अरीकोम्बन की सलामती के लिए केरल की एनआरआई त्रिशूर मंदिर में कर रहीं पूजा

तिरुवनंतपुरम्, 11 जून (आईएएनएस)। केरल की एक प्रवासी महिला ने जंगली हाथी अरीकोम्बन की सलामती के लिए त्रिशूर मंदिर में दो दिवसीय पूजा का आयोजन किया है। अरीकोम्बन को राज्य के इडुक्की जिले के चिन्नकनाल से तमिलनाडु के जंगलों में स्थानांतरित किया गया था।
अरीकोम्बन की सलामती के लिए केरल की एनआरआई त्रिशूर मंदिर में कर रहीं पूजा
तिरुवनंतपुरम्, 11 जून (आईएएनएस)। केरल की एक प्रवासी महिला ने जंगली हाथी अरीकोम्बन की सलामती के लिए त्रिशूर मंदिर में दो दिवसीय पूजा का आयोजन किया है। अरीकोम्बन को राज्य के इडुक्की जिले के चिन्नकनाल से तमिलनाडु के जंगलों में स्थानांतरित किया गया था।

पूजा का आयोजन कोचुरानी द्वारा किया जा रहा है जो मूल रूप से कोट्टायम की रहने वाली हैं लेकिन अब मलेशिया में बस गई हैं।

त्रिशूर में एंथिकाड के पास वल्लुर गांव में अलुमथाझम महावाराही देवी मंदिर में शनिवार को पूरे दिन की पूजा की गई। अगली पूजा जो पंचमी पूजा है वह 23 जून को शाम 6.30 बजे आयोजित की जाएगी।

मुख्य पुजारी, विष्णु कुट्टाले ने देवी वाराही को प्रसन्न करने के लिए पूजा की। पूजा में बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे जिन्होंने अरीकोम्बन की सलामती के लिए प्रार्थना की।

सूंढ़ में गहरे घाव वाला हाथी दिन में 15 से 20 किमी पैदल चल रहा है। कुछ हाथी विशेषज्ञों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि हाथी इडुक्की के चिन्नकनाल में अपने पुराने निवास स्थान पर लौटने का प्रयास कर रहा है।

--आईएएनएस

एकेजे

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