डेस्क जॉब से शरीर में आ गई है जकड़न? रोज़ाना करें ये 6 योगासन, बढ़ेगा लचीलापन और दूर होगी मांसपेशियों की अकड़न

आज की सिटिंग जॉब और गैजेट्स पर निर्भर लाइफस्टाइल ने हमारे शरीर को समय से पहले 'जाम' करना शुरू कर दिया है। गर्दन में अकड़न, कमर दर्द और कूल्हों की जकड़न अब आम बात है। लेकिन अच्छी बात यह है कि योग के माध्यम से हम न सिर्फ खोया हुआ लचीलापन (flexibility) वापस पा सकते हैं, बल्कि भविष्य की गंभीर बीमारियों से भी बच सकते हैं।
 
1. कैट/काऊ पोज़ (Marjaryasana-Bitilasana) यह रीढ़ की हड्डी के लिए सबसे बेहतरीन वार्म-अप माना जाता है।  फायदा: यह पोज़ रीढ़ के लचीलेपन को बढ़ाता है और गर्दन से लेकर पीठ के निचले हिस्से तक के तनाव को रिलीज करता है।  2. बटरफ्लाई पोज़ (Baddha Konasana) ज्यादा देर बैठने से सबसे ज्यादा असर हमारे हिप्स और जांघों पर पड़ता है।  फायदा: यह कूल्हों की मांसपेशियों को खोलता है और पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। इससे शरीर की भारीपन वाली जकड़न कम होती है।  3. चाइल्ड्स पोज़ (Balasana) काम के बीच में जब थकान महसूस हो, तो यह पोज़ रामबाण है।  फायदा: यह एक विश्राम मुद्रा है जो पीठ, कंधों और कूल्हों के तनाव को धीरे-धीरे खींचकर बाहर निकाल देती है। यह मन को शांत करने में भी सहायक है।  4. कोबरा पोज़ (Bhujangasana) दिनभर झुककर काम करने से हमारी रीढ़ की हड्डी आगे की ओर मुड़ने लगती है।  फायदा: कोबरा पोज़ छाती की मांसपेशियों को खोलता है और रीढ़ को पीछे की ओर स्ट्रेच देकर उसे सीधा और मजबूत बनाता है। कमर दर्द के लिए यह बेहद प्रभावी है।  5. सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट (Ardha Matsyendrasana) यह आसन रीढ़ की हड्डी को 'ट्विस्ट' कर उसकी अशुद्धियों और जकड़न को दूर करता है।  फायदा: यह पीठ के मध्य हिस्से की अकड़न को कम करता है और पाचन तंत्र को भी सक्रिय बनाता है।  6. ब्रिज पोज़ (Setu Bandhasana) शरीर को मजबूती और स्ट्रेचिंग का सही मेल प्रदान करता है।  फायदा: यह हिप फ्लेक्सर्स और लोअर बैक को मजबूती देता है। यदि आपको बैठने की वजह से पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहता है, तो ब्रिज पोज़ उसे सहारा (support) प्रदान करता है।

घंटों लैपटॉप के सामने बैठना और शारीरिक गतिविधि की कमी हमारे शरीर के पोस्चर को बिगाड़ रही है। मांसपेशियों में लगातार होने वाली अकड़न न केवल थकान पैदा करती है, बल्कि मानसिक तनाव का कारण भी बनती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिनभर में मात्र 15-20 मिनट योग को दिए जाएं, तो शरीर को फिर से सक्रिय और लचीला बनाया जा सकता है। यहाँ कुछ ऐसे असरदार योगासन दिए गए हैं जो मांसपेशियों की जकड़न को जड़ से खत्म करने में मदद करेंगे

1. कैट/काऊ पोज़ (Marjaryasana-Bitilasana)

यह रीढ़ की हड्डी के लिए सबसे बेहतरीन वार्म-अप माना जाता है।

  • फायदा: यह पोज़ रीढ़ के लचीलेपन को बढ़ाता है और गर्दन से लेकर पीठ के निचले हिस्से तक के तनाव को रिलीज करता है।

2. बटरफ्लाई पोज़ (Baddha Konasana)

ज्यादा देर बैठने से सबसे ज्यादा असर हमारे हिप्स और जांघों पर पड़ता है।

  • फायदा: यह कूल्हों की मांसपेशियों को खोलता है और पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। इससे शरीर की भारीपन वाली जकड़न कम होती है।

3. चाइल्ड्स पोज़ (Balasana)

काम के बीच में जब थकान महसूस हो, तो यह पोज़ रामबाण है।

  • फायदा: यह एक विश्राम मुद्रा है जो पीठ, कंधों और कूल्हों के तनाव को धीरे-धीरे खींचकर बाहर निकाल देती है। यह मन को शांत करने में भी सहायक है।

4. कोबरा पोज़ (Bhujangasana)

दिनभर झुककर काम करने से हमारी रीढ़ की हड्डी आगे की ओर मुड़ने लगती है।

  • फायदा: कोबरा पोज़ छाती की मांसपेशियों को खोलता है और रीढ़ को पीछे की ओर स्ट्रेच देकर उसे सीधा और मजबूत बनाता है। कमर दर्द के लिए यह बेहद प्रभावी है।

5. सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट (Ardha Matsyendrasana)

यह आसन रीढ़ की हड्डी को 'ट्विस्ट' कर उसकी अशुद्धियों और जकड़न को दूर करता है।

  • फायदा: यह पीठ के मध्य हिस्से की अकड़न को कम करता है और पाचन तंत्र को भी सक्रिय बनाता है।

6. ब्रिज पोज़ (Setu Bandhasana)

शरीर को मजबूती और स्ट्रेचिंग का सही मेल प्रदान करता है।

  • फायदा: यह हिप फ्लेक्सर्स और लोअर बैक को मजबूती देता है। यदि आपको बैठने की वजह से पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहता है, तो ब्रिज पोज़ उसे सहारा (support) प्रदान करता है।

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