भीगे बादाम के अलावा इन 6 चीजों को डाइट में करें शामिल, मिलेंगे जरूरी पोषक तत्व

Apart from soaked almonds, include these 6 things in your diet to get essential nutrients.
 
बादाम ही नहीं, ये 6 चीजें भी भिगोकर खाएं, प्रोटीन-फाइबर समेत कई पोषक तत्वों से भरपूर

हेल्थ डेस्क। सुबह भीगे हुए बादाम खाने की सलाह अक्सर दी जाती है। बादाम प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का अच्छा स्रोत है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि पोषण पाने के लिए केवल बादाम पर ही निर्भर रहा जाए। कई किफायती खाद्य पदार्थ भी डाइट में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व जोड़ सकते हैं।

कुछ खाद्य पदार्थों को भिगोकर या अंकुरित करके खाने से उनकी बनावट बदलती है और कुछ पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ को कमजोरी दूर करने या स्टेमिना बढ़ाने का चमत्कारी उपाय नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही जरूरी हैं।

1. मूंग

मूंग दाल और साबुत मूंग प्रोटीन के अच्छे पौध-आधारित स्रोत हैं। साबुत मूंग को भिगोकर अंकुरित करके भी खाया जा सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ फोलेट, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

अंकुरित मूंग को सलाद या हल्के नाश्ते के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। इससे भोजन में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाने में मदद मिलती है।

2. मूंगफली

कम कीमत में मिलने वाली मूंगफली ऊर्जा और पोषण का अच्छा स्रोत है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और असंतृप्त वसा के साथ मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व भी होते हैं।

मूंगफली को भिगोकर खाने का चलन काफी आम है। हालांकि, इसे खाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि मूंगफली अच्छी गुणवत्ता की हो और उसमें फफूंद न लगी हो। एलर्जी वाले लोगों को मूंगफली से बचना चाहिए।

3. काले चने

काले चने प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं। इनमें आयरन, फोलेट और कई अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी मिलते हैं। इन्हें रातभर भिगोकर सुबह अच्छी तरह पकाकर खाना एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है।

काले चने पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मदद कर सकते हैं, इसलिए इन्हें संतुलित नाश्ते या भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

4. अखरोट

अखरोट में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और खास तौर पर ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) पाया जाता है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में अखरोट को हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।

इसे भिगोकर या सामान्य रूप से भी खाया जा सकता है। हालांकि, यह दावा करना सही नहीं है कि अखरोट खाने से बढ़ती उम्र में मस्तिष्क 20 साल की उम्र जैसा काम करने लगेगा। इसका लाभ पूरी डाइट और जीवनशैली के संदर्भ में समझना चाहिए।

5. अंजीर

सूखे अंजीर में फाइबर और प्राकृतिक शर्करा के साथ कैल्शियम, पोटैशियम तथा कुछ अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे पानी में भिगोकर खाना कई लोगों की डाइट का हिस्सा है।

फाइबर पर्याप्त मात्रा में लेने से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सूखे अंजीर में प्राकृतिक शर्करा और कैलोरी भी होती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

6. अलसी के बीज

अलसी यानी फ्लैक्स सीड्स में फाइबर, ALA ओमेगा-3 फैटी एसिड और लिग्नान जैसे पौध-आधारित यौगिक पाए जाते हैं। इसे डाइट में शामिल करने से कुल फाइबर और स्वस्थ वसा का सेवन बढ़ाया जा सकता है।

अलसी को पीसकर खाना अक्सर ज्यादा उपयोगी माना जाता है, क्योंकि साबुत बीज पूरी तरह पच नहीं पाते। इसे दही, दलिया, सलाद या स्मूदी में मिलाया जा सकता है।

बादाम का विकल्प हैं, लेकिन पूरी तरह बराबर नहीं

मूंग, मूंगफली, काले चने, अखरोट, अंजीर और अलसी पोषण के लिहाज से उपयोगी खाद्य पदार्थ हैं, लेकिन इनमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा और संरचना अलग-अलग होती है। इसलिए इन्हें बादाम का बिल्कुल समान विकल्प कहना सही नहीं होगा।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए अलग-अलग दालें, साबुत अनाज, फल, सब्जियां, नट्स और बीजों को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करना अधिक फायदेमंद है। यदि लगातार कमजोरी, थकान या स्टेमिना की कमी महसूस होती है, तो केवल इन खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना उचित है।

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