श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं: मुख्यमंत्री योगी

माघ मेला व आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

पौष पूर्णिमा पर 15–25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए विशेष सतर्कता के निर्देश

 
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं: मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर आगामी पर्व-त्योहारों एवं माघ मेला के दृष्टिगत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विशेष व्यवस्था के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर सहित माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों व मंदिर परिसरों की स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन तथा मेला क्षेत्र में सुगम प्रवेश-निकास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पौष पूर्णिमा पर स्वास्थ्य सेवाएं रहें सुदृढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में कल पौष पूर्णिमा से प्रारंभ हो रहे माघ मेले के पहले दिन अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से मजबूत किया जाए।उन्होंने अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और महिला सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती करने को भी कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि मेला क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध एवं अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। किसी भी महिला श्रद्धालु को असुविधा या भय का सामना न करना पड़े, यह प्रशासन सुनिश्चित करे।

वरिष्ठ अधिकारी स्वयं करें स्थल निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी वरिष्ठ अधिकारी आज रात्रि में ही मेला स्थल का निरीक्षण कर लें और अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दें। नदी में तेज बहाव या अधिक गहराई वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाए। किसी भी नाविक द्वारा मनमाना शुल्क वसूलने या होटलों द्वारा मनमानी किए जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी फील्ड पर जाकर इन व्यवस्थाओं की निगरानी करें।

शीतलहर को देखते हुए विशेष इंतजाम

भीषण शीतलहर के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था, अलाव जलाने, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने के लिए विवश न हो। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और जरूरतमंदों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए।

कानून-व्यवस्था और स्वच्छता पर कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने संगठनों के नाम पर अराजकता फैलाने, गुंडागर्दी करने या प्रशासन पर दबाव बनाने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।नगर विकास एवं पंचायतीराज विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी जनपदों में स्वच्छता अभियान तेज किया जाए, विशेष रूप से मलिन बस्तियों में साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे संक्रामक रोगों की संभावना रोकी जा सके।

बाढ़ बचाव योजना 10 दिनों में तैयार करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों को बाढ़ बचाव योजना के संबंध में अगले 10 दिनों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए और इसे मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव को सूचित करने को कहा।

जनसुनवाई और यातायात व्यवस्था पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने भूमि कब्जा करने वाले माफिया और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए जिला स्तर पर नियमित जनसुनवाई कर शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग को जिला मुख्यालयों, सर्किट हाउस, तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों के समीप स्थायी हेलीपैड के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।यातायात जाम की समस्या को देखते हुए अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और वेंडरों को हटाकर निर्धारित स्थलों पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।

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