बकरी का दूध या ऊंटनी का दूध: सेहत के लिए कौन-सा है ज्यादा फायदेमंद?
दूध को सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यही कारण है कि बड़े-बुजुर्ग रोज़ाना दूध पीने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। आमतौर पर लोग गाय या भैंस का दूध पीते हैं, लेकिन भारत के कुछ हिस्सों—खासतौर पर राजस्थान और गुजरात—में बकरी और ऊंटनी का दूध भी परंपरागत रूप से पिया जाता है और इसके कई स्वास्थ्य लाभ बताए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बकरी का दूध ज्यादा फायदेमंद है या ऊंटनी का? आइए जानते हैं
बकरी का दूध: हल्का और सुपाच्य
बकरी का दूध खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जिन्हें सामान्य दूध पचाने में दिक्कत होती है।
मुख्य फायदे
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आसान पाचन: इसमें फैट के कण छोटे होते हैं, जिससे यह जल्दी पच जाता है।
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डेंगू में सहायक: पारंपरिक मान्यता के अनुसार, प्लेटलेट्स बढ़ाने में इसे लाभकारी माना जाता है।
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लिवर के लिए लाभदायक: फैटी लिवर और अन्य लिवर समस्याओं में उपयोगी माना जाता है।
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पोषक तत्वों से भरपूर: कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन-A की अच्छी मात्रा हड्डियों को मजबूत बनाती है।
ऊंटनी का दूध: प्राकृतिक सुपरफूड
ऊंटनी का दूध को कई जगहों पर औषधीय गुणों वाला माना जाता है।
मुख्य फायदे:
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प्राकृतिक इंसुलिन जैसा प्रभाव: इसमें मौजूद प्रोटीन डायबिटीज के मरीजों के लिए सहायक मानी जाती है।
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एलर्जी और ऑटिज़्म में सहायक: कुछ शोधों में इसे एलर्जी और ऑटिज़्म के लक्षणों में लाभकारी बताया गया है।
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जोड़ों और हड्डियों के दर्द में राहत: गठिया जैसी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है।
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इम्यूनिटी बूस्टर: इसमें विटामिन-C की मात्रा अधिक होती है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
आपके लिए कौन-सा दूध बेहतर?
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यदि आपको पाचन, कमजोरी या लिवर से जुड़ी समस्या है → बकरी का दूध
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यदि आप डायबिटीज, गठिया या इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं → ऊंटनी का दूध
यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी प्रकार की बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में दूध को आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।
