Akshaya Tritiya 2026 : 19 अप्रैल को बन रहा है दुर्लभ 'त्रिपुष्कर योग', इन 5 कार्यों को करने से मिलेगा तिगुना फल
कैसे बन रहा है त्रिपुष्कर योग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, त्रिपुष्कर योग तब बनता है जब रविवार, मंगलवार या शनिवार के दिन द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी तिथि हो और साथ ही विशेष नक्षत्र (कृतिका, पुनर्वसु, उत्तराफाल्गुनी आदि) का संयोग हो।
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तिथि व वार: 19 अप्रैल को रविवार है और सुबह 10:52 तक द्वितीया तिथि रहेगी।
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नक्षत्र: इस दिन सुबह 07:10 से कृतिका नक्षत्र प्रभावी होगा। इन विशिष्ट स्थितियों के मिलन से त्रिपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन की महत्ता को कई गुना बढ़ा देता है।
त्रिपुष्कर योग और अक्षय तृतीया पर जरूर करें ये 5 कार्य
इस शुभ संयोग में किए गए कार्यों से न केवल लाभ मिलता है, बल्कि वे लंबे समय तक अक्षय (जिसका क्षय न हो) बने रहते हैं:
1. नए निवेश की शुरुआत
यदि आप शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी नए बिजनेस में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो 19 अप्रैल का दिन सर्वश्रेष्ठ है। त्रिपुष्कर योग के प्रभाव से आपके निवेश में तिगुनी वृद्धि होने की संभावना रहती है।
2. स्वर्ण (सोने) की खरीदारी
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना परंपरा रही है, लेकिन इस बार त्रिपुष्कर योग होने के कारण सोना खरीदना भविष्य में आपकी संपत्ति को तीन गुना बढ़ा सकता है। यह धातु आपके घर में समृद्धि और लक्ष्मी का स्थाई वास सुनिश्चित करती है।
3. नई कला या कौशल (Skill) का आरंभ
यदि आप कोई नई भाषा, संगीत (गायन-वादन) या कोई व्यावसायिक स्किल सीखना चाहते हैं, तो इस दिन से शुरुआत करें। इस शुभ मुहूर्त में सीखी गई विद्या भविष्य में आपको अपार सफलता और लाभ दिलाती है।
4. नए बचत खाते (Savings Account) का शुभारंभ
आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए इस दिन नया बैंक खाता खोलना या गुल्लक शुरू करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन संचित किया गया धन निरंतर बढ़ता रहता है।
5. धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य
अक्षय तृतीया पर दान का फल कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन किया गया पूजन, हवन या जरूरतमंदों को दान करने से न केवल ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि यह संचित पापों से मुक्ति दिलाकर अक्षय पुण्य फल प्रदान करता है।
