Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ के बड़े मंगल पर भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, रूठ सकते हैं संकटमोचन हनुमान
Bada Mangal 2026: हिंदू धर्म संस्कृति में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का अत्यधिक धार्मिक महत्व है, जिन्हें 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के नाम से जाना जाता है। आज 2 जून 2026 को ज्येष्ठ माह का पांचवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस विशेष दिन पर की गई बजरंगबली की भक्ति और सेवा से जीवन के सारे कष्ट और मंगल दोष पल भर में दूर हो जाते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, जहाँ बड़े मंगल पर की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है, वहीं इस दिन अनजाने में की गई कुछ गलतियां हनुमान जी को नाराज कर सकती हैं और आपके जीवन में परेशानियां खड़ी कर सकती हैं। आइए जानते हैं कि आज के दिन आपको किन 3 कामों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए।
1. तामसिक भोजन और नशीली चीजों का सेवन वर्जित
बड़े मंगल के पावन अवसर पर खान-पान की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
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इनसे बचें: इस दिन भूलकर भी मांस, मछली, अंडा या किसी भी तरह के नशीले पदार्थों (मदिरा/शराब) का सेवन नहीं करना चाहिए।
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सात्विक रसोई: यदि आप इस दिन व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तो भी घर की रसोई में लहसुन और प्याज का प्रयोग करने से बचें।
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धार्मिक मान्यता: बड़े मंगल के दिन तामसिक भोजन करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जिससे आर्थिक तंगी और पारिवारिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पूरी तरह सात्विक दिनचर्या का पालन करें।
2. काले और सफेद रंग के वस्त्रों से करें तौबा
रंगों का हमारे जीवन और पूजा-पाठ पर गहरा प्रभाव पड़ता है। हनुमान जी की आराधना में रंगों का चयन बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।
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वर्जित रंग: बड़े मंगल के दिन काले और सफेद रंग के कपड़े पहनने से सख्त परहेज करना चाहिए। विशेषकर जब आप बजरंगबली की पूजा या सुंदरकांड का पाठ कर रहे हों, तब इन रंगों को बिल्कुल न धारण करें। काला रंग जीवन में निराशा और नकारात्मकता को बढ़ावा देता है।
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शुभ रंग: आज के दिन पूजा-अर्चना के लिए लाल, पीले या नारंगी (भगवा) रंग के वस्त्र पहनना सबसे उत्तम, फलदायी और मंगलकारी माना गया है।
3. बुजुर्गों, असहायों का अपमान और अभद्र भाषा का प्रयोग
बजरंगबली को 'करुणा के सागर' कहा जाता है। वे उन भक्तों से कभी प्रसन्न नहीं होते जो दूसरों को दुख पहुँचाते हैं।
बड़े मंगल के दिन किसी भी कमजोर, गरीब, भिक्षुक या जरूरतमंद इंसान को अपने दरवाजे से खाली हाथ न लौटाएं। अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें अन्न, जल या धन का दान अवश्य करें।
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वाणी पर नियंत्रण: आज के दिन परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं या किसी भी व्यक्ति को अपशब्द (कटु वचन) न बोलें। किसी का भी किया गया अनादर हनुमान जी को क्रोधित कर सकता है, जिससे बनते हुए काम भी बिगड़ जाते हैं।
बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सुबह या शाम के समय हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। इसके साथ ही राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना और बूंदी के प्रसाद का वितरण करना बेहद शुभ और पुण्यकारी माना जाता है।
