bada mangal 9 june 2026 : आज छठे बड़े मंगल पर हनुमान चालीसा पढ़ते समय भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां, वरना खंडित हो जाएगी पूजा

Bada Mangal 2026: Today, on the sixth Bada Mangal, do not make these 6 mistakes while reciting Hanuman Chalisa, otherwise the worship will be disrupted.
 
Bada Mangal 2026

bada mangal 9 june 2026  :  सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह में आने वाले सभी मंगलवारों का अत्यधिक पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व है, जिन्हें 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन काल में प्रभु श्री राम से हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी। आज यानी 9 जून 2026 को ज्येष्ठ मास का छठा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है।

इस विशेष दिन पर बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत रखते हैं और सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। ज्योतिष व शास्त्रों के अनुसार, हनुमान चालीसा की प्रत्येक चौपाई एक सिद्ध मंत्र की तरह काम करती है। इसलिए, इसका पाठ करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि पाठ के दौरान अनजाने में भी कुछ गलतियां हो जाएं, तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। आइए जानते हैं हनुमान चालीसा पढ़ते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

हनुमान चालीसा का पाठ करते समय कभी न करें ये 6 महागलतियां:

1. सीधे जमीन या बिस्तर पर बैठकर पाठ करना

शास्त्रों के अनुसार, हनुमान चालीसा का पाठ कभी भी सीधे जमीन पर या सोने वाले बिस्तर पर बैठकर नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से पूजा का फल निष्फल हो जाता है। हमेशा पूजा घर में एक साफ-सुथरे कुशा या ऊनी आसन पर बैठकर ही पाठ की शुरुआत करें।

2. पूजा और भोग में तुलसी दल (पत्ता) शामिल न करना

बजरंगबली की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक कि उन्हें तुलसी अर्पित न की जाए। पाठ शुरू करने से पहले चमेली के तेल या शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमान जी को बेसन या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं और उस भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें। बिना तुलसी के हनुमान जी भोग स्वीकार नहीं करते हैं।

3. जल्दबाजी में अशुद्ध उच्चारण करना

कई लोग समय की कमी के कारण बहुत तेजी से या जल्दबाजी में चालीसा के शब्दों को पढ़ते हैं, जिससे उच्चारण अशुद्ध हो जाता है। चूंकि इसकी हर चौपाई महामंत्र के समान प्रभावी है, इसलिए शांत चित्त होकर साफ और स्पष्ट शब्दों में ही पाठ करें ताकि ध्वनि का सकारात्मक कंपन आपके आस-पास निर्मित हो सके।

4. पाठ के बीच में बातचीत या इशारे करना

हनुमान चालीसा का पाठ करते समय आपका पूरा ध्यान केवल हनुमान जी के चरणों में होना चाहिए। पाठ के दौरान बीच में ही उठ जाना, किसी से बात करना, फोन उठाना या हाथों से इशारे करना बेहद गलत माना जाता है। ऐसा करने से पूजा खंडित हो जाती है।

5. शारीरिक व मानसिक अशुद्धता

बजरंगबली की साधना में पवित्रता का स्थान सबसे ऊपर है। बिना स्नान किए, गंदे कपड़ों में या मन में किसी के प्रति कटुता व द्वेष रखकर चालीसा का पाठ भूलकर भी न करें। पाठ से पूर्व स्वयं को और पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें।

6. तामसिक भोजन का सेवन और नियमों की अनदेखी

यदि आप बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा का विशेष पाठ कर रहे हैं, तो उस दिन घर में पूरी तरह सात्विकता का माहौल होना चाहिए। इस दिन भूलकर भी मांस, मदिरा, प्याज या लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन न करें और पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।

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