‘The Kerala Story’ को मिला नेशनल अवॉर्ड, CM पिनराई विजयन बोले—"यह अपमान है!" जानिए पूरा विवाद
Why the CM called Kerala Story award an insult
Political reactions to The Kerala Story National Award
इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलों तक सिर्फ एक ही मुद्दा चर्चा में है—फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड और उस पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तीखी प्रतिक्रिया। उन्होंने इसे "झूठ पर आधारित" और "केरल की छवि को बदनाम करने वाली फिल्म" बताया है।
तो आखिर इस विवाद की जड़ क्या है? क्या वाकई यह फिल्म प्रोपेगैंडा है या एक कड़वी सच्चाई का चित्रण? आइए पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
🎬 'द केरल स्टोरी' आखिर है क्या?
साल 2023 में रिलीज़ हुई इस फिल्म का निर्देशन सुदीप्तो सेन ने किया है और निर्माता हैं विपुल अमृतलाल शाह। फिल्म की कहानी तीन लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कथित तौर पर लव जिहाद और धर्मांतरण का शिकार होती हैं और बाद में आतंकी संगठन ISIS से जुड़ जाती हैं।
अदा शर्मा ने इसमें मुख्य किरदार निभाया है — शालिनी उन्नीकृष्णन जो बाद में फातिमा बन जाती है। फिल्म दावा करती है कि यह सच्ची घटनाओं पर आधारित है।
हालांकि, ट्रेलर में यह दावा किया गया था कि केरल की 32,000 लड़कियों को धर्मांतरण के बाद ISIS से जोड़ा गया, जो भारी विवाद में घिर गया। बाद में यह दावा फिल्म से हटा दिया गया और इसे केवल "तीन लड़कियों की कहानी" कहा गया।
📢 समर्थन और आलोचना: दो ध्रुवों पर बंटे दर्शक
फिल्म की रिलीज़ के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं:
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समर्थक इसे एक साहसी प्रयास मानते हैं जो धर्मांतरण और कट्टरपंथ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर प्रकाश डालती है।
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वहीं आलोचक इसे इस्लामोफोबिक और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने वाली बताते हैं।
🏆 नेशनल अवॉर्ड और ताज़ा विवाद
1 अगस्त 2025 को 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा हुई, जिसमें 'द केरल स्टोरी' को बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट सिनेमैटोग्राफी की श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
इस घोषणा के तुरंत बाद केरल के सीएम पिनराई विजयन ने ट्वीट कर इस पर आपत्ति जताई:
"केरल को बदनाम करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के लिए झूठ पर आधारित फिल्म को अवॉर्ड देकर, नेशनल अवॉर्ड्स की जूरी ने भारतीय सिनेमा की समावेशी परंपरा का अपमान किया है।"
उनके साथ-साथ विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन, CPI(M) सांसद ए.ए. रहीम, और अन्य नेताओं ने भी इस अवॉर्ड की आलोचना की।
🎥 फिल्म की सफाई और समर्थन
फिल्म के निर्देशक सुदीप्तो सेन का दावा है कि उन्होंने इस विषय पर 11 साल तक रिसर्च की और फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित है।
2023 में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ महिलाओं ने खुद सामने आकर अपनी कथित कहानियाँ साझा कीं, जिनमें लव जिहाद और ब्रेनवॉशिंग के अनुभव शामिल थे।
फिल्म को राजनीतिक समर्थन भी मिला:
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पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसकी तारीफ की।
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उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में इसे टैक्स-फ्री भी किया गया।
💰 बॉक्स ऑफिस पर भी हिट
‘द केरल स्टोरी’ 2023 की दूसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बनी, जिसने ग्लोबली ₹303 करोड़ का बिजनेस किया।
❓ तो सवाल ये है—क्या इस फिल्म को अवॉर्ड मिलना सही था?
जूरी ने फिल्म को तकनीकी और सिनेमाई दृष्टिकोण से सराहा, खासतौर पर इसके निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी के लिए।
लेकिन आलोचकों का कहना है कि इससे सांप्रदायिक एजेंडे को वैधता मिलती है और भारतीय सिनेमा की समावेशी परंपरा को चोट पहुंचती है।
वहीं समर्थकों का मानना है कि सिनेमा समाज का दर्पण है — और यदि फिल्म ने एक संवेदनशील विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है, तो उसका सम्मान होना चाहिए।
