जटिलता से सरलता' की ओर बढ़ा भारत; लखनऊ में मेगा जागरूकता कार्यक्रम के साथ यूपी में अभियान का आगाज़

India Moves 'From Complexity to Simplicity'; Campaign Launches in UP with a Mega Awareness Program in Lucknow
 
नए कानून की ताकत: 819 की जगह अब सिर्फ 536 धाराएं कार्यक्रम का उद्घाटन CBDT के माननीय सदस्य (कानून) श्री प्रसेनजीत सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि आयकर अधिनियम, 2025 दशकों पुराने 1961 के ढांचे का स्थान लेगा। इस नए ढांचे के तीन मुख्य स्तंभ हैं— सरलता, स्पष्टता और निश्चितता।  प्रमुख बदलावों पर एक नज़र:  धाराओं में कटौती: कुल धाराओं को 819 से घटाकर मात्र 536 कर दिया गया है।  नियमों का सरलीकरण: नियमों की संख्या 511 से कम होकर 333 रह गई है।  प्रपत्रों (Forms) की कमी: प्रपत्रों की संख्या को 399 से घटाकर 190 कर दिया गया है।  शब्दों में कमी: विधायी उद्देश्य को बदले बिना शब्दों की संख्या लगभग आधी कर दी गई है।  प्रमुख सुधार: FAST-DS और AI आधारित समाधान माननीय सदस्य (कानून) ने बताया कि सरकार का उद्देश्य विवादों को कम करना और करदाताओं के लिए अनुपालन (Compliance) को आसान बनाना है।  डिजिटल पहल: 'कर सेतु', 'कर साथी' (AI चैटबॉट) और 'मधुकर एक्सप्लेन्स' जैसी एनिमेटेड श्रृंखलाओं के जरिए नए कानून को समझाया जा रहा है।  ऑटोमेशन: अब करदाताओं को मैन्युअल डेटा प्रविष्टि से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रिया 'वास्तविक समय सत्यापन' (Real-time verification) व API आधारित प्री-फिलिंग पर आधारित होगी।  महत्वपूर्ण प्रावधान: अपराधमुक्तिकरण, दंडों का युक्तिकरण, अद्यतन रिटर्न और FAST-DS 2026 जैसे सुधार इस नए कानून की रीढ़ हैं।  दिग्गज हितधारकों की उपस्थिति कार्यक्रम में श्रीमती अपर्णा एम. अग्रवाल (प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, यूपी पूर्व) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही ICAI, फिक्की (FICCI), उद्योग संघों (CII, IIA), और विभिन्न बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। व्यापारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए नए कानून की मानक व्याख्यात्मक पुस्तिका (Guideline Booklet) भी जारी की गई।  उत्तर प्रदेश में आगामी 'आउटरीच' कार्यक्रमों का शिड्यूल विभाग ने आम करदाताओं तक पहुँचने के लिए यूपी के विभिन्न शहरों में विशेष सत्रों की घोषणा की है:  लखनऊ: 28 अप्रैल (TDS), मई का प्रथम सप्ताह (छूट)।  इलाहाबाद: 28 अप्रैल, 7 मई।  गोरखपुर और वाराणसी: 29-30 अप्रैल।  अन्य शहर: उन्नाव (29 अप्रैल), बाराबंकी (6 मई), बरेली (5 मई) और हल्द्वानी (30 अप्रैल)।  निष्कर्ष: जैसा कि श्री प्रसेनजीत सिंह ने कहा— "जटिलता स्वतः बढ़ती है, जबकि सरलता को सुनियोजित रूप से विकसित करना पड़ता है।" आयकर अधिनियम, 2025 इसी सुनियोजित सरलता का परिणाम है, जो भारत के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।
लखनऊ, अप्रैल 2026: भारत सरकार द्वारा कर प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम 'आयकर अधिनियम, 2025' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागरूकता की लहर अब उत्तर प्रदेश में भी शुरू हो गई है। लखनऊ में आयोजित एक भव्य 'मेगा कार्यक्रम' के माध्यम से यूपी (पूर्व) में इस राष्ट्रव्यापी अभियान का सफल शुभारंभ हुआ। यह आयोजन मिशन 'विकसित भारत' के तहत 'PRARAMBH 2026' के समापन के ठीक बाद किया गया।

नए कानून की ताकत: 819 की जगह अब सिर्फ 536 धाराएं

कार्यक्रम का उद्घाटन CBDT के माननीय सदस्य (कानून) श्री प्रसेनजीत सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि आयकर अधिनियम, 2025 दशकों पुराने 1961 के ढांचे का स्थान लेगा। इस नए ढांचे के तीन मुख्य स्तंभ हैं— सरलता, स्पष्टता और निश्चितता।

प्रमुख बदलावों पर एक नज़र:

  • धाराओं में कटौती: कुल धाराओं को 819 से घटाकर मात्र 536 कर दिया गया है।

  • नियमों का सरलीकरण: नियमों की संख्या 511 से कम होकर 333 रह गई है।

  • प्रपत्रों (Forms) की कमी: प्रपत्रों की संख्या को 399 से घटाकर 190 कर दिया गया है।

  • शब्दों में कमी: विधायी उद्देश्य को बदले बिना शब्दों की संख्या लगभग आधी कर दी गई है।

प्रमुख सुधार: FAST-DS और AI आधारित समाधान

माननीय सदस्य (कानून) ने बताया कि सरकार का उद्देश्य विवादों को कम करना और करदाताओं के लिए अनुपालन (Compliance) को आसान बनाना है।

  • डिजिटल पहल: 'कर सेतु', 'कर साथी' (AI चैटबॉट) और 'मधुकर एक्सप्लेन्स' जैसी एनिमेटेड श्रृंखलाओं के जरिए नए कानून को समझाया जा रहा है।

  • ऑटोमेशन: अब करदाताओं को मैन्युअल डेटा प्रविष्टि से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रिया 'वास्तविक समय सत्यापन' (Real-time verification) व API आधारित प्री-फिलिंग पर आधारित होगी।

  • महत्वपूर्ण प्रावधान: अपराधमुक्तिकरण, दंडों का युक्तिकरण, अद्यतन रिटर्न और FAST-DS 2026 जैसे सुधार इस नए कानून की रीढ़ हैं।

दिग्गज हितधारकों की उपस्थिति

कार्यक्रम में श्रीमती अपर्णा एम. अग्रवाल (प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, यूपी पूर्व) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही ICAI, फिक्की (FICCI), उद्योग संघों (CII, IIA), और विभिन्न बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। व्यापारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए नए कानून की मानक व्याख्यात्मक पुस्तिका (Guideline Booklet) भी जारी की गई।

उत्तर प्रदेश में आगामी 'आउटरीच' कार्यक्रमों का शिड्यूल

विभाग ने आम करदाताओं तक पहुँचने के लिए यूपी के विभिन्न शहरों में विशेष सत्रों की घोषणा की है:

  1. लखनऊ: 28 अप्रैल (TDS), मई का प्रथम सप्ताह (छूट)।

  2. इलाहाबाद: 28 अप्रैल, 7 मई।

  3. गोरखपुर और वाराणसी: 29-30 अप्रैल।

  4. अन्य शहर: उन्नाव (29 अप्रैल), बाराबंकी (6 मई), बरेली (5 मई) और हल्द्वानी (30 अप्रैल)।

जैसा कि श्री प्रसेनजीत सिंह ने कहा— "जटिलता स्वतः बढ़ती है, जबकि सरलता को सुनियोजित रूप से विकसित करना पड़ता है।" आयकर अधिनियम, 2025 इसी सुनियोजित सरलता का परिणाम है, जो भारत के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।

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