Rice Water for UTI Treatment: क्या चावल के मांड से सचमुच ठीक हो सकता है यूटीआई (UTI)? जानें आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की राय

Rice Water for UTI Treatment: Can rice water really cure a UTI? Find out what an Ayurvedic expert says.
 
Rice Water for UTI Treatment

Can Rice Water Cure UTI? Expert Insights: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) महिलाओं में होने वाली एक बेहद आम लेकिन दर्दनाक समस्या है। हाइजीन की कमी, कम पानी पीना या गंदे टॉयलेट का इस्तेमाल इसके मुख्य कारण होते हैं। यूटीआई होने पर अक्सर घरेलू नुस्खों की सलाह दी जाती है, जिनमें से एक चावल का मांड (चावल का पानी) है।

लेकिन क्या वाकई चावल का पानी यूरिन इंफेक्शन को ठीक कर सकता है? 'आशा आयुर्वेद' की आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा से जानिए इस नुस्खे के पीछे की वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक सच्चाई।

क्या यूटीआई में असरदार है चावल का मांड?

डॉक्टरों के अनुसार, चावल का मांड यूटीआई को पूरी तरह जड़ से खत्म करने की दवा नहीं है, लेकिन इसके सेवन से यूरिन इंफेक्शन के लक्षणों में त्वरित राहत ज़रूर मिलती है। यह शरीर को अंदर से ठंडा करता है और पेशाब के रास्ते की जलन को शांत करने में मदद करता है।

 चावल के मांड के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ:

  1. बैक्टीरिया बाहर निकालने में मददगार: चावल के मांड में मौजूद गुण शरीर और मूत्राशय से हानिकारक बैक्टीरिया को बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज़ करते हैं।

  2. जलन और दर्द से राहत: चावल के पानी में प्रचुर मात्रा में विटामिन B, C और E पाए जाते हैं। यह पेशाब करते समय होने वाली तेज जलन और दर्द को कम करने में सहायक है।

  3. शरीर को रखे कूल व डिटॉक्सिफाइड: इसकी तासीर ठंडी होती है। गर्मियों के मौसम में इसका सेवन करने से शरीर डिहाइड्रेशन से बचता है और यूरिनरी इंफेक्शन का खतरा कम होता है।

 चावल के मांड का सही इस्तेमाल कैसे करें?

  • सादा तरीका: आधा गिलास ताज़ा चावल का पानी लें और उसमें चुटकी भर चीनी मिलाकर पिएं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट की जलन में तुरंत आराम मिलता है।

  • डिटॉक्स ड्रिंक: आप चावल के मांड में थोड़ा सा काला नमक और नींबू का रस मिलाकर भी पी सकते हैं। यह शरीर को डिटॉक्स करने के साथ-साथ यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

 यूटीआई से राहत दिलाने वाले अन्य आयुर्वेदिक उपाय

आयुर्वेद में यूरिनरी इंफेक्शन के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ अन्य प्रभावी घरेलू उपाय भी बताए गए हैं:

  • नारियल पानी और इलायची: ताजे नारियल पानी में थोड़ी सी इलायची मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

  • अनार का रस व सोंठ: अनार के रस में सूखी अदरक (सोंठ) का पाउडर और चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर लें।

  • आंवला और इलायची: आंवले के चूर्ण को इलायची के साथ मिलाकर सेवन करें।

  • केले के तने का रस: यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

चावल का मांड और ये आयुर्वेदिक उपाय शुरुआती लक्षणों में राहत दे सकते हैं, लेकिन यदि संक्रमण गंभीर है, बुखार आ रहा है या दर्द कम नहीं हो रहा है, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें और उचित एंटीबायोटिक या आयुर्वेदिक इलाज शुरू करें।

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