शरीर में फाइबर की कमी के ये संकेत, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताए डाइट से कमी पूरी करने के तरीके

These are the signs of fiber deficiency in the body; gastroenterologists explain how to meet the requirement through diet.
 
शरीर में फाइबर की कमी के ये संकेत, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताए डाइट से कमी पूरी करने के तरीके

स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए फाइबर को आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह मल त्याग को आसान बनाने और आंतों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। डाइट में पर्याप्त फाइबर नहीं होने पर कुछ लोगों में कब्ज, मल के सख्त होने या अनियमित मल त्याग जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।

अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रैक्टिस करने वाले गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने सोशल मीडिया पर फाइबर की कमी से जुड़े कुछ संकेतों के बारे में जानकारी साझा की है। हालांकि, इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर फाइबर की कमी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

खाना खाने के बाद जल्दी भूख लगना

अगर भोजन करने के थोड़ी देर बाद ही दोबारा भूख महसूस होने लगे, तो डाइट में फाइबर की मात्रा कम होना एक संभावित कारण हो सकता है। फाइबर युक्त भोजन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है।

खाने के बाद ब्लड शुगर में तेजी

डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, घुलनशील फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद कर सकता है। इससे भोजन के बाद ग्लूकोज के स्तर में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।हालांकि, भोजन के बाद ब्लड शुगर में बदलाव केवल फाइबर की मात्रा पर निर्भर नहीं करता। भोजन की कुल संरचना और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति भी इसमें भूमिका निभाती है।

बढ़ सकता है बैड कोलेस्ट्रॉल

फाइबर, खासकर घुलनशील फाइबर, हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है। डाइट में इसकी कमी होने पर लिपिड प्रोफाइल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हालांकि, बढ़े हुए LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल के पीछे कई कारण हो सकते हैं, इसलिए इसे सिर्फ फाइबर की कमी से जोड़ना सही नहीं होगा।

मल का सख्त होना और कब्ज

फाइबर की कमी का सबसे आम संकेत कब्ज या मल का सख्त होना हो सकता है। फाइबर मल में मात्रा बढ़ाने और पानी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे मल त्याग आसान हो सकता है।

यदि लंबे समय से मल त्याग में परेशानी हो रही है, तो केवल फाइबर बढ़ाने के बजाय पर्याप्त पानी, शारीरिक गतिविधि और पूरे आहार पर ध्यान देना जरूरी है।

ढीला मल भी हो सकता है संकेत

फाइबर का संबंध केवल कब्ज से नहीं है। कुछ प्रकार का घुलनशील फाइबर पानी को सोखकर जेल जैसी संरचना बनाता है, जिससे ढीले मल की स्थिति में मल को कुछ हद तक बांधने में मदद मिल सकती है। हालांकि, लगातार दस्त या ढीला मल होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

कार्बोहाइड्रेट खाने के बाद थकान

भोजन में फाइबर की मात्रा कम होने पर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों को कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन के बाद सुस्ती या थकान महसूस हो सकती है। हालांकि, इसे केवल फाइबर की कमी का लक्षण मानना उचित नहीं है, क्योंकि भोजन के बाद थकान के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

नियमित मल त्याग में परेशानी

पर्याप्त फाइबर लेने से मल की मात्रा, बनावट और नियमितता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अगर लगातार कब्ज रहती है या मल त्याग की आदत में बदलाव आया है, तो आहार में फाइबर के स्रोत शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

डाइट में फाइबर कैसे बढ़ाएं?

फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए रोजाना के भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, चने, नट्स और बीज शामिल किए जा सकते हैं। फाइबर को अचानक बहुत अधिक बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है, क्योंकि अचानक अधिक फाइबर लेने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है।साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। यदि कब्ज, दस्त, पेट दर्द या मल त्याग में बदलाव लगातार बना हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

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