Ramayana Trailer vs Adipurush: 'गेम ऑफ थ्रोन्स' वाले रावण से राजसी लंकापति तक, जानिए प्रभास की 'आदिपुरुष' से कितनी अलग है रणबीर-यश की 'रामायण'

Ramayana Trailer vs. Adipurush: From a 'Game of Thrones'-style Ravana to a regal Lord of Lanka—discover how Ranbir and Yash's 'Ramayana' differs from Prabhas's 'Adipurush'.
 
1. श्रीराम का चरित्र: 'उग्र योद्धा' बनाम 'मर्यादा पुरुषोत्तम' आदिपुरुष (प्रभास): 'आदिपुरुष' में राघव (प्रभास) को एक अति-आक्रामक और उग्र योद्धा के रूप में पेश किया गया था, जहाँ उनका ध्यान मुख्य रूप से एक्शन, क्रोध और युद्ध-घोष पर केंद्रित था।  रामायण (रणबीर कपूर): इसके विपरीत, नितेश तिवारी की फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की पारंपरिक 'मर्यादा पुरुषोत्तम' छवि के बेहद करीब दिखते हैं। वनवास और विषम परिस्थितियों में भी उनके संवादों में त्याग, सौम्यता, धीरता और करुणा झलकती है, जो पौराणिक मूल्यों का सम्मान करती है।  2. रावण का स्वरूप: 'वेस्टर्न विलेन' बनाम 'राजसी लंकापति' आदिपुरुष (सैफ अली खान): 'आदिपुरुष' में लंकेश (सैफ अली खान) का लुक सबसे ज्यादा विवादों में रहा था। बज-कट हेयरस्टाइल, नीली आंखें और काल्पनिक जीवों की सवारी करने वाले उस पात्र को दर्शकों ने रावण के बजाय 'गेम ऑफ थ्रोन्स' या 'वाइकिंग्स' जैसा हॉलीवुड विलेन माना था।  रामायण (यश): 'रामायण' में केजीएफ फेम यश का रावण अवतार पौराणिक भव्यता, खौफ और राजसी वैभव से भरपूर है। स्वर्णिम कवच, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा और उनकी रौबदार आवाज लंकापति रावण की वास्तविक शक्ति और विद्वत्ता को दर्शाती है।  3. विजुअल इफेक्ट्स (VFX): 'वीडियो गेम' बनाम 'यथार्थवादी दुनिया' आदिपुरुष: 'आदिपुरुष' का सबसे कमजोर पहलू उसका जरूरत से ज्यादा कृत्रिम VFX था, जिसने पूरी फिल्म को किसी सस्ते वीडियो गेम की तरह बना दिया था।  रामायण: 'रामायण' के ट्रेलर में तकनीक, भव्य सेट्स और यथार्थवाद (Realism) का बेहतरीन संतुलन नजर आता है। अयोध्या की दिव्यता, दंडकारण्य के सघन जंगल और युद्धक्षेत्र के दृश्य जीवंत और भव्य दिखाई देते हैं।  4. संगीत का जादू: 'जय श्री राम' बनाम 'हंस जिमर और ए.आर. रहमान' संगीत के मोर्चे पर भी दोनों फिल्मों का नजरिया अलग है। जहाँ 'आदिपुरुष' में अजय-अतुल का ध्यान मुख्य रूप से भक्ति भजनों और नारों पर था, वहीं 'रामायण' के लिए ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर (Hans Zimmer) और ए.आर. रहमान (A.R. Rahman) की जोड़ी ने वैश्विक स्तर की भव्य सिम्फनी और शास्त्रीय धुनों का अनूठा ताना-बाना बुना है।  निष्कर्ष: ऐसा प्रतीत होता है कि नितेश तिवारी ने 'आदिपुरुष' से मिली जन-अस्वीकृति और दर्शकों की धार्मिक भावनाओं को गहराई से समझा है। ओम राउत की फिल्म जहाँ रामायण को हॉलीवुड शैली की एक्शन-फैंटेसी बनाने के फेर में अपनी मूल आत्मा खो बैठी थी, वहीं रणबीर कपूर और यश स्टारर 'रामायण' इस अमर गाथा की मर्यादा, भक्ति और सांस्कृतिक भव्यता को पुनर्जीवित करती दिखती है।

Nitesh Tiwari Ramayana Trailer Review: निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित और भव्य महागाथा 'रामायण' का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। इस भव्य और अलौकिक दृश्य-अनुभव ने दर्शकों का दिल जीत लिया है।

दिलचस्प बात यह है कि 'रामायण' का ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर 2023 में आई निर्देशक ओम राउत की विवादित फिल्म 'आदिपुरुष' फिर से ट्रेंड करने लगी है। हालांकि दोनों ही फिल्में भारत के पवित्र ग्रंथ 'रामायण' पर आधारित हैं, लेकिन दोनों के प्रस्तुतीकरण, विजुअल्स और पात्रों के चित्रण में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिल रहा है।

आइए समझते हैं कि नितेश तिवारी की 'रामायण', प्रभास की 'आदिपुरुष' से किन 4 बड़े पैमानों पर बिल्कुल अलग और बेहतर नजर आ रही है:

 श्रीराम का चरित्र: 'उग्र योद्धा' बनाम 'मर्यादा पुरुषोत्तम'

  • आदिपुरुष (प्रभास): 'आदिपुरुष' में राघव (प्रभास) को एक अति-आक्रामक और उग्र योद्धा के रूप में पेश किया गया था, जहाँ उनका ध्यान मुख्य रूप से एक्शन, क्रोध और युद्ध-घोष पर केंद्रित था।

  • रामायण (रणबीर कपूर): इसके विपरीत, नितेश तिवारी की फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की पारंपरिक 'मर्यादा पुरुषोत्तम' छवि के बेहद करीब दिखते हैं। वनवास और विषम परिस्थितियों में भी उनके संवादों में त्याग, सौम्यता, धीरता और करुणा झलकती है, जो पौराणिक मूल्यों का सम्मान करती है।

 

रावण का स्वरूप: 'वेस्टर्न विलेन' बनाम 'राजसी लंकापति'

  • आदिपुरुष (सैफ अली खान): 'आदिपुरुष' में लंकेश (सैफ अली खान) का लुक सबसे ज्यादा विवादों में रहा था। बज-कट हेयरस्टाइल, नीली आंखें और काल्पनिक जीवों की सवारी करने वाले उस पात्र को दर्शकों ने रावण के बजाय 'गेम ऑफ थ्रोन्स' या 'वाइकिंग्स' जैसा हॉलीवुड विलेन माना था।

  • रामायण (यश): 'रामायण' में केजीएफ फेम यश का रावण अवतार पौराणिक भव्यता, खौफ और राजसी वैभव से भरपूर है। स्वर्णिम कवच, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा और उनकी रौबदार आवाज लंकापति रावण की वास्तविक शक्ति और विद्वत्ता को दर्शाती है।

 विजुअल इफेक्ट्स (VFX): 'वीडियो गेम' बनाम 'यथार्थवादी दुनिया'

  • आदिपुरुष: 'आदिपुरुष' का सबसे कमजोर पहलू उसका जरूरत से ज्यादा कृत्रिम VFX था, जिसने पूरी फिल्म को किसी सस्ते वीडियो गेम की तरह बना दिया था।

  • रामायण: 'रामायण' के ट्रेलर में तकनीक, भव्य सेट्स और यथार्थवाद (Realism) का बेहतरीन संतुलन नजर आता है। अयोध्या की दिव्यता, दंडकारण्य के सघन जंगल और युद्धक्षेत्र के दृश्य जीवंत और भव्य दिखाई देते हैं।

 संगीत का जादू: 'जय श्री राम' बनाम 'हंस जिमर और ए.आर. रहमान'

संगीत के मोर्चे पर भी दोनों फिल्मों का नजरिया अलग है। जहाँ 'आदिपुरुष' में अजय-अतुल का ध्यान मुख्य रूप से भक्ति भजनों और नारों पर था, वहीं 'रामायण' के लिए ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर (Hans Zimmer) और ए.आर. रहमान (A.R. Rahman) की जोड़ी ने वैश्विक स्तर की भव्य सिम्फनी और शास्त्रीय धुनों का अनूठा ताना-बाना बुना है। ऐसा प्रतीत होता है कि नितेश तिवारी ने 'आदिपुरुष' से मिली जन-अस्वीकृति और दर्शकों की धार्मिक भावनाओं को गहराई से समझा है। ओम राउत की फिल्म जहाँ रामायण को हॉलीवुड शैली की एक्शन-फैंटेसी बनाने के फेर में अपनी मूल आत्मा खो बैठी थी, वहीं रणबीर कपूर और यश स्टारर 'रामायण' इस अमर गाथा की मर्यादा, भक्ति और सांस्कृतिक भव्यता को पुनर्जीवित करती दिखती है।

Tags