, मैं संजीव कुमार को बहुत पसंद करती थी। लेकिन किस्मत में जो लिखा था वही हुआ। आज मैं बहुत खुश हूँ अमिताभ के साथ।”
और अमिताभ बच्चन ने भी एक बार कहा था – “हरिभाई मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे। उनकी कमी आज भी खलती है।”
तो ये थी जया बच्चन की वो अनकही लव स्टोरी जो अमिताभ बच्चन के सबसे करीबी दोस्त संजीव कुमार से शुरू हुई थी।
क्या आपको लगता है कि अगर संजीव कुमार प्रपोज़ कर देते तो जया बच्चन की ज़िंदगी कुछ और होती? कमेंट में ज़रूर बताइए।
आज हम बात करने वाले हैं बॉलीवुड की उस सादगी भरी लेकिन बेहद ताकतवर अभिनेत्री की, जिन्होंने न सिर्फ़ अपने अभिनय से सबको हैरान किया बल्कि अपनी निजी ज़िंदगी के कई राज़ भी दशकों तक छिपाकर रखे – जी हाँ, हम बात कर रहे हैं जया बच्चन की।
आप सोच रहे होंगे कि जया जी तो अमिताभ बच्चन की पत्नी हैं, उनका रिश्ता तो परफेक्ट लगा करता था। लेकिन दोस्तों, शादी से पहले जया बच्चन के दिल में किसी और के लिए धड़कनें तेज़ हुआ करती थीं। और वो शख्स कोई और नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन के सबसे करीबी दोस्त थे! तो चलिए बिना टाइम वेस्ट किए, चलते हैं 1970 के उस दौर में, जब जया भादुड़ी पुणे की FTII की होनहार स्टूडेंट थीं और बॉलीवुड में कदम रखने वाली थीं।
जया भादुड़ी जब FTII में थीं तो वहाँ उनका दिल धड़कता था एक सीनियर स्टूडेंट के लिए वो शख्स थे – संजीव कुमार!
जी हाँ, संजीव कुमार उर्फ हरिभाई जरीवाला।
संजीव कुमार उस वक्त पहले से ही कुछ गुजराती थिएटर और फिल्मों में काम कर चुके थे और FTII में गेस्ट लेक्चर देने आया करते थे। जया उनको देखते ही फिदा हो गई थीं। कई पुराने साथियों ने बताया है कि जया संजीव कुमार के पीछे-पीछे घूमा करती थीं, उनके लेक्चर में सबसे आगे बैठती थीं और ऑटोग्राफ तक माँगा करती थीं।
संजीव कुमार भी जया को बहुत पसंद करते थे। वो जया को “गुड्डी” बुलाते थे। लेकिन उस वक्त संजीव कुमार की ज़िंदगी में पहले से कई अफेयर चल रहे थे। सबसे मशहूर था उनका और नूतन का रिश्ता। संजीव कुमार नूतन से शादी करना चाहते थे लेकिन नूतन पहले से शादीशुदा थीं और तलाक नहीं लेना चाहती थीं। इसी दर्द में संजीव कुमार अकेले रह गए।
अब यहाँ ट्विस्ट आता है।
1971 में ऋषिकेश मुखर्जी “गुड्डी” फिल्म बना रहे थे। हीरोइन थीं जया भादुड़ी। और फिल्म में ढेर सारी क्लिप्स थीं धर्मेंद्र की। लेकिन असल ज़िंदगी में जया को धर्मेंद्र से ज्यादा पसंद थे संजीव कुमार।
इसी दौरान हृषिकेश ने जया को अमिताभ बच्चन से मिलवाया। अमिताभ उस वक्त स्ट्रगल कर रहे थे। “आनंद” और “प्यार की कहानी” फ्लॉप हो चुकी थीं।
अमिताभ और संजीव कुमार पहले से बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों एक-दूसरे के घर आया-जाया करते थे। अमिताभ संजीव कुमार को “हरिभाई” बुलाते थे।
कई पुरानी मैगज़ीन इंटरव्यू में जया ने खुद माना है कि वो संजीव कुमार को बहुत पसंद करती थीं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था – “मैं तो उनके पीछे पागल थी। मुझे वो बहुत अच्छे लगते थे।”
संजीव कुमार भी जया को पसंद करते थे लेकिन वो कभी सीधे प्रपोज़ नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें लगता था कि वो उम्र में जया से काफी बड़े हैं
अब अमिताभ बच्चन ने जया को धीरे-धीरे इम्प्रेस करना शुरू किया। “गुड्डी” के सेट पर दोनों की दोस्ती हुई। फिर “ज़ंजीर” की शूटिंग के दौरान दोनों बहुत करीब आ गए।
संजीव कुमार को जब पता चला कि जया और अमिताभ एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं तो वो थोड़े उदास हुए। लेकिन वो सच्चे दोस्त थे, कभी कुछ बोले नहीं। बल्कि बाद में “शोले” में जया और अमिताभ के साथ काम भी किया।
संजीव कुमार कभी शादी नहीं किए। उनकी ज़िंदगी में नूतन, जया भादुड़ी और बाद में सुलक्षणा पंडित का नाम जुड़ा। सुलक्षणा तो उनके लिए पागल थीं, शादी करना चाहती थीं लेकिन संजीव कुमार ने मना कर दिया।
1985 में महज़ 47 साल की उम्र में संजीव कुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी मौत की खबर सुनकर जया बच्चन बहुत रोई थीं। अमिताभ बच्चन भी अस्पताल पहुंचे थे।
एक पुराने इंटरव्यू में जया बच्चन ने कहा था –
“हाँ, मैं संजीव कुमार को बहुत पसंद करती थी। लेकिन किस्मत में जो लिखा था वही हुआ। आज मैं बहुत खुश हूँ अमिताभ के साथ।”
और अमिताभ बच्चन ने भी एक बार कहा था – “हरिभाई मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे। उनकी कमी आज भी खलती है।”
तो ये थी जया बच्चन की वो अनकही लव स्टोरी जो अमिताभ बच्चन के सबसे करीबी दोस्त संजीव कुमार से शुरू हुई थी।
क्या आपको लगता है कि अगर संजीव कुमार प्रपोज़ कर देते तो जया बच्चन की ज़िंदगी कुछ और होती? कमेंट में ज़रूर बताइए।
