कियारा आडवाणी का 10 साल पुराना बयान फिर वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
आज हम बात करने वाले हैं बॉलीवुड की जानी-मानी और बेहद popular actress कियारा आडवाणी से जुड़े एक ऐसे पुराने वीडियो की, जो अचानक सोशल मीडिया पर तूफान बनकर उभर आया है। ये वीडियो इन दिनों हर प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर जमकर बहस कर रहे हैं। खास बात ये है कि ये क्लिप करीब 10 साल पुरानी है, लेकिन इसके बावजूद आज के माहौल में ये पहले से कहीं ज़्यादा प्रासंगिक लग रही है।
दरअसल, ये वीडियो गणतंत्र दिवस के मौके पर फिर से सामने आया, जब लोग आज़ादी, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा कर रहे थे। उसी दौरान किसी ने कियारा का ये पुराना बयान सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया और फिर क्या था – ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ये क्लिप देखते ही देखते वायरल हो गई। अगर आपने अभी तक ये वीडियो नहीं देखा है, तो चिंता मत कीजिए, इस वीडियो में हम आपको पूरा मामला आसान भाषा में समझाने वाले हैं।
अब ज़रा पीछे चलते हैं। ये वीडियो 2015 का है, जब कियारा आडवाणी मुंबई में एक इवेंट के दौरान मीडिया से बातचीत कर रही थीं। उसी दौरान उन्होंने सरकार के कुछ फैसलों पर खुलकर अपनी राय रखी थी। कियारा ने कहा था – “पहले बीफ बैन, फिर पॉर्न बैन… हमारी आज़ादी छीनी जा रही है। मुझे लगता है कि ये लोकतंत्र का असली मतलब छीनने जैसा है।” उस वक्त भी ये बयान चर्चा में रहा था, लेकिन आज के समय में इसे लेकर बहस और तेज़ हो गई है।
कियारा का इशारा साफ तौर पर सेंसरशिप, पर्सनल चॉइस और फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की तरफ था। उस दौर में बीफ बैन और पॉर्न वेबसाइट्स पर रोक को लेकर देशभर में चर्चा चल रही थी। कियारा का मानना था कि ऐसे बैन लोगों की निजी आज़ादी पर असर डालते हैं और लोकतंत्र में हर किसी को अपनी पसंद के हिसाब से जीने का हक होना चाहिए।
अब सवाल ये है कि इतना पुराना वीडियो अचानक वायरल क्यों हुआ? इसका जवाब है – सोशल मीडिया की ताकत। जैसे ही किसी ने इस क्लिप को रिपब्लिक डे के मौके पर शेयर किया, लोगों ने इसे आज़ादी और लोकतंत्र से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। वीडियो में कियारा का कॉन्फिडेंस और उनके शब्द आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं – क्या वाकई ऐसे फैसले हमारी आज़ादी पर असर डालते हैं?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर दो साफ धड़े नज़र आ रहे हैं। एक तरफ कुछ लोग कियारा को ट्रोल कर रहे हैं, उन्हें देश-विरोधी तक कह रहे हैं। उनका कहना है कि बीफ बैन cultural respect से जुड़ा है और पॉर्न बैन समाज को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी है। वहीं दूसरी तरफ कियारा के सपोर्टर्स का कहना है कि ये वीडियो 10 साल पुराना है और उस समय की राजनीतिक स्थिति अलग थी। इसे आज के संदर्भ में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
अगर कियारा के करियर की बात करें, तो आज वो बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हैं। कबीर सिंह, शेरशाह और भूल भुलैया 2 जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टार बना दिया है। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ये पुराना वीडियो उनके लिए कोई नई मुश्किल खड़ी करेगा? क्या कियारा इस पर कोई feedback देंगी या हमेशा की तरह चुप्पी साध लेंगी?
दोस्तों, ये मामला सिर्फ कियारा आडवाणी का नहीं है। ये हमें सोचने पर मजबूर करता है कि सोशल मीडिया पर पुरानी बातों को नए Reference में उठाना कितना सही है। आज एक पुराना वीडियो किसी की image बदल सकता है। आपकी इस पर क्या राय है? क्या कियारा का बयान सही था या इसे ज़रूरत से ज़्यादा तूल दिया जा रहा है?
नीचे कमेंट में अपनी राय ज़रूर बताइए।
