बदलते मौसम में खांसी-जुकाम और गले की खराश से हैं परेशान? घर पर बनाएं तुलसी-अदरक का पारंपरिक काढ़ा
रसोई में मौजूद तुलसी, अदरक, काली मिर्च और हल्दी से तैयार करें गर्म पेय; गले को मिल सकती है राहत, लेकिन इसे दवा का विकल्प न समझें
मौसम में बदलाव के साथ कई लोगों को खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी परेशानियां होने लगती हैं। ऐसे में घरों में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक नुस्खों की याद आती है। दादी-नानी के समय से तुलसी, अदरक और काली मिर्च से बना काढ़ा सर्दी के मौसम में पिया जाता रहा है।
यह पेय घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। हालांकि, इसे खांसी-जुकाम का अचूक इलाज या दवाइयों का विकल्प नहीं मानना चाहिए। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि।
काढ़ा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
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1 गिलास पानी
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4 से 5 ताजे तुलसी के पत्ते
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2 काली मिर्च, कुटी हुई
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आधा इंच अदरक, कद्दूकस किया हुआ
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1 चुटकी हल्दी
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1 चम्मच शहद
इस तरह तैयार करें तुलसी-अदरक का काढ़ा
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सबसे पहले एक बर्तन में एक गिलास पानी लें।
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इसमें तुलसी के पत्ते, कुटी हुई काली मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक और हल्दी डालें।
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सभी सामग्री को कुछ देर उबालें, जब तक पानी लगभग आधा न रह जाए।
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अब इसे छानकर हल्का गुनगुना होने दें।
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गुनगुना होने पर इसमें शहद मिलाएं और धीरे-धीरे पिएं।
काढ़ा पीते समय इन बातों का रखें ध्यान
तुलसी और अदरक जैसे पारंपरिक घरेलू खाद्य पदार्थों से बना गर्म पेय गले को आराम पहुंचा सकता है। शहद भी खांसी में कुछ राहत देने में मदद कर सकता है। हालांकि, इस काढ़े से संक्रमण खत्म होने या रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ने की गारंटी नहीं है।
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एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल न दें।
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मधुमेह से पीड़ित लोग शहद का सेवन सावधानी से करें।
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किसी सामग्री से एलर्जी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उसका सेवन न करें।
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काढ़े को बहुत गर्म अवस्था में न पिएं।
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खांसी-जुकाम लंबे समय तक बना रहे, तेज बुखार हो या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
बदलते मौसम में पर्याप्त आराम, पानी और संतुलित खानपान के साथ ऐसे पारंपरिक गर्म पेय का सेवन किया जा सकता है। घरेलू नुस्खे केवल सामान्य राहत के लिए हैं, बीमारी का इलाज नहीं।
