Periods Care: पीरियड्स के दर्द, स्ट्रेस और हार्मोनल इम्बैलेंस से राहत देगी यह खास आयुर्वेदिक चाय; स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया बनाने का तरीका
महिलाओं को अक्सर अपने जीवनकाल में हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) और पीरियड्स से जुड़ी कई शारीरिक व मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पीरियड्स के दौरान तेज पेट दर्द (Cramps), कमर दर्द, चिड़चिड़ापन और अत्यधिक थकान होना बेहद आम है। भारत में पारंपरिक रूप से इस दौरान गर्म चीजें या गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है, ताकि ब्लड फ्लो बेहतर हो सके।
इस संवेदनशील समय में महिलाओं की सेहत को दुरुस्त रखने और दर्द से प्राकृतिक रूप से निजात दिलाने के लिए आयुर्वेद में एक बेहद असरदार उपाय बताया गया है। 'आशा आयुर्वेदा' की डायरेक्टर, प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, औषधीय गुणों से भरपूर पुदीना, तुलसी और दालचीनी की हर्बल चाय का सेवन पीरियड्स की मुश्किलों को काफी हद तक आसान बना सकता है।
क्या कहता है आधुनिक विज्ञान? (Scientific Research)
आयुर्वेद के इन नुस्खों को आधुनिक मेडिकल साइंस भी प्रमाणित करता है:
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पुदीने के फायदे: साल 2025 में 'ईरानियन जर्नल ऑफ नर्सिंग एंड मिडवाइफरी रिसर्च' में प्रकाशित एक सिस्टेमेटिक रिव्यू के अनुसार, पुदीना पीरियड्स के दौरान होने वाली मांसपेशियों की ऐंठन और अन्य समस्याओं को ठीक करने में बेहद मददगार साबित हो सकता है।
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दालचीनी का असर: साल 2015 में 'ईरानियन रेड क्रेसेंट मेडिकल जर्नल' में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन के मुताबिक, दालचीनी बिना किसी साइड इफेक्ट के पीरियड्स के दर्द, हैवी ब्लीडिंग (अत्यधिक रक्तस्राव), जी मिचलाने (Nausea) और उल्टी जैसी दिक्कतों को प्रभावी रूप से कम करती है।
पुदीना, तुलसी और दालचीनी की चाय के 4 बड़े लाभ
डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, इन तीनों प्राकृतिक जड़ी-बूटियों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन रोधी) और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो महिलाओं को निम्नलिखित फायदे पहुंचाते हैं:
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ब्रेस्ट के भारीपन और दर्द से राहत: पीरियड्स के आस-पास या उस दौरान कई महिलाओं को स्तनों में भारीपन और दर्द (Breast Tenderness) महसूस होता है। यह हर्बल टी इस दर्द को तेजी से कम करती है।
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हार्मोनल संतुलन (Hormone Balance): इस चाय का नियमित सेवन शरीर के भीतर हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे अनियमित पीरियड साइकिल (Irregular Periods) की समस्या धीरे-धीरे ठीक होने लगती है।
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तनाव और मूड स्विंग्स का प्रबंधन: चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण मस्तिष्क (Brain) को रिलैक्स करते हैं। इससे कोर्टिसोल (स्ट्रैस हार्मोन) का स्तर कम होता है और पीरियड्स के दौरान होने वाले मूड स्विंग्स व मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
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इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार: दालचीनी और तुलसी का यह अनूठा संयोजन शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी (Insulin Sensitivity) को बेहतर बनाता है, जो PCOD/PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है।
हर्बल टी बनाने की बेहद आसान विधि
घर पर इस जादुई आयुर्वेदिक चाय को तैयार करने के लिए नीचे दी गई विधि का पालन करें:
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सामग्री: 1 कप पानी, 4-5 ताजी पुदीने की पत्तियां, 4-5 तुलसी की पत्तियां और 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी (Cinnamon)।
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बनाने का तरीका: एक पैन में एक कप पानी लें। उसमें पुदीना, तुलसी और दालचीनी का टुकड़ा डाल दें। अब इसे धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट के लिए अच्छी तरह उबलने दें ताकि सभी औषधीय गुण पानी में समा जाएं। इसके बाद गैस बंद कर दें, चाय को छान लें और गुनगुना होने पर इसका धीरे-धीरे आनंद लें।
विशेषज्ञ की सलाह और सावधानियां
डॉ. चंचल शर्मा सचेत करते हुए बताती हैं कि यदि आपको पुदीना, तुलसी या दालचीनी में से किसी भी चीज से एलर्जी (Allergy) है, तो इसका सेवन करने से पूरी तरह बचें। यह हर्बल टी सामान्य असुविधाओं को कम करने का एक प्राकृतिक माध्यम है। यदि पीरियड्स के दौरान आपको असहनीय दर्द, अत्यधिक ब्लीडिंग या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या महसूस होती है
