dengu mein platelets kam hone par kya khare : डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या खाएं? जानें 5 चीजों के फायदे और जरूरी सावधानियां
dengu mein platelets kam hone par kya khare : डेंगू के दौरान शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। ऐसे में मरीज की सेहत पर नजर रखना, पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराना बेहद जरूरी है। संतुलित खान-पान शरीर को बीमारी से उबरने में मदद कर सकता है, लेकिन किसी खास फल, जूस या आयुर्वेदिक औषधि से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने की गारंटी नहीं है।
प्लेटलेट्स के लिए उपयोगी माने जाने वाले 5 खाद्य विकल्प
1. कीवी: कीवी में विटामिन सी और फाइबर होता है। यह संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है और शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग देता है।
2. अनार: अनार में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे फल के रूप में या सीमित मात्रा में जूस के रूप में लिया जा सकता है। हालांकि, यह डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने का प्रमाणित इलाज नहीं है।
3. पपीता: पपीता विटामिन और फाइबर का स्रोत है। पपीते के पत्तों के रस को प्लेटलेट्स बढ़ाने का घरेलू उपाय बताया जाता है, लेकिन इसके लाभ के पर्याप्त और विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना उपचार के विकल्प के रूप में न करें।
4. नारियल पानी और पर्याप्त तरल पदार्थ: डेंगू में शरीर में पानी की कमी से बचना महत्वपूर्ण है। पानी, नारियल पानी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं। यदि लगातार उल्टी हो रही हो या मरीज पर्याप्त पानी न पी पा रहा हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
5. पौष्टिक और संतुलित भोजन: लौकी, फल, सब्जियां, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं। भोजन मरीज की भूख, सहनशीलता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।
गिलोय, व्हीटग्रास और एलोवेरा का जूस कितना कारगर?
गिलोय, व्हीटग्रास और एलोवेरा के जूस को कई बार प्लेटलेट्स बढ़ाने के घरेलू उपायों के रूप में प्रचारित किया जाता है। लेकिन डेंगू के इलाज या प्लेटलेट्स में तेजी से बढ़ोतरी के लिए इनकी प्रभावशीलता स्थापित नहीं है। खासकर गिलोय सहित हर्बल उत्पादों के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि कुछ औषधियां दुष्प्रभाव पैदा कर सकती हैं या दूसरी दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं।
डेंगू में इन बातों का रखें ध्यान
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डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच और निगरानी कराते रहें।
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पर्याप्त तरल पदार्थ लें और आराम करें।
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बुखार के लिए दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें। एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकती हैं, इसलिए डेंगू में इन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह न लें।
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नाक या मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी, काला मल, तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती या बेचैनी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं।
