‘राम’ के तेजस्वी अवतार में छाए रणबीर कपूर: ‘रामायणम्’ की पहली झलक ने इंटरनेट पर मचाई हलचल

भारतीय सिनेमा के इतिहास में रणबीर कपूर का 'मर्यादा पुरुषोत्तम राम' के रूप में सामने आना एक ऐतिहासिक क्षण बन गया है। नमित मल्होत्रा के विजन और नितेश तिवारी के निर्देशन में तैयार हो रही 'रामायणम्' (Ramayanam) की पहली झलक ने न केवल प्रशंसकों को भावुक किया है, बल्कि इसे एक वैश्विक सिनेमाई घटना बना दिया है।
 
1. एक वैश्विक सिनेमाई पल 5,000 से अधिक वर्षों से चली आ रही इस महान गाथा को पूरी दुनिया में एक साथ रिलीज़ किया गया। यह टीज़र उन लोगों के लिए एक नया नज़रिया है जो इस कहानी को सुनते हुए बड़े हुए हैं, और वैश्विक दर्शकों के लिए भारतीय संस्कृति की गहराई को समझने का एक शानदार मौका है।  2. 'मर्यादा पुरुषोत्तम' का मानवीय स्वरूप फिल्म केवल पौराणिक कथा का दोहराव नहीं है, बल्कि यह राम के मानवीय पक्ष—उनके कठिन निर्णयों, कर्तव्यों और उनके परिणामों को सामने लाती है।  त्याग और कर्तव्य: राम एक ऐसे नायक हैं जो अपनी पसंद से ऊपर अपने फर्ज को रखते हैं।  तेजस्वी अवतार: रणबीर कपूर का शांत और ओजस्वी लुक दर्शकों को 'इंसानी बर्ताव के सबसे ऊँचे पैमाने' का अहसास कराता है।  प्रमुख हस्तियों के विचार रणबीर कपूर (राम की भूमिका पर): > "मैं यहाँ राम को पेश करने नहीं, बल्कि उनसे सीखने आया हूँ। उनमें एक ऐसी सादगी और पवित्रता है जो बहुत कम देखने को मिलती है। उसे अपने अंदर उतारने की कोशिश करना मेरे लिए एक बहुत ही विनम्र और आत्मिक अनुभव रहा है।"  नितेश तिवारी (निर्देशक): > "रामायणम् की महानता इसकी भावनाओं की गहराई में है। यह सिर्फ अच्छाई और बुराई की लड़ाई नहीं, बल्कि हमारे फैसलों और सही काम करने की जिम्मेदारी के बारे में है।"  नमित मल्होत्रा (निर्माता): > "राम की कहानी की ताकत इसमें है कि उन्होंने क्या त्याग दिया। वो अपनी पसंद से ऊपर फर्ज को और खुद से ऊपर बलिदान को चुनते हैं। इसीलिए उनकी कहानी आज भी उतनी ही मायने रखती है।"  3. भव्यता और विजुअल इफेक्ट्स हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और वैश्विक स्तर के प्रोडक्शन के साथ 'रामायणम्' भारतीय संस्कृति को विश्व मंच पर एक नए और आधुनिक अंदाज़ में स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे एक दो-भागों की फिल्म फ्रेंचाइजी के रूप में बनाया जा रहा है, जो इसकी विशालता को दर्शाता है।

मुम्बई | 03 अप्रैल 2026

जब दुनिया के पास कोई नायक नहीं था, तब 'राम' थे। इसी विचार के साथ भारतीय सिनेमा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'रामायणम्' का आगाज़ हो गया है। निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने एक विशेष टीज़र के ज़रिए 'राम' के रूप में रणबीर कपूर की पहली अलौकिक झलक पेश की है, जिसने दर्शकों के बीच गहरी संवेदनाएं जगा दी हैं।

1. एक वैश्विक सिनेमाई पल

5,000 से अधिक वर्षों से चली आ रही इस महान गाथा को पूरी दुनिया में एक साथ रिलीज़ किया गया। यह टीज़र उन लोगों के लिए एक नया नज़रिया है जो इस कहानी को सुनते हुए बड़े हुए हैं, और वैश्विक दर्शकों के लिए भारतीय संस्कृति की गहराई को समझने का एक शानदार मौका है।

2. 'मर्यादा पुरुषोत्तम' का मानवीय स्वरूप

फिल्म केवल पौराणिक कथा का दोहराव नहीं है, बल्कि यह राम के मानवीय पक्ष—उनके कठिन निर्णयों, कर्तव्यों और उनके परिणामों को सामने लाती है।

  • त्याग और कर्तव्य: राम एक ऐसे नायक हैं जो अपनी पसंद से ऊपर अपने फर्ज को रखते हैं।

  • तेजस्वी अवतार: रणबीर कपूर का शांत और ओजस्वी लुक दर्शकों को 'इंसानी बर्ताव के सबसे ऊँचे पैमाने' का अहसास कराता है।

प्रमुख हस्तियों के विचार

रणबीर कपूर (राम की भूमिका पर): > "मैं यहाँ राम को पेश करने नहीं, बल्कि उनसे सीखने आया हूँ। उनमें एक ऐसी सादगी और पवित्रता है जो बहुत कम देखने को मिलती है। उसे अपने अंदर उतारने की कोशिश करना मेरे लिए एक बहुत ही विनम्र और आत्मिक अनुभव रहा है।"

नितेश तिवारी (निर्देशक): > "रामायणम् की महानता इसकी भावनाओं की गहराई में है। यह सिर्फ अच्छाई और बुराई की लड़ाई नहीं, बल्कि हमारे फैसलों और सही काम करने की जिम्मेदारी के बारे में है।"

नमित मल्होत्रा (निर्माता): > "राम की कहानी की ताकत इसमें है कि उन्होंने क्या त्याग दिया। वो अपनी पसंद से ऊपर फर्ज को और खुद से ऊपर बलिदान को चुनते हैं। इसीलिए उनकी कहानी आज भी उतनी ही मायने रखती है।"

3. भव्यता और विजुअल इफेक्ट्स

हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और वैश्विक स्तर के प्रोडक्शन के साथ 'रामायणम्' भारतीय संस्कृति को विश्व मंच पर एक नए और आधुनिक अंदाज़ में स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे एक दो-भागों की फिल्म फ्रेंचाइजी के रूप में बनाया जा रहा है, जो इसकी विशालता को दर्शाता है।

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