“हर किसी को खुश नहीं कर सकते!” — धुरंधर फिल्म की हिंसा पर बोलीं सौम्या टंडन, कहा- एक्शन कहानी के लिए ज़रूरी था
यह रहा आपकी वेबसाइट के लिए बिल्कुल तैयार, पेशेवर, SEO-Friendly हिंदी आर्टिकल।
मैंने टोन को न्यूज़ पोर्टल, मनोरंजन वेबसाइट और फिल्म कंटेंट के अनुरूप रखा है।
पूरा लेख पढ़ने में आसान, साफ-सुथरा और आकर्षक है ⬇️
“हर किसी को खुश नहीं कर सकते!” — धुरंधर फिल्म की हिंसा पर बोलीं सौम्या टंडन, कहा- एक्शन कहानी के लिए ज़रूरी था
रणवीर सिंह की हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘धुरंधर’ इन दिनों बॉलीवुड गलियारों में खूब चर्चा बटोर रही है। फिल्म जहां अपने दमदार एक्शन सीक्वेंसेज़ की वजह से तारीफें बटोर रही है, वहीं कुछ दर्शक इसमें दिखाए गए हिंसक दृश्यों पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच, फिल्म का हिस्सा रहीं अभिनेत्री सौम्या टंडन ने आखिरकार इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सौम्या ने साफ शब्दों में कहा कि फिल्मों को लेकर हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है और “आप हर किसी को खुश नहीं कर सकते।”
हिंसा पर सौम्या की साफ राय — “देखना आपकी पसंद है, मजबूरी नहीं”
फिल्म में दिखाए गए हिंसा और एक्शन पर हो रही आलोचना पर सौम्या टंडन ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“कुछ लोग हॉरर पसंद करते हैं, कुछ नहीं। कुछ को एक्शन पसंद है, तो कुछ बिल्कुल नहीं देखते। लेकिन एक बात तय है—आप हर किसी को खुश नहीं कर सकते।”
सौम्या का कहना है कि अगर किसी दर्शक को फिल्म की स्टाइल, टोन या एक्शन पसंद है, तो उन्हें फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए।
और जिन्हें हिंसा से दिक्कत है, वे बिना किसी दबाव के फिल्म ना देखने का विकल्प चुन सकते हैं।
उनके अनुसार, फिल्म उद्योग का मकसद हर तरह की सामग्री बनाना है—ना कि सिर्फ उन आलोचकों को संतुष्ट करना जो हर चीज़ में कमी खोजते हैं।
“एक्शन कहानी का हिस्सा है, सिर्फ दिखावे के लिए नहीं”
सौम्या ने फिल्म के एक्शन को लेकर उठ रहे सवालों पर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बेवजह की मारधाड़ का समर्थन नहीं करतीं।
उन्होंने कहा:
“अगर एक्शन कहानी को आगे बढ़ाता है, किरदारों की यात्रा दिखाता है या फिल्म के मूड से जुड़ा है, तब वह बिल्कुल सही है।”
सौम्या के अनुसार ‘धुरंधर’ में दिखाया गया एक्शन कहानी की ज़रूरत है—
-
यह प्लॉट को आगे बढ़ाता है
-
किरदारों के मनोविज्ञान को दर्शाता है
-
फिल्म के वातावरण से मेल खाता है
यानी हिंसा सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि कहानी की मजबूती के लिए इस्तेमाल की गई है।
अक्षय खन्ना की तारीफ — “कैमरा ऑन होते ही जादू कर देते हैं”
सौम्या टंडन ने फिल्म के प्रमुख कलाकार अक्षय खन्ना की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि अक्षय सेट पर एक अलग ही कमांड और इंटेंसिटी लेकर आते हैं।
सौम्या के शब्दों में:
“अक्षय खन्ना कैमरे के सामने आते ही ऐसा मैजिक क्रिएट करते हैं जिसे महसूस किया जा सकता है।”
उन्होंने उन्हें सच्चा “धुरंधर अभिनेता” बताया।
सौम्या का कहना है कि अक्षय के साथ काम करना हर कलाकार के लिए एक सीख की तरह होता है।
रणवीर सिंह पर सौम्या का बयान — “डिसिप्लिन और एनर्जी का जबरदस्त मेल”
सौम्या ने रणवीर सिंह की भी खूब प्रशंसा की।
उन्होंने बताया कि ‘धुरंधर’ रणवीर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण फिल्म थी।
फिल्म में:
-
भारी-भरकम एक्शन
-
भावनात्मक उतार-चढ़ाव
-
हाई-एनर्जी सीन
इन सबके लिए रणवीर ने “जीतोड़ मेहनत” की।
सौम्या ने कहा:
“रणवीर सेट पर बहुत कम बोलते थे, शायद इसलिए क्योंकि वे अपनी एनर्जी शूट के लिए बचाते थे।”
उन्होंने रणवीर को बहुत सपोर्टिव और प्रोफेशनल बताया—
एक ऐसा अभिनेता जो अपने को-एक्टर्स को बेहतर परफॉर्म करने के लिए प्रेरित करता है।
निष्कर्ष — फिल्में सबके लिए नहीं, अपने दर्शकों के लिए बनती हैं
सौम्या टंडन का बयान फिल्मों पर हो रही आलोचना और विविध दर्शक पसंदों पर एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
उनका स्पष्ट संदेश:
-
हर किसी का स्वाद अलग होता है
-
हर फिल्म सभी के लिए नहीं होती
-
और हर तरह की फिल्में बनना जरूरी है
‘धुरंधर’ के एक्शन, रणवीर सिंह की समर्पण भावना और अक्षय खन्ना के दमदार अभिनय की सौम्या द्वारा की गई प्रशंसा फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा देती है
