NFHS-6 Report: दिल्ली के पुरुष हो रहे फिट, महिलाओं में बढ़ा मोटापा; 'बढ़ता ब्लड शुगर' देश के सामने नई मेडिकल चुनौती

NFHS-6 Report: Men in Delhi are getting fitter, while obesity is rising among women; 'rising blood sugar' poses a new medical challenge for the country.
 
NFHS-6 Report: दिल्ली के पुरुष हो रहे फिट, महिलाओं में बढ़ा मोटापा; 'बढ़ता ब्लड शुगर' देश के सामने नई मेडिकल चुनौती

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की हालिया रिपोर्ट ने देश के बदलते स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल परिदृश्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। इस रिपोर्ट में 15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य पर की गई रिसर्च में सामने आया है कि देश की राजधानी दिल्ली में पुरुषों का फिटनेस लेवल पहले से बेहतर हुआ है, लेकिन महिलाओं में मोटापे (Obesity) के मामले तेजी से बढ़े हैं।

इसके साथ ही, रिपोर्ट में एक और बेहद चिंताजनक बात सामने आई है कि चाहे पुरुष हों या महिलाएं, सभी वर्गों में ब्लड शुगर (Blood Sugar) का बढ़ता स्तर देश के सामने एक नई और बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है।

दिल्ली और पूरे भारत के आंकड़े: क्या कहता है सर्वेक्षण?

सर्वेक्षण के अनुसार, बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के आधार पर 25 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर या उससे अधिक वाले लोगों को मोटापे/ओवरवेट की श्रेणी में रखा गया है।

दिल्ली का समीकरण:

  • पुरुष हुए फिट: दिल्ली के पुरुषों में फिटनेस के प्रति जागरूकता का असर दिख रहा है। NFHS-5 (2019-21) में जहाँ 38% पुरुष ओवरवेट थे, वहीं NFHS-6 (2023-24) की रिपोर्ट में यह आंकड़ा घटकर 34.8% रह गया है।

  • महिलाओं में बढ़ा वजन: इसके विपरीत, दिल्ली की महिलाओं में मोटापे की दर 41.4% से बढ़कर 42.7% हो गई है।

पूरे देश का हाल:

अगर संपूर्ण भारत की बात करें, तो पूरे देश में मोटापे के मामले थमे नहीं हैं। राष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों में यह दर 22.9% से बढ़कर 27.3% और महिलाओं में 24% से बढ़कर 30.7% तक पहुंच गई है।

बढ़ता ब्लड शुगर और मेटाबॉलिक हेल्थ: एक गंभीर चिंता

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुरुषों का फिट होना एक सकारात्मक खबर है, लेकिन रिपोर्ट में सामने आया 'बढ़ता ब्लड शुगर' का स्तर एक गंभीर मेडिकल अलार्म है। लोग अक्सर सोचते हैं कि यदि उनका वजन कम या सामान्य है, तो वे पूरी तरह फिट हैं। लेकिन यह एक बड़ा भ्रम है। यदि आपकी मेटाबॉलिक हेल्थ (Metabolic Health) यानी पाचन और ऊर्जा प्रबंधन की आंतरिक प्रणाली बिगड़ी हुई है, तो दुबले होने के बावजूद आप धीरे-धीरे डायबिटीज की चपेट में आ सकते हैं। मेटाबॉलिक रेट बिगड़ने से शरीर बीमारियों का घर बनने लगता है।

महिलाओं में मोटापे के बढ़ते मामलों के पीछे के मुख्य कारण

विशेषज्ञों ने महिलाओं में वजन बढ़ने के कुछ मुख्य और व्यावहारिक कारण बताए हैं:

  1. हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance): महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव फैट (वसा) के संचय को बढ़ाते हैं, जिससे वजन नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।

  2. सिटिंग जॉब और बदलती जीवनशैली: कामकाजी महिलाओं में प्रोफेशनल रूटीन तेजी से बढ़ा है, लेकिन ऑफिसों में लगातार कई घंटों तक बैठकर काम करने (Sitting Job) की मजबूरी फिजिकल एक्टिविटी को कम कर रही है।

  3. खुद की सेहत की अनदेखी: घरेलू महिलाएं पूरे परिवार के खान-पान और स्वास्थ्य पर तो पूरा ध्यान देती हैं, लेकिन अपनी सेहत और डाइट के साथ अक्सर खिलवाड़ या लापरवाही कर जाती हैं।

  4. बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा: मोटापा बढ़ने से महिलाओं में डायबिटीज के अलावा पीसीओएस (PCOS), इनफर्टिलिटी (बांझपन) और दिल की बीमारियों (Heart Health) का खतरा खतरनाक स्तर तक बढ़ रहा है।

मोटापे और बढ़ती शुगर से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें:

इस उभरती चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ बेहद आसान और प्रभावी उपाय साझा किए हैं:

  • फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं: यदि आपका काम लगातार बैठने वाला है, तो दिनभर में कम से कम 30 मिनट शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। इसके लिए सुबह या शाम की सैर (वॉक) सबसे आसान और बेहतरीन माध्यम है।

  • मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने वाली डाइट: खाने में रिफाइंड कार्ब्स और चीनी की मात्रा घटाएं। अपनी रोजाना की डाइट में भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन और हरी पत्तेदार सब्जियां व ताजे फल शामिल करें।

  • हाइड्रेशन का रखें ख्याल: शरीर के मेटाबॉलिक रेट को दुरुस्त रखने के लिए प्रचुर मात्रा में पानी पीना आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए।

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