फैशन और स्वदेशी का महासंगम: बांद्रा में 'मेड इन इंडिया स्वदेशी रनवे सीजन 8' का भव्य आयोजन

मुंबई के बांद्रा में आयोजित “मेड इन इंडिया स्वदेशी रनवे सीजन 8” ने न केवल फैशन की दुनिया में अपनी धमक दिखाई, बल्कि सामाजिक सरोकारों को रैंप पर उतारकर एक नई मिसाल पेश की है। अनिल बेदाग की इस रिपोर्ट के अनुसार, यह आयोजन उत्तर भारतीय संघ में 28 और 29 मार्च को संपन्न हुआ
 
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मुंबई | 03 अप्रैल 2026  मुंबई का बांद्रा इलाका हाल ही में एक ऐसे फैशन शो का गवाह बना, जहाँ चकाचौंध के साथ-साथ 'स्वदेशी' की गूँज सुनाई दी। आईएमएफएल (IMFL) के सहयोग से आयोजित “मेड इन इंडिया स्वदेशी रनवे सीजन 8” ने युवा प्रतिभाओं को एक वैश्विक पहचान दिलाने का सफल प्रयास किया है।

1. प्रतिभा और कला का बड़ा मंच

इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर से आए 500 से अधिक मॉडलों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे सफल बनाने के लिए:

  • 200 मेकअप आर्टिस्ट और 50 स्टाइलिस्ट की टीम तैनात थी।

  • 20 फैशन डिजाइनर्स ने अपने स्वदेशी संग्रह को रैंप पर पेश किया।

  • रनवे डायरेक्टर दीप्ति वोरा और उनकी टीम ने पूरे शो का शानदार संचालन किया।

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2. सोनिया मेयर्स का 'स्वदेशी' विज़न

इस अनूठे शो की परिकल्पना सोनिया मेयर्स की है, जिन्हें बॉलीवुड, सरकार और फैशन जगत का भरपूर समर्थन प्राप्त है। सोनिया मेयर्स 'डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारत पुरस्कार' (शुरुआत 2017) की संस्थापक भी हैं। इस अवसर पर डॉ. कलाम के परिवार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ा दिया।

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3. रैंप पर सामाजिक संदेश और सशक्तिकरण

यह शो केवल कपड़ों और स्टाइल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज के गंभीर मुद्दों को मुख्यधारा में लाने का काम किया:

  • ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण: समाज के इस वर्ग को मंच प्रदान कर समावेशिता का संदेश दिया गया।

  • सुरक्षा और सम्मान: पुलिस हेल्पलाइन को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारतीय सेना और पुलिस के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

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फैशन से परे एक मिशन

“मेड इन इंडिया स्वदेशी रनवे” का यह आठवां सीजन साबित करता है कि फैशन का उपयोग सामाजिक बदलाव के एक हथियार के रूप में किया जा सकता है। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और उभरते कलाकारों को पहचान दिलाने की यह मुहिम भविष्य के डिजाइनर्स के लिए एक प्रेरणा है।

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