क्या स्ट्रॉन्ग महिला शादी के लिए गलत मानी जाती है? नीना गुप्ता ने कह दी कड़वी सच्चाई
दोस्तों, आज एक ऐसा सवाल पूछते हैं जो थोड़ा चुभता है…
क्या आज भी एक मजबूत, आत्मनिर्भर और अपनी राय रखने वाली महिला को शादी के लिए “परफेक्ट” नहीं माना जाता?
अगर ये सवाल आपको सोचने पर मजबूर कर रहा है, । क्योंकि आज बात करेंगे हमारी फेवरेट, बेबाक और बेहद सशक्त महिला — नीना गुप्ता की। उन्होंने हाल ही में ऐसा बयान दिया है जो सिर्फ वायरल नहीं हुआ, बल्कि बहुत सी महिलाओं के दिल की बात कह गया।
हाल ही में Humans of Bombay को दिए एक इंटरव्यू में नीना गुप्ता ने कहा,
“स्ट्रॉन्ग वुमन मैरिज मैटेरियल नहीं होती। ज्यादातर मर्दों को मजबूत महिलाएं पसंद नहीं आतीं, उन्हें बेबस महिलाएं ही अच्छी लगती हैं।”
दोस्तों, ये सुनना तकलीफदेह है, लेकिन नीना मैम ने ये बात सिर्फ कहने के लिए नहीं कही — इसके पीछे उनका अपना दर्द, अनुभव और सच छिपा है।
आज नीना गुप्ता 66 साल की हैं, लेकिन उनकी एनर्जी, स्टाइल और कॉन्फिडेंस देखकर कोई नहीं कह सकता।
‘बधाई हो’, ‘पंचायत’ और ‘मसाबा मसाबा’ जैसी फिल्मों और सीरीज़ में उन्होंने साबित किया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है।
लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ हमेशा इतनी आसान नहीं रही। इंडस्ट्री में संघर्ष, समाज की जजमेंट और सिंगल मदर बनने का साहस — नीना ने ये सब अकेले झेला।
इंटरव्यू में नीना गुप्ता ने खुलकर कहा कि जो महिलाएं अपने विचार रखती हैं, काम करती हैं, करियर को सीरियसली लेती हैं — उनसे ज्यादातर मर्द डरते हैं।
उनका कहना था कि ऐसे पुरुष उन महिलाओं को पसंद करते हैं जिन्हें कंट्रोल किया जा सके, जिन पर अधिकार जमाया जा सके।
नीना ने ये भी साफ किया कि वो सभी पुरुषों की बात नहीं कर रहीं, लेकिन उनका अनुभव कहता है कि ऐसे पुरुषों की संख्या बहुत ज्यादा है।
इसके बाद नीना ने अपनी ज़िंदगी का एक बेहद पर्सनल और दर्दनाक किस्सा साझा किया।
उन्होंने बताया कि कभी उनकी सगाई हो चुकी थी। रिंग सेरेमनी भी हुई थी। वो शादी की तैयारी कर रही थीं, कपड़े और गहने खरीदने दिल्ली गई थीं।
तभी अचानक एक फोन आया — लड़के ने कहा कि शादी अभी नहीं हो सकती, उसे साइनस का ऑपरेशन करवाना है।
नीना हैरान रह गईं। उन्होंने वजह पूछी, लेकिन कोई साफ जवाब नहीं मिला।
सगाई टूट गई। उन्होंने लड़के के पैरेंट्स से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई सच सामने नहीं आया।
छह महीने बाद वही लड़का वापस आया और बोला, “अब मैं शादी करना चाहता हूं।”
और यहीं नीना गुप्ता ने वो किया, जो हर महिला को करना सीखना चाहिए।
उन्होंने साफ कहा — “दफा हो जाओ। अब मैं तुमसे शादी नहीं करना चाहती।”
ये सिर्फ एक जवाब नहीं था, ये था आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और खुद की वैल्यू पहचानने का सबूत।
नीना गुप्ता की ज़िंदगी में ऐसे कई मौके आए जब समाज ने उन्हें जज किया।
1980 के दशक में उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स से बिना शादी किए एक बेटी को जन्म दिया।
उस दौर में सिंगल मदर होना बहुत बड़ा टैबू था। लोग बातें करते थे, उंगलियां उठाते थे, लेकिन नीना ने हार नहीं मानी।
उन्होंने दिल्ली से मुंबई तक का सफर तय किया, छोटे रोल किए, संघर्ष किया और अपनी बेटी मसाबा को अकेले पाला।
आज मसाबा एक सफल फैशन डिज़ाइनर हैं और नीना की सबसे बड़ी ताकत।
2018 में, 59 साल की उम्र में, नीना ने विवेक मेहरा से शादी की — बिना किसी दबाव के, अपनी मर्ज़ी से।
नीना गुप्ता हमेशा कहती हैं कि महिला का फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट होना बेहद जरूरी है।
क्योंकि जब औरत अपने पैरों पर खड़ी होती है, तभी वो सच में आज़ाद होती है — रिश्तों में भी और फैसलों में भी।
आज नीना का ये बयान इसलिए भी ज़्यादा मायने रखता है क्योंकि सोशल मीडिया पर हजारों लड़कियां इससे खुद को जोड़ रही हैं।
अच्छी नौकरी, अपनी राय और आत्मनिर्भरता रखने वाली महिलाओं को आज भी रिश्तों में रिजेक्शन झेलना पड़ता है।
लेकिन अच्छी बात ये है कि बदलाव आ रहा है, और ऐसी आवाज़ें उस बदलाव को और मजबूत बना रही हैं।
नीना गुप्ता सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं, बल्कि एक सीख हैं।
उनकी कहानी हमें सिखाती है कि स्ट्रॉन्ग होना कोई कमी नहीं, बल्कि आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
और अगर कोई आपकी वैल्यू नहीं करता, तो उसे अलविदा कहना भी ज़रूरी है।
अब सवाल आपसे है।
क्या आज भी समाज में स्ट्रॉन्ग महिलाओं को शादी के लिए जज किया जाता है?
या फिर वाकई चीज़ें बदल रही हैं?
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