Goat Milk Benefits in Dengue Platelets Fact Check: क्या वाकई बकरी का दूध पीने से तेजी से बढ़ते हैं प्लेटलेट्स? जानें आयुर्वेद का नजरिया और मेडिकल साइंस की सच्चाई

Goat Milk in Dengue: Does drinking goat milk really increase platelets faster? Know the perspective of Ayurveda and the truth of medical science
 
क्या वाकई बकरी का दूध पीने से तेजी से बढ़ते हैं

Goat Milk Benefits in Dengue Platelets Fact Check: मानसून के मौसम में डेंगू के मामलों में तेजी आते ही ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए तमाम घरेलू और पारंपरिक नुस्खों की चर्चा शुरू हो जाती है। इनमें सबसे प्रमुख है बकरी का दूध (Goat Milk)। अक्सर यह दावा किया जाता है कि बकरी का दूध पीने से गिरते प्लेटलेट्स तुरंत बढ़ने लगते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक एलोपैथिक मेडिकल साइंस इस दावे को किस रूप में देखते हैं, आइए जानते हैं इसकी पूरी सच्चाई।

क्या बकरी का दूध डेंगू में फायदेमंद है?

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, आयुर्वेद में बकरी के दूध को ‘छाग पय’ कहा गया है। इसे पोषक और अपेक्षाकृत आसानी से पचने वाला माना जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सामान्य पोषण में योगदान दे सकते हैं। हालांकि, बकरी का दूध डेंगू वायरस को खत्म करता है या डेंगू का उपचार करता है, ऐसा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है।

क्या बकरी का दूध प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ाता है?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बकरी के दूध से डेंगू मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे प्लेटलेट्स बढ़ाने वाली दवा या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। डेंगू में प्लेटलेट्स का स्तर बीमारी के दौरान स्वाभाविक रूप से ऊपर-नीचे हो सकता है। केवल प्लेटलेट्स की संख्या देखकर मरीज की स्थिति का आकलन करना भी उचित नहीं है। डॉक्टर मरीज के लक्षण, ब्लड टेस्ट और पूरी चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर उपचार तय करते हैं।

बकरी के दूध में कौन से पोषक तत्व होते हैं?

बकरी का दूध सामान्य आहार के रूप में उपयोगी हो सकता है। इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और कुछ लोगों को यह अन्य दूध की तुलना में आसानी से पचने वाला लग सकता है। बीमारी के दौरान पर्याप्त पोषण और तरल पदार्थ लेना शरीर की रिकवरी में मदद कर सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बकरी का दूध डेंगू की विशेष दवा है।

कच्चा बकरी का दूध पीने से बचें

डेंगू के दौरान कच्चा या बिना पाश्चराइज्ड दूध पीना उचित नहीं है। दूषित दूध से बैक्टीरियल संक्रमण सहित अन्य संक्रमणों का खतरा हो सकता है। इसलिए यदि बकरी का दूध लेना हो तो सुरक्षित और अच्छी तरह गर्म किया हुआ/पाश्चराइज्ड दूध ही लें।

डेंगू में क्या ज्यादा जरूरी है?

डेंगू मरीज के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है। पानी, ओआरएस और अन्य उपयुक्त तरल पदार्थों के सेवन से डिहाइड्रेशन से बचने में मदद मिलती है। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा सुझाई गई जांच और निगरानी जरूरी है। खून आना, लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या सुस्ती, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

बकरी का दूध पौष्टिक आहार हो सकता है, लेकिन इसे डेंगू का इलाज या प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ाने का प्रमाणित उपाय नहीं माना जा सकता। सोशल मीडिया या पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर डेंगू का उपचार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता देना सबसे सुरक्षित तरीका है।

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