Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी 'बड़ा मंगल' आज, जानें पूजा का सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त, विधि और चमत्कारी मंत्र
सनातन धर्म में मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी की आराधना के लिए समर्पित है, लेकिन ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इसी पावन महीने में हनुमान जी की मुलाकात अपने आराध्य प्रभु श्री राम से हुई थी।
साल 2026 का आखिरी बड़ा मंगल 23 जून को मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर यदि आप बजरंगबली को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो जानें पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त, सही विधि और प्रभावशाली मंत्र।
बड़ा मंगल 2026: पूजा के 3 सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त
इस साल आखिरी बड़े मंगल पर हनुमान जी की साधना के लिए तीन विशेष और बेहद फलदायी मुहूर्त बन रहे हैं। आप अपनी सुविधानुसार इन समयों पर पूजा कर सकते हैं:
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:04 बजे से सुबह 04:44 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक
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संध्या काल (शाम का मुहूर्त): शाम 07:22 बजे से रात 08:23 बजे तक
बड़े मंगल की संपूर्ण पूजा विधि
बजरंगबली की कृपा पाने के लिए आज के दिन इस सरल और शास्त्रोक्त विधि से पूजा करें:
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स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। इस दिन लाल, नारंगी (ऑरेंज) या केसरिया रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
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आसन और दीपक: पूजा स्थान पर लाल रंग का आसन बिछाकर बैठें। हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सामने गाय के घी का दीपक और धूपबत्ती जलाएं।
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श्रृंगार और अर्पण: महाबली हनुमान को लाल रंग के पुष्प (फूल) और विशेष रूप से सिंदूर अर्पित करें।
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भोग और तुलसी दल: बजरंगबली को उनकी प्रिय चीजों जैसे— बूंदी, बेसन के लड्डू, केला, गुड़-चना या चूरमे का भोग लगाएं। ध्यान रहे, हनुमान जी के भोग में तुलसी का पत्ता (तुलसी दल) जरूर रखें, इसके बिना भोग अधूरा माना जाता है।
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पाठ और आरती: पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके बाद बजरंगबली की आरती गाएं और नीचे दिए गए मंत्रों का यथाशक्ति जाप करें।
संकटों से मुक्ति दिलाएंगे हनुमान जी के ये प्रभावी मंत्र
पूजा के समय रुद्राक्ष की माला से इन मंत्रों का जाप करने से सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं:
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सामान्य मंत्र:
$$ॐ हनुमते नमः$$
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मनोकामना पूर्ति मंत्र:
$$ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नमः।$$
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हनुमान गायत्री मंत्र:
$$ॐ आंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्।$$
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कष्ट निवारण मंत्र:
$$ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।$$
