पूजा भट्ट बनाम एकता कपूर: पुराना विवाद फिर सुर्खियों में – आखिर किसकी सोच सही?
आज का टॉपिक है - पूजा भट्ट और एकता कपूर के बीच छिड़ा वो पुराना झगड़ा, जो कभी सुलझा ही नहीं। जी हां, एकता कपूर का नाम लेते ही पूजा भट्ट चिढ़ गईं और जमाने के सामने मार दिया एक ऐसा ताना, जो सोशल मीडिया पर आग लगा रहा है। आखिर क्या है इसकी पूरी कहानी? क्या ये सिर्फ पुरानी रंजिश है या बॉलीवुड में महिलाओं की छवि को लेकर एक बड़ा सवाल ? अगर आप बॉलीवुड के फैन हैं, तो ये वीडियो अंत तक जरूर देखिए। लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करना न भूलें, और कमेंट बॉक्स में बताइए - आपकी नजर में कौन सही है, पूजा या एकता? चलिए, डिटेल में समझते हैं इस विवाद को।
सबसे पहले बात करते हैं एकता कपूर की। टीवी क्वीन के नाम से मशहूर एकता ने 90s और 2000s में सास-बहू ड्रामा से घर-घर में राज किया। 'कहानी घर घर की', 'कसौटी जिंदगी की' जैसी सीरीज ने उन्हें स्टार बनाया। लेकिन फिर आया टर्निंग पॉइंट - ओटीटी प्लेटफॉर्म ALTBalaji। यहां एकता ने बोल्ड कंटेंट का रास्ता अपनाया। 'गंदी बात', 'XXX', 'रसभरी', 'पॉराशपुर' जैसी वेब सीरीज में सेक्स सीन, न्यूडिटी और अश्लील डायलॉग्स की भरमार हो गई। याद है 2020 का वो बड़ा विवाद? 'XXX सीजन 2' में एक सीन था, जहां एक सैनिक की वर्दी में महिला के साथ इंटीमेट सीन दिखाया गया। हिंदुस्तानी भाऊ जैसे एक्टिविस्ट्स ने इसे सेना का अपमान बताया। ट्विटर पर #ALTBalaji_Insults_Army ट्रेंड कर गया, और एकता पर FIR तक हो गई। फिर 'गंदी बात' में नाबालिगों से जुड़े अश्लील कंटेंट पर केस चला। हाल ही में, 2025 में ALTBalaji पर बैन लग गया क्योंकि केंद्र सरकार ने इसे वल्गर कंटेंट का हब माना। एकता के कॉन्ट्रैक्ट में 'न्यूडिटी क्लॉज' का खुलासा भी हुआ - मतलब एक्टर्स को स्टोरी की डिमांड पर बोल्ड सीन करने पड़ते थे, वरना कॉन्ट्रैक्ट ब्रेक। एकता का डिफेंस? वो कहती हैं, "ये रियल लाइफ की कहानियां हैं, समाज को आईना दिखा रही हूं।" लेकिन क्रिटिक्स कहते हैं - ये तो बस रेटिंग्स के लिए सेंसेशनलिज्म है। महिलाओं को सिर्फ सेक्स सिंबल बनाकर पेश करना, बिना किसी डेप्थ के।
अब आती हैं पूजा भट्ट पर। 90s की रिबेल गर्ल पूजा - 'सड़क', 'दिल है कि मानता नहीं' जैसी फिल्मों से स्टार बनीं। लेकिन पूजा ने हमेशा बोल्ड रोल्स चुने, पर अश्लीलता से दूर रहीं। उनकी फिल्म 'कछ्छे धागे' (2017) में महिलाओं की कामुकता को सेलिब्रेट किया गया, लेकिन वो सेंसुअल था, न कि वल्गर। पूजा खुद कहती हैं, "मेरी फिल्मों में महिलाएं स्ट्रॉन्ग हैं, उनकी डिजायर्स को एक्सप्रेस करती हैं, लेकिन कभी चीप नहीं लगतीं।"पूजा का एकता से पुराना बैड पैच है। 2020 में 'सड़क 2' बॉयकॉट के दौरान दोनों ने कंगना रनौत को सपोर्ट किया, लेकिन सोशल मीडिया पर तंज कसे। हाल ही में, एक इंटरव्यू में एकता का नाम आते ही पूजा भड़क गईं। उन्होंने कहा, "मेरी फिल्म में महिलाएं कामुक हैं लेकिन अश्लील... वो तो एकता कपूर की स्पेशलिटी है!" ये ताना वायरल हो गया। पूजा का पॉइंट क्लियर - बोल्ड कंटेंट में फर्क होता है। कामुकता आर्ट है, अश्लीलता तो बस चीप ट्रिक। पूजा ने आगे कहा, "बॉलीवुड में महिलाओं को अक्सर ऑब्जेक्ट बनाया जाता है। मैंने हमेशा ट्राई किया कि मेरी स्टोरीज में वो इमोशंस हों, न कि सिर्फ बॉडी। एकता जी की सीरीज देखो - रेटिंग्स के चक्कर में सब कुछ दिखा देती हैं।" ये सुनकर फैंस डिवाइड हो गए। कुछ पूजा को सपोर्ट कर रहे, कह रहे "शेरनी बोली!", तो कुछ एकता को डिफेंड कर रहे - "टाइम चेंज हो गया, ओटीटी पर ये नॉर्मल है।
ट्विटर (अब X) पर ये ताना ट्रेंड कर रहा है। एक पोस्ट में कहा गया, "पूजा और एकता का मिशन: हिंदू मोम को टारगेट? काजल हिंदुस्तानी का वीडियो देखो!" ये तो कांस्पिरसी थ्योरी लग रही है, लेकिन विवाद बढ़ रहा है। 2025 में भी ये झगड़ा जिंदा है। ALTBalaji का बैन हो चुका, लेकिन एकता की नई प्रोजेक्ट्स आ रही हैं। पूजा अपनी डायरेक्टोरियल वापसी की प्लानिंग कर रही हैं। क्या ये ताना दोनों के बीच नई जंग छेड़ेगा?
ये सिर्फ पर्सनल अटैक नहीं, बल्कि बड़ा इश्यू है - बॉलीवुड में महिलाओं का रेप्रेजेंटेशन। कामुकता vs अश्लीलता की लाइन कहां है? ओटीटी ने फ्रीडम दिया, लेकिन रिस्पॉन्सिबिलिटी भी बढ़ाई। पूजा सही कह रही हैं कि क्लास का फर्क मायने रखता है। एकता का कंटेंट एंटरटेन करता है, लेकिन सोसाइटी को क्या मैसेज दे रहा?आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताइए - पूजा का ताना जस्टिफाइड है या ओवररिएक्शन?
