फिल्म ‘धुरंधर’: बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड, पाकिस्तान में बैन के बावजूद सबसे ज़्यादा पाइरेटेड बॉलीवुड फिल्म
आज हम बात करने वाले हैं बॉलीवुड की उस फिल्म की, जिसने बॉक्स ऑफिस पर तो इतिहास रच ही दिया, लेकिन साथ ही बॉर्डर के उस पार एक बड़ा Contradiction भी उजागर कर दिया। हम बात कर रहे हैं रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ की, जो पाकिस्तान में आधिकारिक तौर पर बैन होने के बावजूद वहां सबसे ज़्यादा पाइरेटेड बॉलीवुड फिल्म बन चुकी है। सवाल बड़ा सीधा है – जब फिल्म पर बैन है, तो लोग उसे रिकॉर्ड तोड़ संख्या में डाउनलोड क्यों कर रहे हैं?
फिल्म ‘धुरंधर’ 5 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म को डायरेक्ट किया है आदित्य धर ने, जिन्होंने इससे पहले सुपरहिट फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ बनाई थी। रणवीर सिंह फिल्म में एक भारतीय खुफिया एजेंट की भूमिका निभा रहे हैं, जो पाकिस्तान में घुसकर एक हाई-रिस्क मिशन को अंजाम देता है। वहीं अक्षय खन्ना फिल्म में नेगेटिव लेकिन बेहद इंटेलिजेंट और लेयर्ड किरदार में नज़र आते हैं, जिसकी परफॉर्मेंस को क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों ने खूब सराहा है।
फिल्म की कहानी पाकिस्तान के बैकग्राउंड पर सेट है, जहां गैंग वॉर, आतंकवाद, राजनीति और अंडरकवर ऑपरेशन्स को दिखाया गया है। फिल्म में संजय दत्त, सारा अर्जुन और कई दमदार कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। ‘धुरंधर’ को उसके रियलिस्टिक ट्रीटमेंट, टाइट स्क्रीनप्ले और इंटेंस एक्शन के लिए खास तौर पर पसंद किया गया।
अगर बॉक्स ऑफिस की बात करें, तो जनवरी 2026 तक फिल्म भारत में 826 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नेट कलेक्शन कर चुकी है, जबकि वर्ल्डवाइड आंकड़ा 1300 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। ये रणवीर सिंह के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो चुकी है। खास बात ये है कि 40 दिनों से ज़्यादा चलने के बाद भी फिल्म रोज़ाना कमाई कर रही है, जो इसकी जबरदस्त ऑडियंस पकड़ को दिखाता है।
फिल्म के गाने भी सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। खासकर ‘Fa9la’ और ‘Shararat’ पर Instagram Reels और Shorts की बाढ़ आ गई है। दिलचस्प बात ये है कि ये गाने पाकिस्तान में भी खूब वायरल हो रहे हैं और लोग इन्हें शादियों और फंक्शन्स में इस्तेमाल कर रहे हैं।
अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर – पाकिस्तान में क्या हुआ?
फिल्म को वहां आधिकारिक तौर पर रिलीज़ की इजाज़त नहीं मिली। वजह बताई गई कि फिल्म पाकिस्तान की छवि को नकारात्मक रूप में दिखाती है और संवेदनशील मुद्दों को उठाती है। गौर करने वाली बात ये है कि पाकिस्तान में 2019 से ही भारतीय फिल्मों पर बैन लगा हुआ है, लेकिन ‘धुरंधर’ को लेकर सेंसरशिप और सख्त रही।
इसके बावजूद, फिल्म के पाइरेसी डाउनलोड्स ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलीज़ के सिर्फ 10–12 दिनों के अंदर पाकिस्तान में 18 से 30 लाख के बीच अवैध डाउनलोड हो चुके थे। टॉरेंट वेबसाइट्स, टेलीग्राम चैनल्स, VPN और दूसरे देशों के सर्वर्स के ज़रिए लोग फिल्म देख रहे थे। ट्रेड एनालिस्ट्स का कहना है कि ये पिछले दो दशकों में पाकिस्तान में किसी भी बॉलीवुड फिल्म का सबसे बड़ा पाइरेसी आंकड़ा है।
इससे पहले ये रिकॉर्ड शाहरुख खान की ‘रईस’ और रजनीकांत की ‘2.0’ के नाम था, लेकिन ‘धुरंधर’ ने दोनों को पीछे छोड़ दिया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर फिल्म पाकिस्तान में लीगल तरीके से रिलीज़ होती, तो वहां 50 से 100 करोड़ रुपये तक का बिज़नेस कर सकती थी। बैन की वजह से मेकर्स को नुकसान हुआ, लेकिन फिल्म का असर लोगों तक पहुंच गया।
यही वो जगह है जहां एक बड़ा विरोधाभास सामने आता है। एक तरफ आधिकारिक तौर पर फिल्म को गलत बताया जाता है, और दूसरी तरफ जनता उसी फिल्म को देखने के लिए हर संभव रास्ता ढूंढ लेती है। ये दिखाता है कि सिनेमा की ताकत बैन से ज़्यादा बड़ी होती है।
एडिशनल जानकारी की बात करें तो ‘धुरंधर’ को जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज ने प्रोड्यूस किया है। रणवीर सिंह ने इंटरव्यू में कहा था कि ये फिल्म किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि एक सिचुएशन और सिस्टम पर आधारित है। अक्षय खन्ना ने भी कहा कि उनका किरदार ब्लैक-एंड-व्हाइट नहीं, बल्कि ग्रे शेड्स से भरा हुआ है।
दोस्तों, ये पूरी कहानी सिर्फ एक फिल्म की नहीं है, बल्कि ये बताती है कि बॉर्डर के आर-पार सिनेमा को लेकर सोच कितनी जटिल है। विरोध, जिज्ञासा और आकर्षण – तीनों एक साथ चलते हैं। अब आपकी राय जानना ज़रूरी है।
क्या बैन के बावजूद पाइरेसी के ज़रिए फिल्म देखना सही है?
और क्या बैन सच में किसी फिल्म के असर को रोक पाता है?
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