Aaj ka Panchang 13 September 2026: रविवार को हस्त नक्षत्र और शुक्ल योग, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त

Panchang for September 13, 2026: Hasta Nakshatra and Shukla Yoga on Sunday; check Rahu Kaal and auspicious timings.
 
Aaj ka Panchang  13 September 2026

13 सितंबर 2026, रविवार का पंचांग: हिंदू पंचांग के अनुसार 13 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी, जो सुबह करीब 7:08 बजे तक है। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन हस्त नक्षत्र दोपहर करीब 1:06-1:07 बजे तक रहेगा, जबकि शुक्ल योग दोपहर करीब 1:40-1:42 बजे तक रहने की गणना है। रविवार के दिन सूर्यदेव की उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं 13 सितंबर का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

13 सितंबर 2026 का पंचांग

  • वार: रविवार
  • मास: भाद्रपद
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • तिथि: द्वितीया सुबह करीब 7:08 बजे तक, इसके बाद तृतीया
  • नक्षत्र: हस्त दोपहर करीब 1:07 बजे तक
  • योग: शुक्ल योग दोपहर करीब 1:40-1:42 बजे तक
  • करण: कौलव, इसके बाद तैतिल
  • चंद्र राशि: कन्या
  • सूर्य राशि: सिंह

13 सितंबर के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह लगभग 4:30 बजे से 5:18 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:20 बजे से 3:10 बजे तक
अमृत काल: सुबह करीब 7:04 बजे से 8:41 बजे तक

समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

दिल्ली में राहुकाल का समय

रविवार को दिल्ली में राहुकाल शाम करीब 4:56 बजे से 6:29 बजे तक रहेगा। इस अवधि को पारंपरिक ज्योतिष में नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। अन्य शहरों में सूर्योदय-सूर्यास्त के अंतर के कारण राहुकाल के समय में भी बदलाव हो सकता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय: सुबह करीब 6:05 बजे
सूर्यास्त: शाम करीब 6:29 बजे

दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग गणनाओं में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में एक-दो मिनट का अंतर दिखाई देता है।

हस्त नक्षत्र का महत्व

हस्त 27 नक्षत्रों में 13वां नक्षत्र माना जाता है। ज्योतिषीय परंपरा में इसका संबंध चंद्रमा से माना जाता है और इसकी राशि कन्या है। ‘हस्त’ शब्द का अर्थ हाथ से जुड़ा है, इसलिए इसे कौशल, कर्मठता और कार्यकुशलता से भी जोड़ा जाता है।

पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं में हस्त नक्षत्र को कई प्रकार के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि किसी व्यक्ति के लिए शुभ-अशुभ फल केवल नक्षत्र के आधार पर तय नहीं किए जाते, बल्कि जन्म कुंडली और अन्य ग्रह स्थितियों को भी देखा जाता है।

शुक्ल योग का महत्व

13 सितंबर को दोपहर तक शुक्ल योग रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्ल योग को शुभ योगों में गिना जाता है। माना जाता है कि इस दौरान किए गए धार्मिक, आध्यात्मिक और शुभ कार्यों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। ध्यान रहे कि पंचांग के मुहूर्त और समय स्थान तथा परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना उचित है।

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