निर्यात तैयारी सूचकांक–2024 में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, देश में चौथे स्थान पर पहुंचा प्रदेश

योगी सरकार की नीतियों का असर, भू-आबद्ध राज्यों में पहला स्थान

ओवरऑल रैंकिंग में सातवें से चौथे स्थान तक हुआ ऐतिहासिक सुधार

निर्यात नीति, ODOP, ट्रेड शो और अवसंरचना सुधारों से बदली तस्वीर

 
निर्यात तैयारी सूचकांक–2024 में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, देश में चौथे स्थान पर पहुंचा प्रदेश

लखनऊ,  जनवरी 2026  उत्तर प्रदेश आज केवल तेजी से उभरता हुआ निर्यातक राज्य ही नहीं, बल्कि निर्यात को रोजगार सृजन, निवेश, क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ते हुए एक नए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में भी स्थापित हो रहा है। इसका ताजा प्रमाण नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक–2024 (Export Preparedness Index–EPI 2024) में प्रदेश की शानदार रैंकिंग है।

बुधवार को जारी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने ओवरऑल चौथा स्थान प्राप्त किया है, वहीं भू-आबद्ध (लैंडलॉक्ड) राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश ओवरऑल सातवें स्थान पर और भू-आबद्ध राज्यों में दूसरे स्थान पर था। मात्र दो वर्षों में यह ऐतिहासिक छलांग राज्य में किए गए व्यापक निर्यात सुधारों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू निर्यात-प्रोत्साहन नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।

निर्यात अवसंरचना और नीतिगत सुधारों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निर्यात अवसंरचना को मजबूत करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, उत्पाद विविधीकरण और कारोबारी माहौल को सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया गया। mउत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति, एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स सुधार, बेहतर रोड कनेक्टिविटी और ड्राई पोर्ट जैसी पहलों ने प्रदेश की निर्यात तत्परता को नई गति दी है।

सरकार द्वारा माल भाड़ा व्यय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेलों और प्रदर्शनियों में सहभागिता, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग शुल्क, कुरियर एवं एयर-फ्रेट खर्च तथा निर्यात क्रेडिट गारंटी पर दी जा रही प्रतिपूर्ति से निर्यातकों का लागत बोझ कम हुआ है और वे वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बने हैं।

इंटरनेशनल ट्रेड शो बना निर्यातकों के लिए बड़ा मंच

पिछले तीन वर्षों से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य के निर्यातकों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। इसके माध्यम से प्रदेश के एमएसएमई, पारंपरिक कारीगर और उद्यमी अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़े, जिससे नए बाजारों में प्रवेश और निर्यात ऑर्डरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस पहल से हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य-प्रसंस्करण, चमड़ा, फार्मा और एग्री-बेस्ड उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

सभी प्रमुख मानकों पर उत्तर प्रदेश का शानदार प्रदर्शन

नीति आयोग ने EPI-2024 की रैंकिंग चार प्रमुख स्तंभों—निर्यात अवसंरचना, बिजनेस इकोसिस्टम, नीति एवं सुशासन और निर्यात प्रदर्शन—तथा 13 उप-स्तंभों के 70 संकेतकों के आधार पर तैयार की है। इन सभी मानकों पर उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। निर्यात पोर्टफोलियो का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच, सुदृढ़ लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम और उद्योग-अनुकूल नीतियों ने प्रदेश की स्थिति को और मजबूत किया है।

बिना समुद्री तट के भी चौथा स्थान बड़ी उपलब्धि

EPI-2024 रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे तटीय राज्य रहे हैं। इसके बावजूद समुद्री तट न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का देश में चौथे स्थान पर पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तटीय सुविधा न होने के कारण प्रदेश के निर्यातकों को बंदरगाहों तक माल पहुंचाने में अतिरिक्त समय और लागत का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार के संरचनात्मक सुधार, मजबूत नीति समर्थन और सक्रिय हैंड-होल्डिंग ने प्रदेश के निर्यातकों को वास्तविक और स्थायी लाभ पहुंचाया है।

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