'द बंगाल फाइल्स' पर विवाद: विवेक अग्निहोत्री बोले – "सच बोलना गुनाह है तो मैं गुनहगार हूं!"

The Bengal Files controversy

 
Vivek Agnihotri vs Mamata Banerjee

Vivek Agnihotri vs Mamata Banerjee

बॉलीवुड फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध और स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट कोलकाता में रोक दिया गया, जिससे विवेक ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है।

📌 क्या है 'द बंगाल फाइल्स' विवाद?

16 अगस्त 2025 को कोलकाता में ‘द बंगाल फाइल्स’ का ट्रेलर लॉन्च होना था, लेकिन अंतिम समय पर यह इवेंट रद्द कर दिया गया। विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर एक वीडियो साझा करते हुए पूछा:

“कौन हमारी आवाज दबाना चाहता है? और क्यों? लेकिन मैं चुप नहीं बैठूंगा। सच को कोई नहीं रोक सकता।”

उन्होंने सीधे तौर पर ममता बनर्जी से अपील की कि फिल्म को बंगाल में रिलीज की अनुमति दी जाए, ताकि लोग इतिहास का सच जान सकें।

🎬 क्या है 'द बंगाल फाइल्स' की कहानी?

यह फिल्म विवेक की ‘Files Trilogy’ की तीसरी और अंतिम कड़ी है। इससे पहले वह ‘द ताशकंद फाइल्स’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी चर्चित फिल्में बना चुके हैं।

‘द बंगाल फाइल्स’ की कहानी 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखाली दंगों पर आधारित है, जिसे हिंदू नरसंहार के रूप में दिखाया गया है। फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं:

  • मिथुन चक्रवर्ती

  • अनुपम खेर

  • पल्लवी जोशी

  • दर्शन कुमार

फिल्म की लंबाई है 204 मिनट, और इसे सेंसर बोर्ड द्वारा ‘A’ सर्टिफिकेट दिया गया है। फिल्म 5 सितंबर 2025 को रिलीज हो रही है।

🚫 ट्रेलर लॉन्च इवेंट रद्द – सरकार की दखलअंदाजी?

शुरुआत में ट्रेलर लॉन्च कोलकाता के एक मल्टीप्लेक्स में होना था, लेकिन आयोजकों ने अंतिम समय पर इसे रद्द कर दिया। विवेक का दावा है कि यह सब राजनीतिक दबाव में किया गया। जब उन्होंने इवेंट को ITC रॉयल बंगाल होटल में शिफ्ट किया, तो वहां भी पुलिस ने हस्तक्षेप किया।

कोलकाता पुलिस का कहना था कि आयोजकों के पास जरूरी ‘Amusement License’ नहीं था। लेकिन विवेक ने इसे "तानाशाही" करार देते हुए कहा:

“बिना सरकारी दबाव के इतना बड़ा प्रोग्राम रद्द नहीं किया जा सकता।”

🗣️ ममता बनर्जी पर विवेक का सीधा हमला

एक इंटरव्यू में विवेक अग्निहोत्री ने कहा:

“अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो जनता क्या करे? ममता बनर्जी तय करती हैं कि बंगाल में क्या दिखेगा और क्या नहीं। मेरी फिल्म कोई प्रोपेगैंडा नहीं, बल्कि इतिहास का सच है।”

उन्होंने यहां तक कहा कि अगर ममता चाहें, तो वह खुद जाकर उन्हें फिल्म दिखाने को तैयार हैं।

🏛️ राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू

इस विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है:

  • BJP नेता सुकांत मजुमदार ने ममता सरकार पर आरोप लगाया कि वो "सच को दबाने" की कोशिश कर रही है।

  • मिथुन चक्रवर्ती ने फिल्म का समर्थन करते हुए कहा, "नई पीढ़ी को नोआखाली और डायरेक्ट एक्शन डे के बारे में जानने का हक है।"

  • वहीं TMC नेता कुणाल घोष ने विवेक को "राजनीतिक एजेंडा चलाने वाला" बताया और कहा कि फिल्म का मकसद "विवाद खड़ा करना" है।

🎭 फिल्म का समर्थन और अपील

बंगाली सुपरस्टार विक्टर बनर्जी ने ‘द बंगाल फाइल्स’ का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति से अपील की कि फिल्म को शांतिपूर्ण तरीके से रिलीज़ होने दिया जाए।

विवेक अग्निहोत्री ने एक ऑनलाइन पिटीशन भी शेयर की, जिसमें बंगाली हिंदू समुदाय ने राष्ट्रपति से मांग की कि फिल्म की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए।

🍛 एक और विवाद – मराठी खाने पर बयान

फिल्म के साथ-साथ विवेक एक और विवाद में फंस गए हैं। एक फूड चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने मराठी भोजन को "गरीबों का खाना" कहा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई।

विवेक ने सफाई देते हुए कहा कि उनका आशय मराठी खाने को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वो सिर्फ अपनी व्यक्तिगत स्वाद पसंद बता रहे थे।

❓ क्या 'द बंगाल फाइल्स' बनेगी ऐतिहासिक दस्तावेज या विवादों की आग में जलेगी?

विवेक अग्निहोत्री का संदेश साफ है:

"अगर सच बोलना गुनाह है, तो मैं गुनहगार हूं।"

अब देखना यह है कि क्या फिल्म को बंगाल में रिलीज़ होने दिया जाएगा या यह एक और राजनीतिक बहस का मुद्दा बनकर रह जाएगी।

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