दिव्यांगजनों के अधिकार और सुविधाओं को लेकर अहम फैसले, राज्य सलाहकार बोर्ड की सातवीं बैठक संपन्न
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में राज्य सलाहकार बोर्ड की सातवीं बैठक आयोजित हुई, जिसमें दिव्यांगजनों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए।
बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक समयबद्ध, निष्पक्ष और बाधारहित रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रदेश में 11 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।
बैठक के दौरान दिव्यांगजनों के निःशुल्क आवागमन, रोडवेज बसों में आरक्षित सीटों के अनिवार्य पालन, कॉक्लियर इम्प्लांट के रख-रखाव, तथा दिव्यांगजनों के लिए एक समग्र डिजिटल डेटा प्रणाली विकसित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

राज्य के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिससे दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर उपचार, परामर्श और सहायक उपकरणों की सुविधा मिल सके।नगर विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों, पार्कों और शौचालयों को दिव्यांगजन-अनुकूल एवं बाधारहित बनाया जाए। वहीं परिवहन विभाग को रोडवेज बसों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और चार आरक्षित सीटों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने को कहा गया।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को सभी विभागीय वेबसाइटों को दिव्यांगजन-अनुकूल (Accessible) बनाने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभागों को दिव्यांग बच्चों के सर्वेक्षण, विशेष शिक्षकों की उपलब्धता, तथा शिक्षण संस्थानों में रैम्प, लिफ्ट और बाधारहित शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही राज्याधीन सेवाओं में 4 प्रतिशत और शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण के प्रभावी अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांगजन योजनाओं, सुविधाओं और अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को बोर्ड के निर्णयों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
