Maharaja Movie Review in Hindi : आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म ‘महाराज’ पर क्यों लटकी तलवार?

Maharaja Movie Junaid Khan Release Date
 
amir khan ke bete ki movie review in hindi

Maharaj Netflix

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Maharaj Libel Case

Maharaj Netflix : आमिर खान के बेटे जुनैद खान की पहली फिल्म  'महाराज' का क्यों नहीं हो रहा प्रमोशन.. आखिर जुनैद खान की फिल्म रिलीज़ के पहले ही क्यों विवादों में घिरी हुई है... क्या फिल्म में सनातन धर्म और उनके आराध्य को गलत दिखाया गया है.. 

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के बेटे जुनैद खान फिल्म 'महाराज' से अपनी एक्टिंग की शुरुआत कर रहे हैं। और ये 14 जून को नेटफ्लिक्स में रिलीज होने वाली है। लेकिन कमाल की बात ये है कि इस फिल्म का ना तो कहीं प्रमोशन किया गया है और ना ही इसका ट्रेलर या टीज़र रिलीज़ हुआ. तो आखिर क्या वजह हो सकती है, की इतने बड़े सुपरस्टार के बेटे की पहली मूवी, वो भी बिना किसी प्रमोशन के.. तो चलिए इसकी वजह जानते हैं..

आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म 'महाराज' विवादों में क्यों है?

वैसे नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर बहुत एक्टिव रहता है. और आने वाली मूवी और new प्रोजेक्ट का नेटफ्लिक्स अच्छा खाशा प्रमोशन करता है. लेकिन  'महाराज' को लेकर नेटफ्लिक्स इतना शांत बैठा है. ना ही इसके प्रमोशनल इंटरव्यूज़ हुए, और न ही शहर में कहीं भी होर्डिंग दिख रही है.

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'महाराज' को लेकर बजरंग दल ने क्यों जताई आपत्ति?

तो दरअसल बात ये है की, फिल्म पर यह आरोप हैं,  कि इसमें साधुओं को गलत तरह से दिखाया गया है। वहीँ बजरंग दल ने भी फिल्म की रिलीज़ से आपत्ति जताई है, और साथ ही धमकी भी दी है. वहीँ इन सब के बीच सोशल मीडिया यूजर्स के एक समुदाय ने फिल्म के रिलीज़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यूजर्स  के अनुसार इसमें धार्मिक नेताओं और साधुओं को नेगिटिव रोल रूप में दिखाया जा सकता है। और हाल ही में, #BoycottNetflix एक्स पर ट्रेंड करने लगा.. वहीँ फिल्म पर restrictions लगाने की मांग करते हुए लिखा गया , " की अगर यह फिल्म साधुओं और संतों को बदमाश दिखाकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाएगी, तो जुनैद खान, यशराज फिल्म्स और #नेटफ्लिक्स सभी जिम्मेदार होंगे। 

 Was Maharaja movie hit or flop?

आपको बता दूँ की महाराज’ एक पीरियड ड्रामा फिल्म है, जिसकी कहानी 1862 के एक ऐतिहासिक केस पर है। और ये केस ‘महाराज लाइबल केस’ के नाम से प्रसिद्ध है। फिल्म की कहानी प्रमुख धार्मिक व्यक्ति और गुजराती पत्रकार और समाज सुधारक करसनदास मुलजी के बीच कानूनी लड़ाई पर आधारित है। करसनदास ने अपने अखबार सत्यप्रकाश में एक धर्मगुरु के बारे में लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वह गुरु अपनी महिला भक्तों का यौन शोषण करते हैं। इसके बाद धर्मगुरु ने करसनदास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। फिल्म के केंद्र में यही ट्रायल है, जिसमे जुनैद खान पत्रकार के रोल में हैं। 


 

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