अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर खुशबू पाटनी का रिएक्शन: प्रेमानंद महाराज को लेकर फैली गलतफहमी पर सफाई जरूरी थी
Truth behind Premanand Ji
Spiritual leaders and truth
आज का लेख एक ऐसे मुद्दे पर है, जो हाल ही में सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर छाया हुआ है। बात हो रही है कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के उस बयान की, जिसमें उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली लड़कियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। बयान ने न सिर्फ बवाल खड़ा किया, बल्कि कई सामाजिक संगठनों और महिलाओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान
अनिरुद्धाचार्य ने अपने प्रवचन में कहा,
"लड़के लाते हैं 25 साल की लड़कियों को, जो 4-5 जगह मुंह मारके आती हैं।"
यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई और इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक और पितृसत्तात्मक मानसिकता का उदाहरण बताया गया।
खुशबू पाटनी का तीखा जवाब
इस बयान पर सबसे तीखा रिएक्शन दिया दिशा पाटनी की बहन, खुशबू पाटनी ने। पूर्व आर्मी मेजर और फिटनेस कोच खुशबू ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए अनिरुद्धाचार्य की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि समाज में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए सिर्फ लड़कियों को ही क्यों दोषी ठहराया जाता है?
खुशबू ने कहा,
"अगर ये मेरे सामने होता, तो मैं इसे समझा देती कि 'मुंह मारना' क्या होता है। ऐसे लोग राष्ट्रविरोधी हैं और इन्हें समर्थन नहीं मिलना चाहिए।"
गलतफहमी और विवाद: प्रेमानंद महाराज को लेकर भ्रम
बात तब बिगड़ी, जब एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें प्रेमानंद महाराज ने आज की पीढ़ी के नैतिक मूल्यों पर टिप्पणी की थी। कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने गलती से यह मान लिया कि खुशबू पाटनी का बयान प्रेमानंद जी के खिलाफ था। इसके बाद खुशबू को ट्रोल किया जाने लगा और फेक वीडियो और एडिटेड क्लिप्स के ज़रिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
खुशबू पाटनी की सफाई
31 जुलाई 2025 को खुशबू पाटनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक आधिकारिक बयान जारी कर इस भ्रम को साफ किया। उन्होंने लिखा:
"मैंने कभी भी पूज्य प्रेमानंद महाराज जी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की। मेरे शब्द केवल अनिरुद्धाचार्य के बयान को लेकर थे।"
उन्होंने यह भी कहा कि यदि फेक न्यूज़ फैलाना जारी रहा, तो वह कानूनी कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगी।
3 अगस्त को खुशबू ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के पुराने विवादास्पद बयान की ओर ध्यान दिलाया, जहां उन्होंने कहा था:
"लड़कियां पढ़ाई के बाद फिल्म देखने जाती हैं और उनके टुकड़े कर दिए जाते हैं।"
खुशबू ने स्पष्ट किया कि उनके विरोध का कारण सिर्फ महिला विरोधी मानसिकता है, ना कि किसी आध्यात्मिक गुरु के खिलाफ कोई व्यक्तिगत एजेंडा।
फॉलोअर्स की प्रतिक्रिया और सामाजिक बहस
जहाँ प्रेमानंद महाराज के फॉलोअर्स ने धार्मिक भावनाओं के प्रति सम्मान की बात की, वहीं खुशबू पाटनी ने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म या संत को ठेस पहुंचाना नहीं था।
वहीं अनिरुद्धाचार्य की ओर से भी सफाई आई कि उनके बयान को एडिट कर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
