Morning High BP: क्या सुबह सोकर उठते ही आपका बीपी भी 140/90 से ऊपर रहता है? एक्सपर्ट से जानिए इसके कारण और बचाव के उपाय

Morning High BP: Does your blood pressure remain above 140/90 right after waking up in the morning? Learn about the causes and preventive measures from experts.
 
Morning High BP: क्या सुबह सोकर उठते ही आपका बीपी भी 140/90 से ऊपर रहता है? एक्सपर्ट से जानिए इसके कारण और बचाव के उपाय

High Blood Pressure Treatment Tips: आज के समय की अनियमित जीवनशैली और असंतुलित खान-पान का सबसे बुरा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। यही वजह है कि भारत में अब कम उम्र के युवा भी तेजी से हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) के शिकार हो रहे हैं। साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बिमल छाजेर (MBBS, MD) के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर एक 'साइलेंट किलर' है। इसके लक्षण शुरुआत में आसानी से पकड़ में नहीं आते, लेकिन लंबे समय में यह हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी अन्य जानलेवा बीमारियों का सबसे बड़ा कारण बनता है।

अक्सर देखा गया है कि कई लोगों का ब्लड प्रेशर सामान्य दिनों में ठीक रहता है, लेकिन सुबह सोकर उठने के तुरंत बाद यह अचानक बढ़ जाता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कि सुबह बीपी बढ़ने के पीछे क्या वजहें हैं और इसे कैसे नियंत्रित किया जाए।

सुबह के समय क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? (Causes)

डॉक्टर बिमल छाजेर के मुताबिक, सुबह के समय ब्लड प्रेशर हाई होने के मुख्य रूप से तीन बड़े कारण जिम्मेदार होते हैं:

  1. स्ट्रेस हार्मोन्स का एक्टिव होना: सुबह जागने के दौरान शरीर में कॉर्टिसोल जैसे तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स प्राकृतिक रूप से रिलीज होते हैं, जो बीपी बढ़ा सकते हैं।

  2. नींद की कमी: रात में 7-8 घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद न लेने के कारण शरीर अंदरूनी तनाव से घिर जाता है।

  3. आहार में सोडियम की अधिकता: रात के भोजन में या दैनिक डाइट में नमक का ज्यादा इस्तेमाल करना।

 सुबह बीपी 140/90 से ज्यादा होने पर क्या करें? (Doctor's Advice)

यदि सुबह के समय आपका ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक आ रहा है, तो डॉक्टर इसे प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने के लिए 5 बेहद असरदार टिप्स बताते हैं:

1. 5 मिनट तक डीप ब्रीदिंग करें

सुबह उठते ही अगर आपको शरीर में भारीपन या बीपी बढ़ा हुआ महसूस हो, तो सबसे पहले शांत होकर एक जगह बैठ जाएं। इसके बाद कम से कम 5 मिनट तक गहरी और लंबी सांस लें (Deep Breathing)। सांस को अंदर खींचें, 2 सेकंड के लिए रोकें और फिर धीरे-धीरे छोड़ें। यह अभ्यास आपके नर्वस सिस्टम को तुरंत शांत करता है।

2. खाली पेट एक गिलास पानी पिएं

शरीर में पानी की हल्की सी कमी (माइल्ड डिहाइड्रेशन) भी ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा देती है। इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास सादा पानी जरूर पिएं। इससे शरीर हाइड्रेट होता है और बीपी नॉर्मल करने में मदद मिलती है। (नोट: अगर आप हार्ट या किडनी के ऐसे मरीज हैं जिन्हें डॉक्टर ने कम पानी पीने की सलाह दी है, तो इस नियम को न अपनाएं।)

3. शरीर में हल्की हलचल (Light Movement) लाएं

बिस्तर से उठने के बाद शरीर की जकड़न (Stiffness) को दूर करने के लिए 10 से 15 मिनट की हल्की स्ट्रेचिंग करें या कमरे में ही थोड़ा वॉक करें। यह लाइट मूवमेंट शरीर के सभी जॉइंट्स और ब्लड सर्कुलेशन को एक्टिवेट करता है, जिससे बीपी का स्तर सुधरता है।

4. 7 से 8 घंटे की भरपूर नींद लें

आधी-अधूरी नींद शरीर के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह है। रात को देर तक जागने से शरीर में ऐसे हार्मोन्स बनते हैं जो सीधे बीपी को ट्रिगर करते हैं। इसलिए एक निश्चित रूटीन बनाएं और रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लें।

5. डाइट से नमक और शुगर को कहें 'बाय'

  • नमक घटाएं: अपने खाने में ऊपर से नमक डालना बंद करें और कुल मात्रा भी कम करें।

  • पैक्ड फूड से दूरी: जंक फूड, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ (जैसे चिप्स, सॉस, आचार) और अत्यधिक मीठी चीजों से पूरी तरह परहेज करें।

  • हेल्दी ऑप्शन्स चुनें: अपनी रोज की डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, फाइबर और विटामिन से भरपूर चीजों को प्राथमिकता दें।

 डॉक्टर के पास कब जाना है जरूरी? (Warning Signs)

डॉक्टर बिमल छाजेर के अनुसार, यदि आप अपनी लाइफस्टाइल और खान-पान में लगातार सुधार कर रहे हैं, लेकिन फिर भी रोजाना सुबह चेक करने पर आपका ब्लड प्रेशर 140/90 से ऊपर बना रहता है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें और उचित दवा शुरू करें।

इसके अलावा, यदि बढ़ा हुआ बीपी होने के साथ आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें:

  • अचानक तेज चक्कर आना या आंखों के सामने अंधेरा छाना।

  • सिर का बहुत ज्यादा भारी होना या असहनीय दर्द।

  • छाती (चेस्ट) में दर्द, भारीपन या बेचैनी होना।

  • सांस लेने में कठिनाई या बहुत ज्यादा पसीना आना।

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