हर पैर का दर्द सामान्य नहीं होता! जानिए कब दिखाएं स्पाइन एक्सपर्ट और कब लें हार्ट स्पेशलिस्ट की सलाह

Not all leg pain is ordinary! Find out when to consult a spine expert and when to seek advice from a heart specialist.
 
jop
अक्सर लोग पैरों में होने वाले दर्द को थकान, अधिक चलने-फिरने या मांसपेशियों की खिंचाव की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, हर बार ऐसा करना सही नहीं होता। कई मामलों में पैरों का दर्द रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) या हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए दर्द की प्रकृति और उसके साथ दिखाई देने वाले अन्य लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है।

किन संकेतों पर स्पाइन एक्सपर्ट से मिलना चाहिए?

यदि दर्द कमर से शुरू होकर कूल्हे, जांघ और पैर तक फैलता है और बिजली के झटके जैसा महसूस होता है, तो यह नस पर दबाव या रीढ़ की समस्या का संकेत हो सकता है। इसके अलावा यदि दर्द के साथ पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी या लंबे समय तक खड़े रहने और चलने में परेशानी हो रही है, तो इसे हल्के में न लें।

इन लक्षणों के पीछे स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस या नस दबने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि पैर उठाने में कठिनाई, बार-बार ठोकर लगना या पेशाब और मल पर नियंत्रण में बदलाव जैसे संकेत भी दिखाई दें, तो तुरंत स्पाइन विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

एमआरआई क्यों हो सकता है जरूरी?

स्पाइन से जुड़ी समस्याओं का सही कारण जानने के लिए डॉक्टर अक्सर एमआरआई (MRI) कराने की सलाह देते हैं। इस जांच से रीढ़ की हड्डी, डिस्क, नसों और स्पाइनल कैनाल की स्थिति का विस्तार से पता चलता है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि दर्द का कारण स्लिप डिस्क, नस पर दबाव, संक्रमण या कोई अन्य समस्या है।

समय रहते सही जांच कराने से बीमारी का पता शुरुआती चरण में चल सकता है, जिससे दवाओं, फिजियोथेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव के जरिए इलाज संभव हो सकता है। कई मामलों में इससे सर्जरी की जरूरत भी टल सकती है।

कब लें हार्ट स्पेशलिस्ट की सलाह?

यदि चलते समय पिंडली या जांघ में दर्द होता है लेकिन कुछ देर आराम करने पर दर्द कम हो जाता है, तो यह शरीर में रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

इसके साथ यदि पैर ठंडा महसूस हो, त्वचा का रंग बदल जाए, पैरों की नाड़ी कमजोर लगे या घाव सामान्य से अधिक समय में भरें, तो यह धमनियों में रुकावट (Peripheral Artery Disease) जैसी स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में हार्ट स्पेशलिस्ट से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि यह भविष्य में हृदय रोग या स्ट्रोक के बढ़े हुए जोखिम से भी जुड़ा हो सकता है।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

यदि पैरों के दर्द के साथ निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए—

  • सीने में दर्द या भारीपन
  • सांस लेने में तकलीफ
  • अचानक शरीर में कमजोरी महसूस होना
  • बार-बार चक्कर आना
  • बेहोशी आना

ये संकेत गंभीर मेडिकल इमरजेंसी की ओर इशारा कर सकते हैं और इनमें तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी होता है। हर पैर का दर्द केवल थकान या मांसपेशियों की समस्या नहीं होता। यदि दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए या उसके साथ असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो समय रहते सही विशेषज्ञ से परामर्श लेना सबसे बेहतर कदम है। शुरुआती जांच और उचित इलाज से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को समय पर नियंत्रित किया जा सकता है।

Tags