IPL 2026 ऑक्शन के बाद विवादों में शाहरुख खान, KKR द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी की खरीद पर बवाल

 
Shah Rukh Khan Called 'Traitor' After KKR Buys Bangladeshi Cricketer Amid Hindu Attacks in Bangladesh | IPL 2026 Controversy

बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान… एक ऐसा नाम जो दशकों से करोड़ों दिलों पर राज करता आया है। लेकिन इस वक्त वही शाहरुख खान एक ऐसे विवाद में फंस चुके हैं, जिसे लोग कह रहे हैं – “एक गलती और गर्दन पर लटक गई तलवार।”  मामला जुड़ा है IPL 2026 के ऑक्शन से, जहां शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदा और बस यहीं से शुरू हो गया जबरदस्त बवाल। सोशल मीडिया से लेकर साधु-संतों और नेताओं तक, हर जगह शाहरुख खान पर सवाल उठने लगे।

असल में इस पूरे विवाद की जड़ सिर्फ क्रिकेट नहीं है, बल्कि वो माहौल है जो इस वक्त बांग्लादेश को लेकर बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में minorities, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न से जुड़ी कई खबरें सामने आई हैं। इन्हीं घटनाओं को लेकर भारत में नाराज़गी देखी जा रही है। कई हिंदू संगठन, राजनीतिक दल और सामाजिक संस्थाएं खुलकर विरोध जता रहे हैं। भारत सरकार ने भी बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में बांग्लादेश से जुड़ा कोई भी फैसला emotional issue बन जाता है।

इसी बीच 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में IPL 2026 का ऑक्शन हुआ। कोलकाता नाइट राइडर्स, जिसके को-ओनर शाहरुख खान, जूही चावला और जय मेहता हैं, ने बांग्लादेश के लेफ्ट आर्म फास्ट बॉलर मुस्तफिजुर रहमान को करीब 9.2 करोड़ रुपये में खरीद लिया। क्रिकेट की नजर से देखें तो यह एक पूरी तरह प्रोफेशनल और रणनीतिक फैसला था। मुस्तफिजुर पहले भी IPL खेल चुके हैं, उनके पास अनुभव है और डेथ ओवर्स में उनकी गेंदबाज़ी टीम के लिए फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन लोगों का कहना है कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, तब यह फैसला गलत संदेश देता है।

ऑक्शन के बाद सोशल मीडिया पर शाहरुख खान को लेकर जबरदस्त ट्रोलिंग शुरू हो गई। #BoycottSRK और #TraitorSRK जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई लोगों ने कहा कि शाहरुख खान ने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है। कुछ साधु-संतों और धार्मिक नेताओं ने खुलकर नाराज़गी जताई। देवकीनंदन ठाकुर ने इसे संवेदनहीन फैसला बताया और कहा कि ऐसे समय में KKR मैनेजमेंट को इस पर दोबारा सोचना चाहिए। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भी बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए शाहरुख खान के कदम को देश के खिलाफ बताया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सीधे शाहरुख खान पर हमला तो नहीं किया, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि क्या खिलाड़ियों की भी यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि वे अपने देश में हो रही घटनाओं पर आवाज़ उठाएं। उनका कहना था कि अगर खिलाड़ी इन मुद्दों पर चुप रहते हैं, तो लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है। वहीं कुछ BJP नेताओं ने तो शाहरुख खान पर बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया और IPL मैचों में विरोध तक की बात कह दी।

हालांकि कहानी का दूसरा पहलू भी है। हर कोई शाहरुख खान के खिलाफ नहीं है। कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसी कलाकार या खिलाड़ी को “गद्दार” कहना भारत की विविधता और लोकतांत्रिक सोच के खिलाफ है। कुछ अन्य नेताओं और संगठनों ने भी कहा कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए, हालांकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की निंदा जरूरी है। शाहरुख खान की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर #StandWithSRK ट्रेंड कर दिया है।

कुल मिलाकर यह पूरा विवाद इस बात को दिखाता है कि आज के समय में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं रह गया है। वह राजनीति, धर्म और भावनाओं से गहराई से जुड़ चुका है। सवाल यही है कि क्या शाहरुख खान से सच में कोई बड़ी गलती हुई है, या फिर एक प्रोफेशनल क्रिकेट फैसले को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक और भावनात्मक बना दिया गया है। अब आपकी बारी है—आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

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