World Environment Day: सोनी सब के कलाकारों ने साझा किए पर्यावरण सुरक्षा के मंत्र; इक़बाल, करुणा और विवाना ने दी दैनिक आदतों को बदलने की प्रेरणा

World Environment Day: Sony SAB artists share mantras for environmental protection; Iqbal, Karuna, and Vivana inspire a change in daily habits.
 
💡 "बोर्डिंग स्कूल की सीख आज भी जीवन का हिस्सा है" — इक़बाल खान धारावाहिक ‘यादें’ में डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अभिनेता इक़बाल खान ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा:  "मेरी शुरुआती पढ़ाई बोर्डिंग स्कूल में हुई थी, जहाँ हमें बहुत कम उम्र से ही प्राकृतिक संसाधनों के मूल्य को समझना सिखाया गया। पानी और बिजली की बर्बादी न करना हमारे अनुशासन का मुख्य हिस्सा था। ज़रूरत खत्म होते ही लाइट और पंखे बंद करने की वह आदत आज भी मुझमें इतनी गहराई से रची-बसी है कि मेरा परिवार कभी-कभी इस कड़े अनुशासन को लेकर मेरा मज़ाक भी उड़ाता है। लेकिन मेरा मानना है कि यदि हम सब अपनी इन बुनियादी आदतों के प्रति सजग हो जाएं, तो पर्यावरण में बहुत बड़ा सुधार ला सकते हैं।"  🛍️ "सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को पूरी तरह कहें अलविदा" — करुणा पांडे शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में अपने जीवंत अभिनय से पुष्पा के रूप में घर-घर में पहचान बनाने वाली करुणा पांडे ने कहा:  "मुंबई जैसे व्यस्त और भागदौड़ भरे शहर में प्रकृति हमें शांत रखने और जमीन से जुड़े रहने में मदद करती है। पिछले कुछ वर्षों में मैंने सचेत रूप से एक नियम बनाया है कि मैं जब भी बाहर जाती हूँ, अपनी पानी की बोतल और कपड़े का थैला हमेशा साथ रखती हूँ। इससे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर मेरी निर्भरता पूरी तरह खत्म हो गई है। इसके अलावा, मैं घर पर पुरानी चीजों को रीसायकल (Recycle) और रीयूज़ (Reuse) करने की कोशिश करती हूँ। स्थिरता (Sustainability) की शुरुआत असल में हमारे घर की छोटी आदतों से ही होती है।"  🌱 "पौधों का साथ सिखाता है धैर्य और सजगता" — विवाना सिंह पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में गांधारी का सशक्त किरदार निभा रहीं अभिनेत्री विवाना सिंह ने पर्यावरण के प्रति अपने जुड़ाव को लेकर कहा:  "मुझे हमेशा से शांत और प्राकृतिक वातावरण के बीच रहना पसंद है। यही वजह है कि मैं अपने घर और शूटिंग सेट (वर्कप्लेस) पर हमेशा छोटे-छोटे पौधे रखती हूँ। पौधों की देखभाल करने से न केवल आस-पास के माहौल में सकारात्मक ऊर्जा आती है, बल्कि यह हमें जीवन में धैर्य और सजगता भी सिखाता है। मैं भी अपनी तरफ से प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने की पूरी कोशिश करती हूँ। प्रकृति की सुरक्षा तभी संभव है जब हम अपनी दैनिक जीवनशैली को लेकर जागरूक होंगे।"  मनोरंजन का संदेश: अपने पसंदीदा कलाकारों को स्क्रीन पर देखने और उनके किरदारों से जुड़ने के लिए देखते रहिए ‘यादें’, ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ और ‘हस्तिनापुर के वीर’, सिर्फ सोनी सब (Sony SAB) पर।

मुंबई (मनोरंजन डेस्क), जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस हर साल हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति के संरक्षण के लिए हमें किसी बड़े बदलाव का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में उठाए गए छोटे-छोटे और सचेत कदम ही भविष्य में एक बड़ा और सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। चाहे वह पानी की बचत हो, बिजली का सही उपयोग हो या प्लास्टिक को ना कहना हो, हमारा सामूहिक प्रयास धरती को सुरक्षित बना सकता है।

इस वर्ष पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर सोनी सब के प्रमुख कलाकारों—इक़बाल खान, करुणा पांडे और विवाना सिंह—ने प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित किया और बताया कि वे अपने दैनिक जीवन में किन स्थायी आदतों (Sustainable Habits) को अपनाते हैं।

बोर्डिंग स्कूल की सीख आज भी जीवन का हिस्सा है" — इक़बाल खान

धारावाहिक ‘यादें’ में डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अभिनेता इक़बाल खान ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा:मेरी शुरुआती पढ़ाई बोर्डिंग स्कूल में हुई थी, जहाँ हमें बहुत कम उम्र से ही प्राकृतिक संसाधनों के मूल्य को समझना सिखाया गया। पानी और बिजली की बर्बादी न करना हमारे अनुशासन का मुख्य हिस्सा था। ज़रूरत खत्म होते ही लाइट और पंखे बंद करने की वह आदत आज भी मुझमें इतनी गहराई से रची-बसी है कि मेरा परिवार कभी-कभी इस कड़े अनुशासन को लेकर मेरा मज़ाक भी उड़ाता है। लेकिन मेरा मानना है कि यदि हम सब अपनी इन बुनियादी आदतों के प्रति सजग हो जाएं, तो पर्यावरण में बहुत बड़ा सुधार ला सकते हैं।"

सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को पूरी तरह कहें अलविदा" — करुणा पांडे

शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में अपने जीवंत अभिनय से पुष्पा के रूप में घर-घर में पहचान बनाने वाली करुणा पांडे ने कहा:मुंबई जैसे व्यस्त और भागदौड़ भरे शहर में प्रकृति हमें शांत रखने और जमीन से जुड़े रहने में मदद करती है। पिछले कुछ वर्षों में मैंने सचेत रूप से एक नियम बनाया है कि मैं जब भी बाहर जाती हूँ, अपनी पानी की बोतल और कपड़े का थैला हमेशा साथ रखती हूँ। इससे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर मेरी निर्भरता पूरी तरह खत्म हो गई है। इसके अलावा, मैं घर पर पुरानी चीजों को रीसायकल (Recycle) और रीयूज़ (Reuse) करने की कोशिश करती हूँ। स्थिरता (Sustainability) की शुरुआत असल में हमारे घर की छोटी आदतों से ही होती है।"

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"पौधों का साथ सिखाता है धैर्य और सजगता" — विवाना सिंह

पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में गांधारी का सशक्त किरदार निभा रहीं अभिनेत्री विवाना सिंह ने पर्यावरण के प्रति अपने जुड़ाव को लेकर कहा:मुझे हमेशा से शांत और प्राकृतिक वातावरण के बीच रहना पसंद है। यही वजह है कि मैं अपने घर और शूटिंग सेट (वर्कप्लेस) पर हमेशा छोटे-छोटे पौधे रखती हूँ। पौधों की देखभाल करने से न केवल आस-पास के माहौल में सकारात्मक ऊर्जा आती है, बल्कि यह हमें जीवन में धैर्य और सजगता भी सिखाता है। मैं भी अपनी तरफ से प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने की पूरी कोशिश करती हूँ।

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ति की सुरक्षा तभी संभव है जब हम अपनी दैनिक जीवनशैली को लेकर जागरूक होंगे। अपने पसंदीदा कलाकारों को स्क्रीन पर देखने और उनके किरदारों से जुड़ने के लिए देखते रहिए ‘यादें’, ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ और ‘हस्तिनापुर के वीर’, सिर्फ सोनी सब (Sony SAB) पर।

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