प्रदेश का प्रत्येक जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए — यही ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना का मूल उद्देश्य: मुख्यमंत्री

The core objective of the 'One District, One Dish' scheme is for every district in the state to showcase its unique taste, culture, and identity: Chief Minister
 
प्रदेश का प्रत्येक जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए — यही ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना का मूल उद्देश्य: मुख्यमंत्री

लखनऊ  जनवरी, 2026 :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध एवं विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ODOC) योजना के शुभारंभ का निर्णय लिया है। ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त बनाने में ‘एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP)’ योजना की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब प्रदेश की पारंपरिक पाक-कला को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश का प्रत्येक जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ODOC योजना का मूल उद्देश्य है।

सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक शक्ति में बदलेगी योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि ODOC योजना ‘वोकल फॉर लोकल’ को नई गति देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की पाक-कला की समृद्ध विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी। यह पहल केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बने—इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।

पारंपरिक व्यंजन बने जनपद की पहचान

मुख्यमंत्री जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि—

  • मैनपुरी की सोनपापड़ी

  • मथुरा का पेड़ा

  • अलीगढ़ की चमचम

  • हाथरस की रबड़ी

  • कासगंज का कलाकंद व मूंग का दलमा

  • एटा की चिकोरी

  • सुलतानपुर की कड़ाहा पूरी व कोहड़े की सब्ज़ी

  • बाराबंकी की चंद्रकला

  • आजमगढ़ का सफेद गाजर का हलवा

  • वाराणसी की लौंगलता

  • बरेली की सिवइयां

  • अमेठी का समोसा

  • बस्ती का सिरका

  • सिद्धार्थनगर की रामकटोरी

ये व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी के प्रतीक हैं। इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाज़ार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा।

ODOP की तर्ज पर जमीनी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि ODOC योजना को ODOP की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, जिससे पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिल सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि—

गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगीसभी उत्पाद फूड सेफ्टी मानकों के अनुरूप प्रमाणित किए जाएंGI टैगिंग को प्रोत्साहन दिया जाएयुवाओं और आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप स्वाद-आधारित नवाचार किए जाएं

कुज़ीन क्लस्टर और आधुनिक ब्रांडिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजनों की पहचान कर उन्हें ‘कुज़ीन क्लस्टर’ के रूप में विकसित किया जाए। पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए निर्माताओं और विक्रेताओं को प्रोत्साहन दिया जाए।

पर्यटन, निर्यात और हॉस्पिटैलिटी से होगा एकीकरण

बैठक में अवगत कराया गया कि ODOC योजना के अंतर्गत— पारंपरिक व्यंजनों का संरक्षण स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन रोजगार सृजन वैल्यू-चेन और मार्केट लिंकेज सुदृढ़ करना पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से एकीकरण निर्यात क्षमता का विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आधुनिक पैकेजिंग और डिजिटल पहचान

ODOC ब्रांडिंग रणनीति के तहत— ODOC लोगो के साथ जनपद-विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली प्रत्येक व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और विधि दर्शाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी फूड-ग्रेड, ईको-फ्रेंडली और सुरक्षित पैकेजिंग शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की आधुनिक तकनीक QR कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग त्योहार और क्षेत्र-आधारित विशेष पैकेजिंग डिज़ाइन को लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना उत्तर प्रदेश की पाक-कला को नई पहचान देने के साथ-साथ रोजगार, पर्यटन और निर्यात आधारित विकास का सशक्त मॉडल बनेगी।

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