रोजाना की ये 5 आदतें आपके दिमाग की नसें कर सकती हैं कमजोर, न्यूरोलॉजिस्ट से जानें बचाव के उपाय
मानव शरीर में मस्तिष्क (Brain) सबसे जटिल और महत्वपूर्ण अंग है। हमारे विचार, याददाश्त, भावनाएं और तमाम शारीरिक गतिविधियां सीधे तौर पर दिमाग से ही नियंत्रित होती हैं। दिमाग को सुचारू रूप से काम करने के लिए निरंतर ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जो रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) के माध्यम से वहां तक पहुंचते हैं।
यदि दिमाग की नसों में रक्त का प्रवाह बाधित हो या वे कमजोर हो जाएं, तो ब्रेन स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। फरीदाबाद स्थित फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. विनीत बंगा के अनुसार, हमारी कुछ रोजमर्रा की अनहेल्दी आदतें इन रक्त वाहिकाओं को धीरे-धीरे लेकिन गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में और इनसे बचने के सटीक उपाय
दिमाग की नसों को कमजोर करने वाली 5 मुख्य आदतें
डॉ. विनीत बंगा ने उन पांच प्रमुख लाइफस्टाइल आदतों को रेखांकित किया है, जो ब्रेन हेल्थ के लिए साइलेंट किलर साबित हो रही हैं:
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अपर्याप्त नींद (Sleep Deprivation): रात में लगातार 6 घंटे से कम सोने से दिमाग को डिटॉक्स होने का समय नहीं मिलता, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है।
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अत्यधिक मानसिक तनाव (Chronic Stress): लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो रक्त वाहिकाओं को संकुचित और कमजोर बनाता है।
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जंक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन: डाइट में अत्यधिक सोडियम, ट्रांस फैट और मैदा युक्त भोजन धमनियों में ब्लॉकेज (Atherosclerosis) पैदा कर सकता है।
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गतिहीन जीवनशैली (Sedentary Lifestyle): घंटों तक एक ही जगह बैठकर काम करने से पूरे शरीर सहित मस्तिष्क में रक्त का संचार धीमा हो जाता है।
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अनियंत्रित बीमारियां: यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension), डायबिटीज या बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल है और आप इन्हें नियंत्रित नहीं रख रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर दिमाग की सूक्ष्म नसों को डैमेज करता है।
डॉ. विनीत बंगा से जानिए, दिमाग को कैसे बनाएं हेल्दी और एक्टिव?
दिमाग की रक्त वाहिकाओं को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए डॉ. बंगा ने निम्नलिखित 5 व्यावहारिक और प्रभावी उपाय सुझाए हैं:
1. रोजाना 20 मिनट का व्यायाम है अनिवार्य
रक्त संचार को दुरुस्त करने के लिए हर दिन कम से कम 20 मिनट का कार्डियो व्यायाम (जैसे तेज चलना, दौड़ना या साइकिल चलाना) जरूर करें। यदि आप डेस्क जॉब में हैं, तो काम के बीच-बीच में छोटे ब्रेक्स लें, स्ट्रेचिंग करें और कुछ समय ताजी हवा में बिताएं।
2. स्क्रीन टाइम पर लगाम और 7-8 घंटे की गहरी नींद
मस्तिष्क की कोशिकाओं की मरम्मत (Repairing) के लिए रोज रात को 7 से 8 घंटे की सुकून भरी नींद बेहद जरूरी है। इसके लिए एक नियम बनाएं—सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या किसी भी प्रकार की डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें।
3. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर संतुलित डाइट अपनाएं
अपने खानपान में जंक फूड, डिब्बाबंद (Packed) खाद्य पदार्थों और अत्यधिक मीठी चीजों (Sugary Foods) का सेवन लगभग बंद कर दें। इसकी जगह अपनी थाली में ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, ओट्स और साबुत अनाज (Whole Grains) शामिल करें। इसके साथ ही, दिनभर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी पीकर खुद को अच्छी तरह हाइड्रेटेड रखें।
4. धूम्रपान और शराब से पूरी तरह बनाएं दूरी
सिगरेट में मौजूद निकोटीन और अत्यधिक शराब का सेवन दिमाग की रक्त वाहिकाओं को अंदरूनी रूप से सख्त और संकरा बना देता है, जिससे ब्रेन हेमरेज या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बेहतर ब्रेन हेल्थ के लिए इन दोनों से पूरी तरह दूरी बना लें।
5. रूटीन हेल्थ चेकअप को न करें नजरअंदाज
एक अच्छी जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि आप समय-समय पर अपनी नियमित चिकित्सा जांच (Routine Health Checkup) करवाते रहें। इससे ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को शुरुआती स्टेज में ही पकड़कर नियंत्रित किया जा सकता है।
