प्रोटीन का पावरहाउस है कुलथी की दाल, जानें इसके 5 बेजोड़ आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य लाभ
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान के कारण शरीर में प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों की कमी होना एक आम समस्या बन गई है। विशेष रूप से शाकाहारी (Vegetarian) लोगों के लिए प्रोटीन के सही स्रोतों का चुनाव करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में कुलथी की दाल (Horse Gram) आपकी डाइट के लिए एक अचूक और बेहद किफायती विकल्प साबित हो सकती है।
सर्टिफाइड आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. रूपाली जैन बेदारकर के अनुसार, आयुर्वेद में कुलथी की दाल को औषधीय गुणों का भंडार माना गया है। यह शरीर में कफ और वात दोष को संतुलित करती है और पचने में बेहद आसान होती है। प्रोटीन के अलावा इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम और भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। आइए जानते हैं कि कुलथी की दाल को अपनी नियमित डाइट में शामिल करने से सेहत को कौन-से 5 बड़े फायदे मिलते हैं
कुलथी की दाल के 5 मुख्य स्वास्थ्य लाभ
1. किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) से दिलाए राहत
किडनी स्टोन की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए कुलथी की दाल किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें प्राकृतिक रूप से ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर के भीतर मौजूद पथरी को धीरे-धीरे छोटे टुकड़ों में तोड़ने (Crush) का काम करते हैं। इसके नियमित सेवन से यूरिन (पेशाब) का फ्लो बढ़ता है, जिससे पथरी बिना किसी सर्जरी के प्राकृतिक रूप से शरीर से बाहर निकल जाती है।
2. तेजी से वजन घटाने (Weight Loss) में मददगार
यदि आप फैट लॉस करना चाहते हैं, तो कुलथी की दाल को अपनी थाली का हिस्सा जरूर बनाएं।
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इसमें कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है।
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यह हाई प्रोटीन और प्रचुर फाइबर से भरपूर होती है, जिसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और अस्वस्थ क्रेविंग (भूख) नहीं लगती।
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इसका प्रोटीन कंटेंट वजन घटाने के दौरान आपके मसल्स (मांसपेशियों) को कमजोर नहीं होने देता और उन्हें मजबूती प्रदान करता है।
3. पुरानी सर्दी, खांसी और कफ को करे छूमंतर
बदलते मौसम में जिन लोगों को बार-बार सर्दी-जुकाम हो जाता है, नाक में कफ जमा रहता है या साइनस (Sinus) के कारण सिर में तेज दर्द रहता है, उनके लिए कुलथी बेहद असरदार है। इसकी तासीर गर्म होती है, जो छाती और श्वसन तंत्र में जमे कफ को पिघलाकर बाहर निकालती है। कफ से राहत के लिए आप कुलथी की दाल का सूप या इसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
4. कमजोर पाचन तंत्र और गैस की समस्या से मुक्ति
फाइबर की उच्च मात्रा होने के कारण यह दाल आंतों की सेहत को दुरुस्त रखती है। जिन लोगों का खाना ठीक से नहीं पचता, पेट फूला हुआ रहता है, गैस बनती है या लगातार खट्टी डकारें आती हैं, उन्हें कुलथी की दाल का सेवन जरूर करना चाहिए। यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर पाचन क्रिया को सुचारू बनाती है।
5. जोड़ों का दर्द और शरीर की सूजन करे कम
कुलथी की दाल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है, जो हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बढ़ाने और उन्हें फौलादी बनाने के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही, यह दाल एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी (सूजनरोधी) गुणों से समृद्ध होती है, जो जोड़ों के दर्द, गठिया (Arthritis) और शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में अत्यधिक सहायक है। कुलथी की दाल को पकाने से पहले कम से कम 5-6 घंटे या रात भर के लिए पानी में भिगोकर जरूर रखें। आप इसका इस्तेमाल दाल, सूप, काढ़े या स्प्राउट्स (अंकुरित) के रूप में कर सकते हैं।
